फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand floods

बच्ची नहीं जानती कि दादी और मां क्यों रो रहे

Thu, 11 Jul 2013 09:47 AM IST
ऊखीमठ/ब्यूरो
ऊखीमठ/ब्यूरो Updated Thu, 11 Jul 2013 09:47 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand floods

ऊखीमठ के समीप पठाली गांव ज्योतिष रोड देखने में जितना सुंदर नजर आता है, उतना ही अभागा है। महा आपदा ने एक गांव के 11 लोगों की जिंदगी लील ली।

विज्ञापन


इनमें पांच युवक भी थे। इसी गांव में एक परिवार ऐसा भी है जहां अब कोई पुरुष नहीं रह गया। अकेली सास, उनकी दो पुत्र वधू और एक साल की बच्ची पूरी तरह असहाय हो गई।
विज्ञापन


पूरा गांव रो रहा
इस गांव में तबाही के बाद की वीरानी है। यहां के रास्ते से निकलते हुए राइफल मैन गीता तिवारी कहते हैं कि वहां कौन किस को समझाए, जहां पूरा गांव रो रहा है। छुट्टियों में केदारनाथ जाकर घूमने और कुछ रोजगार कमाने पांच साथी भी हमेशा केलिए विदा हो गए आप महसूस कर सकते है कि जहां विनाश में एक ही रात में 11 लोगों वली ले है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राइफलमैन गीता प्रसाद तिवारी को अपनी ड्यूटी निभाने के लिए गुप्तकाशी जाना था। वह गांव से पैदल ही सफर के लिए निकल पड़ते हैं पर गांव के बाकी लोगों के लिए यह संभव नहीं। यहां से फिलहाल अगस्त्यमुनि या गुप्तकाशी पहुंचना आसान नहीं। सारे रास्ते खराब हैं। पठाली गांव केलोग केदारनाथ से जुड़े हुए थे।

पढ़े, उत्तराखंड आपदा की खबरों की विशेष कवरेज


यात्रा सीजन में यहां के अधिकांश लोग केदारनाथ चले जाते हैं। वहां छोटे-मोटे कारोबार से लेकर घोड़ा, कंडी का काम करते थे। इससे गांव की आजीविका चल रहीं थी। इस आपदा ने सब खत्म कर दिया।

तेजस्वर सिंह और उनका छोटा बेटा इस महा आपदा में लापता हो गए हैं। अब उनके बचे होने की कोई उम्मीद नहीं कर रहा। विडंबना यह है कि इसी साल 14 अप्रैल को तेजेस्वर सिंह के बड़े बेटे की देवप्रयाग में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। परिवार उसके सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि फिर आपदा आ गई और सब तहस नहस हो गया।

वापस नहीं लौटे
तेजेस्वर सिंह के साथ उसके छोटे बेटे का भी पता नहीं है। घर पर उसकी डेढ़ साल की अबोध बच्ची टुकुर-टुकुर अपनी दादी और मां को देखती है। उसे नहीं पता कि घर में सब क्यों रो रहे हैं। ऐसे मातम उन घरों में भी पसरा है जहां बाकी 9 लोग अभी वापस नहीं लौटे है जिनमें युवाओं के लिए मां बाप बिलख रहे हैं।

खबर पर राय देने के लिए यहां क्लिक करें

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed