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भट्टनगरी में फंदे में फंसा गुलदार
Dehradun
Updated Thu, 18 Oct 2012 12:00 PM IST
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जौलीग्रांट। बड़कोट वन रेंज के भट्टनगरी, रानीपोखरी क्षेत्र में एक वयस्क गुलदार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए फंदे में फंस गया। घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे गुलदार को फंदे से निकालकर चिड़ियापुर रेंज, हरिद्वार ले जाया गया। फंदे में फंसे होने की वजह से गुलदार को दायां पैर जख्मी हो गया था।
बुधवार की सुबह किसी ग्रामीण ने वन विभाग को सूचना दी कि एक गुलदार रानीपोखरी क्षेत्र के भट्टनगरी गांव में जंगल किनारे फंदे में फंसा हुआ है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम और पशु चिकित्सकों की सलाह पर गुलदार को ट्रेंकुलाइज (बेहोशी का इंजेक्शन) किया गया। लेकिन, इसके बाद भी गुलदार बेहोश नहीं हुआ। गुलदार के फंदे में फंसे होने की सूचना आसपास के क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। इसके बाद मौके पर सैकड़ों लोग जमा हो गए।
कुछ देर बाद दूसरा, तीसरा फिर चौथा इंजेक्शन भी गुलदार को दिया गया, इसके बाद कहीं जाकर गुलदार बेहोश नहीं। गुलदार की दहाड़ से लोग सिहर गए। वन विभाग के एसडीओ भरत सिंह ने कहा कि लोगों के भारी शोरगुल के कारण गुलदार बेहोश नहीं हो पा रहा था। मौके पर डीएफओ मीनाक्षी जोशी, एसडीओ भरत सिंह, आईएफएस प्रक्षिशु राजीव धीमान, पशु चिकित्साधिकारी एनएस नेगी, थानाध्यक्ष रानीपोखरी, ऋषिकेश रेंजर गंगासार नौटियाल आदि उपस्थित रहे।
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कोट:
जिन हालात में गुलदार फंसा है, उससे ग्रामीणों द्वारा जानवरों के फांसी लगाने की संभावना लग रही है। पहली प्राथमिकता गुलदार को ठीक प्रकार से रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की थी। आगे मामले की जांच की जाएगी, किन हालात में गुलदार फंदे में फंसा। - मीनाक्षी जोशी डीएफओ देहरादून
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बुधवार की सुबह किसी ग्रामीण ने वन विभाग को सूचना दी कि एक गुलदार रानीपोखरी क्षेत्र के भट्टनगरी गांव में जंगल किनारे फंदे में फंसा हुआ है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम और पशु चिकित्सकों की सलाह पर गुलदार को ट्रेंकुलाइज (बेहोशी का इंजेक्शन) किया गया। लेकिन, इसके बाद भी गुलदार बेहोश नहीं हुआ। गुलदार के फंदे में फंसे होने की सूचना आसपास के क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। इसके बाद मौके पर सैकड़ों लोग जमा हो गए।
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कुछ देर बाद दूसरा, तीसरा फिर चौथा इंजेक्शन भी गुलदार को दिया गया, इसके बाद कहीं जाकर गुलदार बेहोश नहीं। गुलदार की दहाड़ से लोग सिहर गए। वन विभाग के एसडीओ भरत सिंह ने कहा कि लोगों के भारी शोरगुल के कारण गुलदार बेहोश नहीं हो पा रहा था। मौके पर डीएफओ मीनाक्षी जोशी, एसडीओ भरत सिंह, आईएफएस प्रक्षिशु राजीव धीमान, पशु चिकित्साधिकारी एनएस नेगी, थानाध्यक्ष रानीपोखरी, ऋषिकेश रेंजर गंगासार नौटियाल आदि उपस्थित रहे।
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कोट:
जिन हालात में गुलदार फंसा है, उससे ग्रामीणों द्वारा जानवरों के फांसी लगाने की संभावना लग रही है। पहली प्राथमिकता गुलदार को ठीक प्रकार से रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की थी। आगे मामले की जांच की जाएगी, किन हालात में गुलदार फंदे में फंसा। - मीनाक्षी जोशी डीएफओ देहरादून