फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   10 lakh Rupees Discount for make Home stay in mountain Areas of uttarakhand

उत्तराखंड: पहाड़ों में होम स्टे चलाने पर मिलेगी 10 लाख तक की छूट

Mon, 25 Nov 2019 08:53 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 25 Nov 2019 08:53 AM IST
सार

  • होम स्टे योजना की जानकारी देने के लिए प्रदेश भर में लगेंगे शिविर
  • सरकार ने 2020 तक पांच हजार होम स्टे बनाने का रखा है लक्ष्य 

विज्ञापन
10 lakh Rupees Discount for make Home stay in mountain Areas of uttarakhand
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

पहाड़ों से पलायन रोकने और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार का होम स्टे योजना पर विशेष फोकस है। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के ठहरने के लिए पहाड़ों में होम स्टे बनाने पर सरकार 33 प्रतिशत यानी 10 लाख रुपये तक छूट दे रही है। इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से प्रदेश भर में शिविर लगाए जाएंगे। सरकार ने 2020 तक प्रदेश में पांच हजार होम स्टे बनाने का लक्ष्य रखा है। 

विज्ञापन


पर्यटन विभाग ने दीनदयाल होम स्टे और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना की जानकारी देने के लिए प्रदेश में जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में इन योजनाओं की सही जानकारी नहीं होने से लोगों को इनका लाभ नहीं मिल रहा है। होम स्टे योजना में अभी तक 32 होम स्टे को बैंकों ने ऋण दिया है।
विज्ञापन


अब जागरूकता शिविर में योजनाओं की बारीकी से जानकारी दी जाएगी। शिविर में पर्यटन विभाग व बैंक के प्रतिनिधि लाभार्थियों को योजना से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के बारे में बताएंगे। बता दें कि दीनदयाल होम स्टे योजना में कोई भी व्यक्ति मकान को होम स्टे के रूप में पंजीकृत कर सकता है और इसे पर्यटक आवास के रूप प्रयोग में ला सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


होम स्टे योजना के तहत मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत या साढ़े सात लाख रुपये और पर्वतीय क्षेत्रों में 33 प्रतिशत या 10 लाख रुपये तक की छूट का प्रावधान किया गया है। वहीं ब्याज में भी पहले 5 वर्ष तक मैदानी क्षेत्रों में एक लाख व पर्वतीय क्षेत्रों में डेढ़ लाख प्रति वर्ष तक की छूट रखी गई है। सरकार ने होम स्टे लाभार्थियों को स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति करने का निर्णय लिया है। यदि कोई व्यक्ति होम स्टे के लिए बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण लेता है तो उसे सात प्रतिशत के हिसाब से 70 हजार स्टांप शुल्क देना पड़ता था।

लेकिन अब पर्यटन विभाग के माध्यम से इसकी प्रतिपूर्ति की जाएगी। प्रदेश के किसी एक क्षेत्र में छह से अधिक होम स्टे पंजीकृत होते हैं तो सरकार सड़क, बिजली, पानी, पार्क समेत अन्य अवस्थापना कार्य कराके इस क्षेत्र के बतौर क्लस्टर विकसित करेगी। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर इसका प्रचार प्रसार किया जाएगा। पलायन कर चुके लोग वापस गांव लौट कर होम स्टे को रोजगार के रूप में अपना सकते हैं। 


होम स्टे व वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना की जानकारी के लिए प्रदेश में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इस बारे में सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। पलायन रोकने व रोजगार के लिए होम स्टे एक महत्वाकांक्षी योजना है। स्थानीय लोग अपने घरों को होम स्टे के रूप में पंजीकृत करवाते हैं या अपनी भूमि पर नया होम स्टे बनते हैं तो इसके लिए सरकार की तरफ से वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इन योजनाओं से पर्वतीय क्षेत्रों को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
- दिलीप जावलकर, सचिव, पर्यटन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed