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युवा खिलाड़ियों के लिए आईबीएल नया प्लेटफार्म
Dehradun
Updated Wed, 24 Jul 2013 05:33 AM IST
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देहरादून। देश में इंडियन बैडमिंटन लीग की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड के युवा खिलाड़ियों के लिए भी नए रास्ते खुलने लगे हैं। हालांकि अभी राज्य का कोई भी खिलाड़ी लीग में शामिल होने की कैटेगरी में नहीं हैं। मगर खेल जानकारों की मानें तो उत्तराखंड के खिलाड़ी भी जल्द ही आईबीएल में दिखने लगेंगे।
लक्ष्य सेन, चिराग सेन, कुहु गर्ग, वैभव चौहान अंडर-13 से अंडर-19 वर्ग तक राज्य के बैडमिंटन खिलाड़ी अपना जलवा दिखा रहे हैं। सभी अंडर-16 कैटेगरी में होने के कारण अभी सब जूनियर स्तर पर गिने जाते हैं। मगर अपने खेल से इन्होंने बढ़े-बढ़े दिग्गजों का दिल भी जीत लिया है।
आईबीएल में सीनियर व जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों को लिया गया है। मगर उत्तराखंड के खिलाड़ी अभी सब जूनियर वर्ग में हैं, इस कारण इंडियन बैडमिंटन लीग में इन खिलाड़ियों को नहीं लिया गया। जूनियर टीम के कोच डीके सेन का कहना है कि आईबीएल ने युवा खिलाड़ियों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं।
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आईपीएल की तर्ज पर हो रहे इस टूर्नामेंट में खेल, पैसा और शोहरत सभी कुछ है। लीग से खिलाड़ियों में कंप्टीशन की भावना बढ़ेगी, जिसका फायदा अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में देखने को मिलेगा। युवा खिलाड़ियों के खेल को देखते हुए कहा जा सकता है कि अगले दो-तीन सालों में आईबीएल में उत्तराखंडी खिलाड़ी भी खेलते नजर आएंगे। वहीं दून के बैडमिंटन कोच दीपक रावत ने आईबीएल को बेहतरीन प्रतियोगिता बताया है। उनका कहना है कि इससे खिलाड़ियों में भी बेहतर खेलने की इच्छा पैदा होगी।
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लक्ष्य सेन, चिराग सेन, कुहु गर्ग, वैभव चौहान अंडर-13 से अंडर-19 वर्ग तक राज्य के बैडमिंटन खिलाड़ी अपना जलवा दिखा रहे हैं। सभी अंडर-16 कैटेगरी में होने के कारण अभी सब जूनियर स्तर पर गिने जाते हैं। मगर अपने खेल से इन्होंने बढ़े-बढ़े दिग्गजों का दिल भी जीत लिया है।
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आईबीएल में सीनियर व जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों को लिया गया है। मगर उत्तराखंड के खिलाड़ी अभी सब जूनियर वर्ग में हैं, इस कारण इंडियन बैडमिंटन लीग में इन खिलाड़ियों को नहीं लिया गया। जूनियर टीम के कोच डीके सेन का कहना है कि आईबीएल ने युवा खिलाड़ियों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं।
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आईपीएल की तर्ज पर हो रहे इस टूर्नामेंट में खेल, पैसा और शोहरत सभी कुछ है। लीग से खिलाड़ियों में कंप्टीशन की भावना बढ़ेगी, जिसका फायदा अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में देखने को मिलेगा। युवा खिलाड़ियों के खेल को देखते हुए कहा जा सकता है कि अगले दो-तीन सालों में आईबीएल में उत्तराखंडी खिलाड़ी भी खेलते नजर आएंगे। वहीं दून के बैडमिंटन कोच दीपक रावत ने आईबीएल को बेहतरीन प्रतियोगिता बताया है। उनका कहना है कि इससे खिलाड़ियों में भी बेहतर खेलने की इच्छा पैदा होगी।