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मंदिर से बेशकीमती नीलम की मूर्ति चोरी
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Wed, 18 Oct 2017 11:48 PM IST
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चाोरी की सूचना पर गांव के बाहर मंिददिर पर पहुंचे लाोग
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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तमकुहीराज/पिपरा कनक (कुशीनगर)। जिले की सीमा से सटे बिहार प्रांत के अमेया गांव स्थित मंदिर से सती हीरमती रानी की प्राचीन मूर्ति चोरी हो गई है। मंगलवार की रात चोरों ने इस मंदिर के पुजारी और चौकीदार को पीटकर तख्त से बांध दिया और नीलम पत्थर से बनी प्रतिमा को चुरा ले गए। बुधवार की सुबह इसकी जानकारी होते ही कई गांवों के लोग वहां पहुंचे और चोरों को पकड़ने की मांग करने लगे। नाराज लोगों ने परसौनी गांव के सामने समउर बाजार-मीरगंज मार्ग को जाम कर दिया। जानकारी होने पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने एक सप्ताह के अंदर मामले का पर्दाफाश कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र के गांव अमेया में बौद्घ कालीन देवी स्थल है। इस मंदिर में सती माता हीरमती रानी की नीलम पत्थर से बनी मूर्ति स्थापित है। अमेया समेत आसपास के गांव के लोगों के अनुुसार मूर्ति नीलम पत्थर की बनी होने के कारण सुरक्षा को लेकर हमेशा संशय बना रहता है। वर्ष 1997 के नवम्बर माह में भी यह प्रतिमा चोरी हो गई थी। जनवरी वर्ष 2000 में कसया थाना के तत्कालीन एसओ कासिम अली ने इस मूर्ति को बरामद किया था। तबसे इस प्रतिमा की सुरक्षा के लिए लोहे का फाटक लगवाया गया है। मंदिर के पुजारी प्रमोद तिवारी और चौकीदार तुफानी यादव के अनुसार मंगलवार की देर रात चार पहिया वाहन से नौ-दस की संख्या में बदमाश यहां पहुंचे। टार्च की लाइट जलने पर चौकीदार तुफानी उठ कर बैठे तो उन लोगों ने उसे पीटकर तख्त में बांध दिया। हल्ला सुनकर पुजारी प्रमोद तिवारी की नींद खुली तो चोरों ने उन्हें भी पकड़कर मारा पीटा और तख्त में बांध दिया। जान से मारने की धमकी देकर चाबी मांग लिए और फाटक खोलकर प्रतिमा को उखाड़ने लगे। चोर इस बेशकीमती प्रतिमा को लेकर चलते बने। चोरों के जाने के बाद चौकीदार एवं पुजारी ने किसी तरह से अपने आप को बंधन मुक्त किया और अमेया गांव जाकर लोगों को घटना की जानकारी दी। गांव वालों की सूचना पर कटेया बीडीओ जितेंद्र दूबे, एसओ कुमार रजनीकांत, श्रीपुर एसओ लक्ष्मीनारायण महतो, मीरगंज के एसआई बीपी आलोक, एसओ गोपालपुर सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
बुधवार की सुबह प्रतिमा चोरी होने की घटना सुनकर परसौनी, बहेरवा, सहजनवा, मोतीपुर, मचवा, गौरा, भागीपट्टी, समऊर बाजार, पकड़ियार, पांडे पट्टी, महुअवा समेत कई गांवों के लोग हीरमती रानी के स्थान पर पहुंच गए। नाराज लोगों ने इस घटना के विरोध में परसौनी पुल के पास समऊर बाजार-मीरगंज मार्ग को जाम कर दिया। लोग गोपालगंज के डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। लोगों का कहना था कि पहले भी मूर्ति चोरी होने व चोरी के प्रयास की घटना हो चुकी है। इसके बावजूद इस बेशकीमती मूर्ति की सुरक्षा में लापरवाही बरती गई। मौके पर मौजूद पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने एक सप्ताह के भीतर प्रतिमा बरामद करते हुए बदमाशों को पकड़ने का वादा करके सड़क जाम समाप्त कराया।
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इस दौरान मुखिया प्रमोद बैठा, उमेश तिवारी, वि
कास तिवारी, संतोष तिवारी, पारस मांझी, अजीत तिवारी, प्रमोद, रितेश तिवारी, मुन्ना राम समेत तमाम लोग मौजूद थे।
चार माह पूर्व भी चोरी करने का हुआ था प्रयास
तमकुहीराज। सती माता हीरमती देवी मंदिर के पुजारी प्रमोद तिवारी एवं गांव के लोगों का कहना है कि चार माह पूर्व भी इस प्रतिमा को चुराने का प्रयास किया गया था। तब पुजारी और चौकीदार कहीं गए हुए थे। चोर गेट के सभी तालों को तोड़कर प्रतिमा को उखाड़ने का प्रयास किए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली तो प्रतिमा का एक टुकड़ा तोड़कर अपने साथ ले गए थे। उस घटना के बाद से ही इस स्थान हर वक्त कोई न कोई व्यक्ति मौजूद रहता है। इसके बाद भी चोरों ने इतने दुस्साहसिक तरीके से प्रतिमा चुरा ली।
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गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र के गांव अमेया में बौद्घ कालीन देवी स्थल है। इस मंदिर में सती माता हीरमती रानी की नीलम पत्थर से बनी मूर्ति स्थापित है। अमेया समेत आसपास के गांव के लोगों के अनुुसार मूर्ति नीलम पत्थर की बनी होने के कारण सुरक्षा को लेकर हमेशा संशय बना रहता है। वर्ष 1997 के नवम्बर माह में भी यह प्रतिमा चोरी हो गई थी। जनवरी वर्ष 2000 में कसया थाना के तत्कालीन एसओ कासिम अली ने इस मूर्ति को बरामद किया था। तबसे इस प्रतिमा की सुरक्षा के लिए लोहे का फाटक लगवाया गया है। मंदिर के पुजारी प्रमोद तिवारी और चौकीदार तुफानी यादव के अनुसार मंगलवार की देर रात चार पहिया वाहन से नौ-दस की संख्या में बदमाश यहां पहुंचे। टार्च की लाइट जलने पर चौकीदार तुफानी उठ कर बैठे तो उन लोगों ने उसे पीटकर तख्त में बांध दिया। हल्ला सुनकर पुजारी प्रमोद तिवारी की नींद खुली तो चोरों ने उन्हें भी पकड़कर मारा पीटा और तख्त में बांध दिया। जान से मारने की धमकी देकर चाबी मांग लिए और फाटक खोलकर प्रतिमा को उखाड़ने लगे। चोर इस बेशकीमती प्रतिमा को लेकर चलते बने। चोरों के जाने के बाद चौकीदार एवं पुजारी ने किसी तरह से अपने आप को बंधन मुक्त किया और अमेया गांव जाकर लोगों को घटना की जानकारी दी। गांव वालों की सूचना पर कटेया बीडीओ जितेंद्र दूबे, एसओ कुमार रजनीकांत, श्रीपुर एसओ लक्ष्मीनारायण महतो, मीरगंज के एसआई बीपी आलोक, एसओ गोपालपुर सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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बुधवार की सुबह प्रतिमा चोरी होने की घटना सुनकर परसौनी, बहेरवा, सहजनवा, मोतीपुर, मचवा, गौरा, भागीपट्टी, समऊर बाजार, पकड़ियार, पांडे पट्टी, महुअवा समेत कई गांवों के लोग हीरमती रानी के स्थान पर पहुंच गए। नाराज लोगों ने इस घटना के विरोध में परसौनी पुल के पास समऊर बाजार-मीरगंज मार्ग को जाम कर दिया। लोग गोपालगंज के डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। लोगों का कहना था कि पहले भी मूर्ति चोरी होने व चोरी के प्रयास की घटना हो चुकी है। इसके बावजूद इस बेशकीमती मूर्ति की सुरक्षा में लापरवाही बरती गई। मौके पर मौजूद पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने एक सप्ताह के भीतर प्रतिमा बरामद करते हुए बदमाशों को पकड़ने का वादा करके सड़क जाम समाप्त कराया।
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इस दौरान मुखिया प्रमोद बैठा, उमेश तिवारी, वि
कास तिवारी, संतोष तिवारी, पारस मांझी, अजीत तिवारी, प्रमोद, रितेश तिवारी, मुन्ना राम समेत तमाम लोग मौजूद थे।
चार माह पूर्व भी चोरी करने का हुआ था प्रयास
तमकुहीराज। सती माता हीरमती देवी मंदिर के पुजारी प्रमोद तिवारी एवं गांव के लोगों का कहना है कि चार माह पूर्व भी इस प्रतिमा को चुराने का प्रयास किया गया था। तब पुजारी और चौकीदार कहीं गए हुए थे। चोर गेट के सभी तालों को तोड़कर प्रतिमा को उखाड़ने का प्रयास किए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली तो प्रतिमा का एक टुकड़ा तोड़कर अपने साथ ले गए थे। उस घटना के बाद से ही इस स्थान हर वक्त कोई न कोई व्यक्ति मौजूद रहता है। इसके बाद भी चोरों ने इतने दुस्साहसिक तरीके से प्रतिमा चुरा ली।