बारूद के ढेर पर शहर के बाजार

Dehradun Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
रुड़की। आखिर पुलिस-प्रशासन की पटाखा कारोबारियों से ऐसी क्या हमदर्दी है, जो वह शहरवासियों की जान का सौदा कर रहे हैं। बिना रोकटोक मानकों को ताक में रखकर पटाखों की दुकानें लगाई गई हैं। प्रशासन के लाख दावों के बावजूद तंग गलियों, रिहायशी और भीड़भाड़ वाले बाजारों में पटाखों की दुकानें सजी हैं। बाजार में एक मामूली चिंगारी से मंजर भयानक हो सकता है। कोई भी अप्रिय घटना होने पर ना तो फायर ब्रिगेड और ना ही इमरजेंसी वाहन पहुंच सकते हैं।
पांच नवंबर को एसडीएम सदर अरविंद पांडे ने सभी थानाध्यक्षों की बैठक लेकर पटाखोें की दुकान लगाए जाने को लेकर आवश्यक निर्देश जारी कर थे। शहरी और रिहायशी बाजार क्षेत्र में पटाखे की दुकानें किसी भी सूरत में नहीं लगाने के निर्देश दिए थे। बैठक में पटाखा बाजार लगाने को लेकर स्थान चिह्नित किए गए और दमकल विभाग से भी नियत स्थान के लिए ही एनओसी जारी करने को कहा गया। लेकिन, निर्णय बैठक से बाहर जमीं पर नहीं उतरे।
कनखल, ज्वालापुर, खड़खड़ी, भूपतवाला, मध्य हरिद्वार, उत्तरी हरिद्वार जैसे शहर के व्यस्तम क्षेत्रों के बाजारों में पटाखों की दुकानें लगी हुई हैं। ज्वालापुर और कनखल क्षेत्र के तमाम बाजार जहां ग्राहकों से खचाखच भरे हैं, ऐसे में बाजारों के बीचों-बीच लगी पटाखों की दुकानें खतरे की घंटी बजा रही हैं। कनखल में तो चाट बाजार के समीप की पटाखों की दुकानें हैं, खड़खड़ी में भी कुछ ऐसा ही हाल है। शनिवार को पुलिस ने बाजार का निरीक्षण कर दो दुकानें सीज तो की, लेकिन यह कार्रवाई सिर्फ रस्म अदायगी साबित हुई।



दुकानों में अग्नि सुरक्षा के प्रबंध नहीं
हरिद्वार। शहर में एक ओर तो अवैध तरीके से पटाखों की दुकानें लगी हैं। वहीं इन दुकानों पर भी मानकों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। मानकों के अनुसार पटाखों की जहां टीन शेड वाली दुकानें होनी थी। उसकी जगह कपड़े की टेंट लगाकर पटाखे बेचे जा रहे हैं। मानकों के अनुसार दो दुकानों के बीच तीन मीटर की दूरी होनी चाहिए। लेकिन, इसका पालन भी नहीं हो रहा है। सटकर पटाखों की दुकानें लगी हैं। जिसमें पटाखों के अलावा सजावटी सामान, कपड़े आदि दुकानें भी शामिल हैं। अग्नि शमन उपकरण, पानी और रेत भी नहीं रखा है। ऐसे में एक छोटी सी चिंगारी भी एक बड़े हादसे का वजह बन सकती है।


पटाखा दुकानाें के तय मानक
- पटाखों की दुकानों के बीच तीन मीटर की दूरी होनी चाहिए।
- पटाखों की दुकानें टीन शेेेेड से बनी होनी चाहिए।
- प्रत्येक दुकान पर रेत और मिट्टी के बोरे रखे जाने चाहिए।
- हर दुकान पर 200 से 500 लीटर पानी होना चाहिए।
- दुकान पर कम से कम एक अग्नि शमन उपकरण रखा होना जरूरी।
- 50 मीटर की दूरी में आतिशबाजी का प्रयोग नहीं होना चाहिए।
- धूम्रपान वर्जित है का चेतावनी बोर्ड लगने जरूरी।
- बिजली लाइन में मास्टर स्वीच, फ्यूज सर्किट लगना जरूरी।
- बाजार में मोमबत्ती, माचिस, गैस का प्रयोग नहीं होना चाहिए।


पटाखा बाजार के लिए ये स्थान थे चिह्नित-
- खड़खड़ी भूपतवाला में पंतद्वीप मैदान
- कोतवाली नगर क्षेत्र में रोडीबेल वाला मैदान
- देवपुरा और रानीपुर क्षेत्र में ऋषिकुल मैदान
- ज्वालापुर में इंटर कालेज मैदान, पुलजटवाड़ा मैदान
- भेल और शिवालिक नगर के लिए पीठ बाजार सेक्टर-चार
- कनखल में एसडी कालेज मैदान, दक्ष मंदिर का बाहरी प्रांगण, रामलीला मैदान कृष्णा नगर, फुटबॉल मैदान जगजीतपुर
- बहादराबाद में झंडा चौक मैदान, पीठ बाजार मैदान और धनौरी मार्ग

Spotlight

Most Read

Shimla

वीरभद्र मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से पूछा ये सवाल

वीरभद्र सिंह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि ईडी अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र कब दाखिल करेगा।

19 जनवरी 2018

Related Videos

साल 2018 के पहले स्टेज शो में ही सपना चौधरी ने लगाई 'आग', देखिए

साल 2018 में भी सपना चौधरी का जलवा बरकरार है। आज हम आपको उनकी साल 2018 की पहली स्टेज परफॉर्मेंस दिखाने जा रहे हैं। सपना ने 2018 का पहले स्टेज शो मध्य प्रदेश के मुरैना में किया। यहां उन्होंने अपने कई गानों पर डांस कर लोगों का दिल जीता।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper