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खेल मंत्री के सामने शिकायतों का पिटारा खुला
देहरादून/ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jun 2013 10:29 AM IST
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शिक्षकों के तबादलों में हुई गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। सोमवार को शिक्षकों ने कृषि मंत्री और खेल मंत्री के सामने शिकायतों का पिटारा खोला। दोनों मंत्रियों ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन दिया है। इससे पहले शिक्षकों की शिकायत पर ही केंद्रीय मंत्री हरीश रावत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तबादलों में सामने आई विसंगतियों को दूर करने की नसीहत दी थी।
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दुर्गम स्कूलों में भेजने की तैयारी
राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह बिष्ट और महामंत्री नागेंद्र पुरोहित के नेतृत्व में रविवार को शिक्षक कृषि मंत्री से मिले। शिक्षकों ने बताया कि उनकी दुर्गम की सेवाओं को सुगम दर्शाकर उन्हें दोबारा दुर्गम स्कूलों में भेजने की तैयारी है। विभाग तबादले करे, लेकिन पहले विसंगतियों को दूर किया जाए।
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कृषि मंत्री ने इस संबंध में शिक्षा सचिव मनीषा पंवार से बात की। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से बात करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो पाई। उन्होंने सीएम से बात कर विसंगतियों को दूर करने का आश्वासन दिया। कृषि मंत्री से मिलने वालों में डा.शिवानी चंदेल, संगीता खत्री, उमा मेहरा, अनिता रावत, भगवान सिंह रावत, डीबी सिंह आदि शामिल थे।
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शिक्षक इस मुद्दे को लेकर खेल एवं नियोजन मंत्री दिनेश अग्रवाल से भी मिले। खेल मंत्री ने भी शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया।
कराया तीन घंटे इंतजार
युमना कालोनी कृषि मंत्री से मिलने पहुंचे शिक्षकों को तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। दोपहर बारह बजे शिक्षक कृषि मंत्री के आवास पर पहुंचे। शिक्षकों को बताया गया कि 15 मिनट बाद कृषि मंत्री उनसे मिलेंगे, लेकिन दोपहर एक बजे शिक्षकों को दूसरे कमरे में बैठने को कहा गया। फिर दूसरे से तीसरे। खड़े-खड़े एक शिक्षिका को चक्कर आने लगे, तो वह मंत्री से मिले बिना ही लौट गई। शाम तीन बजे कृषि मंत्री शिक्षकों से मिलने पहुंचे।