फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   आपदा की भेंट चढे़ दर्जनभर स्कूल

आपदा की भेंट चढे़ दर्जनभर स्कूल

Tue, 20 Aug 2013 05:34 AM IST
Dehradun
Dehradun Updated Tue, 20 Aug 2013 05:34 AM IST
विज्ञापन
त्यूनी। चकराता विकासखंड में सरकारी स्कूलों के भवनों पर बारिश का कहर जारी है। जुलाई और अगस्त माह में हुई बारिश से 12 स्कूलों के भवनों को भारी क्षति पहुंची है। जिसके चलते करीब 500 छात्रों को खतरा बना हुआ है। जबकि जून माह में भारी बारिश के चलते 15 प्राथमिक विद्यालयों के भवन पहले से ही क्षतिग्रस्त पडे़ हैं। ऐसे में विभाग के सामने भी कक्षाओं के संचालन की समस्या खड़ी हो गई है। नौनिहालों की सुरक्षा के मद्देनजर अभिभावक भी सुरक्षित स्थानों पर कक्षाओं के संचालन की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन


क्षेत्र में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जुलाई और अगस्त माह में हुई बारिश से प्राथमिक विद्यालय खोलरा, शेड़िया, दौधा, कंदाड़, हाजा, कुनैन, जूनियर हाईस्कूल गुतिया खाटल, आसोई, कुल्हा, सैंज, हनोल और हाईस्कूल भटाड़ के भवन गिरासू स्थिति में पहुंच गए हैं। कहीं भवनों में दरारें पड़ गई हैं तो कहीं सुरक्षा दीवारें ढह गई हैं। कई विद्यालयों के कमरों में मलबा भरा हुआ है। लगातार भूस्खलन से छात्रों को खतरा बना हुआ है। अभिभावक विजयपाल सिंह, केआर जोशी, लायक राम का कहना है कि उन्हें अपने बच्चों की चिंता सताती रहती हैं। गिरासू भवन कभी भी किसी हादसे का सबब बन सकते हैं।
विज्ञापन


आपदा से क्षतिग्रस्त हुए भवनों की रिपोर्ट जिला परियोजना कार्यालय को भेजी गई है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सीआरसी भवन, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्रों में कक्षाओं के संचालन के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मोहनलाल शर्मा, बीआरसी चकराता

40 स्कूल भवन बच्चों के बैैठने लायक नहीं
साहिया। विभागीय उपेक्षा और आपदा की मार के चलते कालसी ब्लाक के प्राथमिक स्कूलों की स्थिति खस्ताहाल बनी है। स्थिति यह है कि शिक्षा विभाग ने 40 प्राथमिक विद्यालयों के भवनों को निष्प्रोज्य घोषित कर दिया है। इन विद्यालयों में करीब 1200 छात्र-छात्राएं शिक्षणरत हैं। जनजातीय क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों के भवन तीस से चालीस साल पुराने हैं। मरम्मत न होने से भवन जीर्णशीर्ण हालत में है।

रही सही कसर इस साल आपदा ने पूरी कर दी। प्राथमिक विद्यालय अलसी के विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आनंद सिंह बिष्ट और मथेऊ के प्रधान हाकम सिंह का कहना है कि विभागीय कार्रवाई महज भवनों को निष्प्रोज्य घोषित करने तक सीमित है। उन्होंने भवनों के शीघ्र नवनिर्माण की मांग की है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय दातनू, अलसी, डिमऊ, जामुआ, बड़नू, सुरेऊ, भंजरा, मथेऊ, डामठा, साहिया, उत्पाल्टा, खमरोली, क्वानू संभर, रुपऊ, ककड़ी, कनबुआ समेत 40 प्राथमिक स्कूलों के भवन गिरासू स्थिति में है।


बीईओ मुनीश चंद्र मिश्रा का कहना है कि भवनों का लोनिवि से सर्वे कराया गया था। जो कक्षा संचालन के काबिल नहीं रह गए हैं। खतरे की आशंका के चलते इन भवनों को निष्प्रोज्य घोषित कर दिया गया है। संबंधित प्रधानाध्यापकों को वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। नए भवनों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed