{"_id":"11-59045","slug":"Dehradun-59045-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाईयों के प्रापर्टी विवाद में मारा गया संदीप ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाईयों के प्रापर्टी विवाद में मारा गया संदीप
Dehradun
Updated Thu, 21 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेलाकुई। सहसपुर थाना पुलिस ने जमनीपुर तप्पड़ के संदीप हत्याकांड में मृतक के जीजा के भाई अनिल उर्फ मन्नू को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात कबूली है। हत्या की वजह दोनों भाईयों में चल रहा प्रापर्टी विवाद बताया जा रहा है। मृतक के मामा मामचंद की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद से ही हत्यारोपी की जोरशोर से तलाश कर रही थी। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर अनिल को लक्खनवाला चौक से दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कुल्हाड़ी से संदीप की हत्या की बात कबूली है। थानाध्यक्ष सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि आरोपी को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पूछताछ में अनिल ने हत्या की वजह उसके और बड़े भाई दिनेश के बीच का प्रापर्टी विवाद बताया। उसने बताया कि 2004 में उनके माता-पिता की मृत्यु हो गई थी। उनके पास तीन बीघा जमीन थी। दो साल पूर्व दिनेश ने पांच बिस्वा जमीन बेची थी। जिससे मिले दो लाख रुपये मकान पर लगा दिए। हिसाब मांगने पर सारे पैसे मकान पर लगाने की बात कर पल्ला झाड़ लिया। तभी से विवाद चल रहा था और उनके बीच कई बार झगड़ा भी हुआ था।
साले को घर बुलाना नागवार लगा
पुलिस ने बताया कि 15 फरवरी को दिनेश अपनी पत्नी सहित ससुराल चला गया था। अनिल पर विश्वास न होने के कारण उसने घर की रखवाली के लिए अपने साले संदीप को घर में सोने को कहा था। यह बात अनिल को नागवार गुजरी। वारदात की रात अनिल की छोटी बहन पायल संदीप के साथ बात कर रही थी, जिस पर अनिल ने उसे बुरी तरह डांट दिया। इस पर संदीप ने ऐतराज जताया। यह बात भी उसे चुभ गई। देर रात तक वह संदीप के सोने का इंतजार करता रहा। सोते हुए ही उस पर कुल्हाड़ी से कई वार कर दिए। बताया जा रहा है कि उसके सिर पर खून इस कदर सवार था कि मौत के बाद जब उसने शव को विस्तर से नीचे उतारा तो तब भी उसके सिर पर प्रहार करता रहा। बाद में शव को पालीथिन और बोरी में पैक कर पास के बागान में फेंक आया। घर लौटकर उसे सबूत मिटाने की भरपूर कोशिश की। लेकिन फिर भी कुल्हाड़ी और बाथरुम समेत कई स्थानों पर खून के धब्बे छूट गए।
विज्ञापन
बहन को दी थी धमकी
हत्यारोपी अनिल ने जब संदीप पर कुल्हाड़ी से पहला वार किया तो आवाज सुनकर दूसरे कमरे में सोई छोटी बहन पायल की नींद खुल गई। वह अनिल का रूप देखकर डर गई और कमरे में ही छिपी रही। इस दौरान अनिल ने मुंह खोलने पर उसे भी जान से मारने की धमकी दी।
हत्या का कोई मलाल नहीं
हत्यारोपी अनिल को अपने जीजा के भाई संदीप की हत्या करने का कोई मलाल नहीं है। उसने कहा कि मौके पर उसके भाई और भाभी भी होते तो उन्हें भी मार देता। उसका कहना है कि उसका भाई दिनेश पूरी प्रापर्टी पर काबिज होना चाहता था, जिसके चलते उसने अपना साला भी बुला लिया था।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद से ही हत्यारोपी की जोरशोर से तलाश कर रही थी। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर अनिल को लक्खनवाला चौक से दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कुल्हाड़ी से संदीप की हत्या की बात कबूली है। थानाध्यक्ष सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि आरोपी को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पूछताछ में अनिल ने हत्या की वजह उसके और बड़े भाई दिनेश के बीच का प्रापर्टी विवाद बताया। उसने बताया कि 2004 में उनके माता-पिता की मृत्यु हो गई थी। उनके पास तीन बीघा जमीन थी। दो साल पूर्व दिनेश ने पांच बिस्वा जमीन बेची थी। जिससे मिले दो लाख रुपये मकान पर लगा दिए। हिसाब मांगने पर सारे पैसे मकान पर लगाने की बात कर पल्ला झाड़ लिया। तभी से विवाद चल रहा था और उनके बीच कई बार झगड़ा भी हुआ था।
विज्ञापन
साले को घर बुलाना नागवार लगा
पुलिस ने बताया कि 15 फरवरी को दिनेश अपनी पत्नी सहित ससुराल चला गया था। अनिल पर विश्वास न होने के कारण उसने घर की रखवाली के लिए अपने साले संदीप को घर में सोने को कहा था। यह बात अनिल को नागवार गुजरी। वारदात की रात अनिल की छोटी बहन पायल संदीप के साथ बात कर रही थी, जिस पर अनिल ने उसे बुरी तरह डांट दिया। इस पर संदीप ने ऐतराज जताया। यह बात भी उसे चुभ गई। देर रात तक वह संदीप के सोने का इंतजार करता रहा। सोते हुए ही उस पर कुल्हाड़ी से कई वार कर दिए। बताया जा रहा है कि उसके सिर पर खून इस कदर सवार था कि मौत के बाद जब उसने शव को विस्तर से नीचे उतारा तो तब भी उसके सिर पर प्रहार करता रहा। बाद में शव को पालीथिन और बोरी में पैक कर पास के बागान में फेंक आया। घर लौटकर उसे सबूत मिटाने की भरपूर कोशिश की। लेकिन फिर भी कुल्हाड़ी और बाथरुम समेत कई स्थानों पर खून के धब्बे छूट गए।
विज्ञापन
बहन को दी थी धमकी
हत्यारोपी अनिल ने जब संदीप पर कुल्हाड़ी से पहला वार किया तो आवाज सुनकर दूसरे कमरे में सोई छोटी बहन पायल की नींद खुल गई। वह अनिल का रूप देखकर डर गई और कमरे में ही छिपी रही। इस दौरान अनिल ने मुंह खोलने पर उसे भी जान से मारने की धमकी दी।
हत्या का कोई मलाल नहीं
हत्यारोपी अनिल को अपने जीजा के भाई संदीप की हत्या करने का कोई मलाल नहीं है। उसने कहा कि मौके पर उसके भाई और भाभी भी होते तो उन्हें भी मार देता। उसका कहना है कि उसका भाई दिनेश पूरी प्रापर्टी पर काबिज होना चाहता था, जिसके चलते उसने अपना साला भी बुला लिया था।