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कृषि निदेशालय को पौड़ी शिफ्ट करने का मामला, कृषि कर्मी भड़के
Dehradun
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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देहरादून। कृषि निदेशालय को पौड़ी शिफ्ट करने के विरोध में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों ने शनिवार को अवकाश के बावजूद निदेशालय पर धरना दिया। इस दौरान आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया।
शनिवार को धरने पर बैठे कर्मियों ने कहा कि शिफ्टिंग का निर्णय राज्यहित में नहीं है। इसमें बहुत ज्यादा खर्चा आएगा, जिसका सीधा भार आम जनता पर पड़ेगा। अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डीएस असवाल ने समर्थन देते हुए कहा कि आंदोलन को न्याय पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा। चेताया कि 27 नवंबर की कैबिनेट बैठक में शिफ्टिंग का निर्णय लिया गया तो गंभीर परिणाम होंगे। कृषि निदेशालय अधिकारी कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के संयोजक हरिशंकर पांडे ने कहा कि अधिकांश जनप्रतिनिधियों, किसानों का मत निदेशालय को दून से शिफ्ट न किए जाने का ही है। पांडे ने बताया कि रविवार को भी निदेशालय में धरना दिया जाएगा, आगे की रणनीति यहीं तय की जाएगी।
धरने पर कृषि निदेशालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुभाष चंद, महेश चंद्र तिवारी, बृजमोहन शर्मा, सूरज मणि सती आदि शामिल रहे।
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शनिवार को धरने पर बैठे कर्मियों ने कहा कि शिफ्टिंग का निर्णय राज्यहित में नहीं है। इसमें बहुत ज्यादा खर्चा आएगा, जिसका सीधा भार आम जनता पर पड़ेगा। अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डीएस असवाल ने समर्थन देते हुए कहा कि आंदोलन को न्याय पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा। चेताया कि 27 नवंबर की कैबिनेट बैठक में शिफ्टिंग का निर्णय लिया गया तो गंभीर परिणाम होंगे। कृषि निदेशालय अधिकारी कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के संयोजक हरिशंकर पांडे ने कहा कि अधिकांश जनप्रतिनिधियों, किसानों का मत निदेशालय को दून से शिफ्ट न किए जाने का ही है। पांडे ने बताया कि रविवार को भी निदेशालय में धरना दिया जाएगा, आगे की रणनीति यहीं तय की जाएगी।
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धरने पर कृषि निदेशालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुभाष चंद, महेश चंद्र तिवारी, बृजमोहन शर्मा, सूरज मणि सती आदि शामिल रहे।
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