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राज्य के 72 हजार व्यापारियों की दिक्कत होगी दूर
Dehradun
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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देहरादून। टैक्स जमा करने, रिटर्न दाखिल करने के लिए कामर्शियल टैक्स आफिस के चक्कर काटने से व्यापारियों को जल्द ही छुटकारा मिलने वाला है। वाणिज्य कर विभाग में रजिस्टर्ड उत्तराखंड के तकरीबन 72 हजार व्यापारियों की मुश्किल को ‘उत्तरा’ हरेगा। ‘उत्तरा’ दरअसल, उस साइबर सेंटर का नाम है, जिसका प्रस्ताव विभाग की तरफ से शासन को भेजा गया है। जल्द ही इस पर मुहर लगने की उम्मीद है। इसके बाद राज्य भर में यह सेंटर खुल सकेंगे। इन सेंटरों के माध्यम से व्यापारियों को आन लाइन टैक्स जमा करने, रिटर्न दाखिल करने, फार्म-38, फार्म-21 हासिल करने, शिकायत दर्ज कराने जैसी कई अन्य सुविधाएं हासिल हो सकेंगी।
प्रशिक्षित कर्मी करेंगे सहायता
इन सेंटर्स पर कुछ विभाग के कुछ प्रशिक्षित कर्मी तैनात होंगे, जो व्यापारियों को उनके कार्य में मदद करेंगे। उन्हें पहले इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इतना ही नहीं, ‘उत्तरा’ सेंटरों के जरिए अन्य विभागों से जुड़े आन लाइन कार्यों को भी किया जा सकेगा।
नजर रखना भी आसान होगा
आन लाइन टैक्स जमा करने, रिटर्न दाखिल करने से डाटा पर नजर रखना भी आसान होगा। अभी तक विभाग में मैनुअली टैक्स ज्यादा जमा किया जाता है। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि कई व्यापारियों को आन लाइन प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं होती।
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आबादी के लिहाज से संख्या
‘उत्तरा’ नाम के सेंटर सभी जिलों में खोले जाएंगे। आबादी के लिहाज से इनकी संख्या हर जगह अलग-अलग होगी। जल्द ही राज्य भर में व्यापारी इन सेंटरों की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
--प्रदीप श्रीवास्तव, अपर सचिव, वाणिज्य कर।
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प्रशिक्षित कर्मी करेंगे सहायता
इन सेंटर्स पर कुछ विभाग के कुछ प्रशिक्षित कर्मी तैनात होंगे, जो व्यापारियों को उनके कार्य में मदद करेंगे। उन्हें पहले इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इतना ही नहीं, ‘उत्तरा’ सेंटरों के जरिए अन्य विभागों से जुड़े आन लाइन कार्यों को भी किया जा सकेगा।
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नजर रखना भी आसान होगा
आन लाइन टैक्स जमा करने, रिटर्न दाखिल करने से डाटा पर नजर रखना भी आसान होगा। अभी तक विभाग में मैनुअली टैक्स ज्यादा जमा किया जाता है। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि कई व्यापारियों को आन लाइन प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं होती।
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आबादी के लिहाज से संख्या
‘उत्तरा’ नाम के सेंटर सभी जिलों में खोले जाएंगे। आबादी के लिहाज से इनकी संख्या हर जगह अलग-अलग होगी। जल्द ही राज्य भर में व्यापारी इन सेंटरों की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
--प्रदीप श्रीवास्तव, अपर सचिव, वाणिज्य कर।