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न्यूनतम वेतन पर श्रमिकों ने उठाई आवाज
Dehradun
Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
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देहरादून। न्यूनतम वेतन के सवाल पर विभिन्न संगठनों से जुड़े श्रमिक मंगलवार को सड़क पर उतर आए। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के बैनर तले चाय बागान, स्कूल-कालेज, होटल आदि में कार्यरत इन श्रमिकों ने गांधी पार्कसे रैली निकाली। परेड ग्राउंड, कनक चौक से होते हुए यह रैली सचिवालय पहुंची। यहां श्रमिकों ने धरना दे नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया।
तकरीबन दो घंटे चले इस धरने के बीच वक्ताओं ने सभा भी आयोजित की। अपनी बात रखते हुए कि मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने सरकार बनने के 60 दिन के भीतर संशोधित न्यूनतम वेतन लागू किए जाने संबंधी घोषणा करने की बात कही थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 15 अगस्त तक इस संबंध में घोषणा न करने पर श्रमिकों ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी थी।
निर्धारित समयावधि तक कुछ न होने पर श्रमिकों को मजबूरन धरना-प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने साफ किया कि अगर जल्द ही इस संबंध में कोई निर्णय न लिया गया तो वह आंदोलन पर बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन करने वालों में अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री केआर कश्यप, आरपी बडोनी, सुनील कुमार, जीत सिंह, धर्मानंद आदि शामिल रहे।
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तकरीबन दो घंटे चले इस धरने के बीच वक्ताओं ने सभा भी आयोजित की। अपनी बात रखते हुए कि मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने सरकार बनने के 60 दिन के भीतर संशोधित न्यूनतम वेतन लागू किए जाने संबंधी घोषणा करने की बात कही थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 15 अगस्त तक इस संबंध में घोषणा न करने पर श्रमिकों ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी थी।
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निर्धारित समयावधि तक कुछ न होने पर श्रमिकों को मजबूरन धरना-प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने साफ किया कि अगर जल्द ही इस संबंध में कोई निर्णय न लिया गया तो वह आंदोलन पर बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन करने वालों में अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री केआर कश्यप, आरपी बडोनी, सुनील कुमार, जीत सिंह, धर्मानंद आदि शामिल रहे।
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