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अगवा टायल व्यापारी की घर वापसी

Sun, 14 Oct 2018 11:51 PM IST
banda
banda Updated Sun, 14 Oct 2018 11:51 PM IST
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The hijack tyle bisnesman returns home
बदमाशों से रिहा हुए नीलू सिंह से बातचीत करते डीआईजी। - फोटो : amar ujala

चिल्ला रोड स्थित टाइल्स शोरूम से 21 सितंबर की रात अगवा किए गए व्यापारी प्रदीप उर्फ नीलू सिंह सेंगर की 11 अक्तूबर को खामोशी से घर वापसी की चर्चा के बीच रविवार को इस मामले में नया मोड़ आ गया। पुलिस ने सीमावर्ती कालिंजर-सतना बार्डर पर बदमाशों से मुठभेड़ के बीच नीलू को मुक्त करा लेने और गोली मारकर उत्तराखंड में वारदातें कर चुके मध्य प्रदेश के कुख्यात बदमाश समेत पांच को गिरफ्तार कर लेने का नया पहलू चौंकाने वाले तरीके से सामने रखा। इस मुठभेड़ में गोली लगने से एक दरोगा के जख्मी होने की जानकारी भी दी।

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रविवार दोपहर पुलिस लाइन में मीडिया से मुखातिब हुए चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी मनोज तिवारी ने बताया कि शनिवार को बिसंडा थाना पुलिस को भनक मिली थी कि अपहरणकर्ता 21 लाख रुपये की फिरौती लेने कालिंजर-सतना बार्डर पर आ रहे हैं। अपर एसपी एलबीके पाल के निर्देशन में तीन पुलिस टीमें लगाईं और रविवार सुबह 6:30 बजे मुठभेड़ में बदमाशों ने करीब 17 राउंड गोली चलाई। पुलिस ने भी जवाब में छह राउंड फायर किए। स्वाट टीम के उप निरीक्षक संतोष सिंह बांह में गोली लगने से जख्मी हो गए। पुलिस की गोली मध्य प्रदेश के कुख्यात बदमाश राजेंद्र सिंह रावत नामक बदमाश के पैर में लगी। उसे व चार अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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साथ ही कमलेश सेन पुत्र कनछेदीलाल निवासी ग्राम जुझारी (नरसिंहपुर, छत्तीसगढ़), राकेश विश्वकर्मा उर्फ राज तिजोरी वाला उर्फ रज्जू महाराज निवासी तेंदूखेड़ा (नरसिंहपुर), राहुल लोधी पुत्र सूरज प्रसाद लोधी निवासी लोधी मोहाल (जबलपुर) और मंगल यादव पुत्र नत्थू उर्फ अशोक यादव निवासी शिवलोचन का पुरवा, मवई (बांदा) भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने तीन पिस्टल (एक 9 एमएम, दो पिस्टल 315 बोर), 260 रुपये नेपाली करेंसी, 6500 रुपये भारतीय करेंसी, एक स्कार्पियो, एक टाटा जेस्ट, दो मैगजीन, काफी संख्या में कारतूस, व्यापारी से लूटा हुआ मोबाइल, अपहरण में इस्तेमाल हुआ मोबाइल और टेप लगा काल चश्मा बरामद हुआ है। पुलिस टीम को एडीजी इलाहाबाद जोन एसएन साबत ने एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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उत्तराखंड में की थी सिपाहियों की हत्या, मैनपुरी से भागा था
बांदा। डीआईजी के मुताबिक पकड़ में आए एमपी के जबलपुर रावतसर राजेंद्र सिंह रावत ने वर्ष 2003 में उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के तीन सिपाहियों की हत्या कर दी थी।, जिसमें उसको सजा हो चुकी है। वर्ष 2016 में वह मैनपुरी जेल से पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। उस पर डेढ़ दर्जन से भी ज्यादा आपराधिक केस उत्तराखंड, दिल्ली, यूपी, एमपी में दर्ज हैं। इस गिरोह में और भी कई सदस्य हैं। इनके तार नेपाल से भी जुड़े हैं। इन सभी की तलाश की जा रही है।
 

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