फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   दून पुलिस ने थमाई सालों पुरानी मृतकों की सूची

दून पुलिस ने थमाई सालों पुरानी मृतकों की सूची

Sat, 06 Jul 2013 05:31 AM IST
Dehradun
Dehradun Updated Sat, 06 Jul 2013 05:31 AM IST
विज्ञापन
ऋषिकेश। उत्तराखंड मित्र पुलिस की लापरवाह कार्यप्रणाली का एक रोचक पहलू सामने आया है। देहरादून पुलिस ने केदारघाटी में जल प्रलय में हताहत हुए यात्रियों की सूची बताकर लापता यात्रियों के परिजनों को 2009 के अज्ञात शवों की लिस्ट थमा दी। जब परिजनों ने सूची के पुराने होने की बात कही, तो पुलिस ने दावा किया कि यह नई और केदारनाथ में जलप्रलय के शिकार हुए लोगों की ही सूची है। इसके बाद उन्हें संबंधित थाना लक्ष्मणझूला भेज दिया। जहां मालूम हुआ की सूची चार साल पुरानी है।
विज्ञापन

जयपुर, राजस्थान के बीएम गुप्ता और संतोष सिंघल पिछले एक सप्ताह से केदारनाथ आपदा में लापता अपने परिजनाें की तलाश कर रहे हैं। बीएम गुप्ता ने बताया उनका भाई जगदीश गुप्ता पत्नी मीना देवी के साथ केदारनाथ यात्रा पर गए थे। बीती 16 जून को रामबाड़ा से फोन पर संपर्क होने के बाद उनका अभी तक कहीं पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि उन्हें राजस्थान प्रशासन से जानकारी मिली की आपदा में लापता लोगों की सूची देहरादून पुलिस लाइन में लगाई गई है। परिजनों की तलाश में दोनों लोग बीते मंगलवार को देहरादून पहुंचे। गुप्ता ने बताया कि वहां लापता लोगों के फोटो चस्पा किए गए थे। जिसमें से एक व्यक्ति का चेहरा उनके भाई जगदीश गुप्ता से मिलता-जुलता था।
विज्ञापन

पुलिस से सूचना मांगने पर उन्हें एक लिस्ट दी गई और बताया गया कि यह केदारनाथ आपदा में मृत अज्ञात यात्रियों की है। जो पुलिस को पौड़ी जनपद के थाना लक्ष्मणझूला से प्राप्त हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद दोनों लक्ष्मणझूला थाने पहुंचे, मगर परिजनों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई। पुलिस ने बताया कि लोगों द्वारा जिस व्यक्ति के बारे में सूचना मांगी जा रही है, वह चीला चौकी क्षेत्र में 2009 में मृत मिला था, लिहाजा लापता यात्रियों के परिजनों को मायूस लौटना पड़ा। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठाते हुए प्रदेश सरकार से केदारनाथ हादसे में लापता लोगों की सूची जारी करने की मांग की है।


अफसरों की सुनिए
इस मामले में दो लोग थाने में आए थे, जिन्होंने केदारनाथ आपदा में खोए अपने परिजनों के संबंध में सूचना मांगी थी। बीते दिनों गंगा में मिले शवों से लापता लोगों की शिनाख्त कराने का प्रयास किया गया मगर, पहचान नहीं हो पाई। चार साल पुराने मामले की सूचना नहीं है।
- डीएस रावत, थाना प्रभारी निरीक्षक, लक्ष्मणझूला

इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हुआ है, तो मामले की जांच की जाएगी। जांच सही पाई जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- ममता बोहरा, पुलिस अधीक्षक (देहात), दून
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed