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ऑनलाइन पुलिसिंग पर बीएसएनएल का ग्रहण
देहरादून/ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2013 10:09 AM IST
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थानों में ऑनलाइन मुकदमे दर्ज कराने की क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) योजना पर बीएसएनएल की लचर सेवाओं ने ग्रहण लगा दिया है।
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पुलिस के लिए काम करना मुश्किल
प्रदेश के पहले सीसीटीएनएस थाने डालनवाला में योजना के लिए बीएसएनएल से इंटरनेट कनेक्शन लिया गया है। लेकिन यहां नेट की रफ्तार इतनी धीमी है कि पुलिस के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। आलम यह है कि योजना की देखरेख को दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने भी ऐसे हालात में काम करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
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खास बात यह है कि इस संबंध में कई बार बीएसएनएल को जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन निगम इसका स्थायी समाधान नहीं निकाल रहा। हर बार मरम्मत के एक-दो दिन बाद फिर दिक्कत आ रही है। राजधानी में यह हाल है तो बाकी जिलों में काम कैसे होगा, यह अंदाजा लगाया जा सकता है।
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‘ये भारत पेट्रोलियम नहीं, थाना है’
केंद्र सरकार की बेहद महत्वपूर्ण योजना होने के बावजूद बीएसएनएल शुरुआत से ही इसे लेकर लापरवाह बना हुआ है। 30 जून को एसएसपी केवल खुराना ने डालनवाला थाने में योजना का उद्घाटन किया। तब बीएसएनएल ने तुरंत यहां नेट कनेक्शन भी दे दिया। लेकिन, थाने में फोन आने लगे तो पुलिसकर्मी और आईटी विशेषज्ञ चकरा गए।
दरअसल, यहां तहरीर, मुकदमों की बजाय कॉलर पेट्रोल की कीमत की जानकारी, पंपों की शिकायतें करने लगे। दो दिन तक लगातार ऐसी काल आईं तो पुलिस ने बीएसएनएल से संपर्क किया। तब मालूम हुआ कि निगम ने जल्दबाजी में थाने में भारत पेट्रोलियम का कनेक्शन जोड़ दिया था। इसके बाद यह कनेक्शन हटाया गया, लेकिन अब नेट की कछुआ चाल परेशान किए हुए है।
यह है योजना
सीसीटीएनएस केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके तहत देश के सभी थाने एक-दूसरे से ऑनलाइन अटैच हो जाएंगे। इसके बाद कोई भी व्यक्ति कहीं से भी मेल पर तहरीर दर्ज करा सकेगा। किसी थाने में दर्ज मुकदमों की जानकारी भी इंटरनेट के जरिये हासिल की जा सकेगी।
दिल्ली में इसका मुख्य सर्वर होगा, जहां से नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) हर थाने में नजर रख सकेगा। दो हजार करोड़ रुपये बजट की इस परियोजना में 16 करोड़ रुपये से उत्तराखंड के 125 थाने अपग्रेड किए जाने हैं। योजना के पहले चरण में राजधानी का डालनवाला थाना अपग्रेड किया गया था।
इनका ये कहना है
कई बार बीएसएनएल अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। एक बार ठीक भी किया गया, लेकिन हर दूसरे दिन इंटरनेट में कोई न कोई समस्या आ रही है। ऐसे में प्रोजेक्ट में काम कर रहे विशेषज्ञों ने शिकायत की है।
- जया बलोनी (सीओ), सीसीटीएनएस प्रभारी
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