सोनभद्र : जांच टीम को पीड़ितों ने बताई आपबीती, कहा- खेत जोतने का विरोध करने पर प्रधान पक्ष ने ली जान
अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय टीम के उभ्भा गांव पहुंचने पर पीड़ितों ने आपबीती बताई। पीड़ितों ने बताया कि 17 जुलाई को दिन में 11 बजे प्रधान यज्ञदत्त सिंह के नेतृत्व में करीब 200 लोग 30-35 ट्रैक्टरों से पहुंचे और खेत की जोताई करने लगे। उनके पास असलहे थे। विरोध करने पर दोनों पक्षों में लाठी डंडे चले। इसके बाद प्रधान पक्ष के लोगों ने असलहों से फायरिंग शुरू कर दी।
पीड़ितों का कहना था कि कि उन लोगों ने सीओ, एसपी, कोतवाल, यूपी सौ पुलिस को इसकी सूचना भी दी। एक सिपाही से घटना होने के पहले बात भी हुई थी। बावजूद घटना के आधे घंटे बाद यूपी सौ पुलिस पहुंची। पीड़ितों ने बताया कि संबंधित जमीन को लेकर 67 लोग मुकदमा लड़ रहे हैं।
मृतक-घायल के परिवारीजनों ने लगातार उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधान यज्ञदत्त के प्रभाव में आकर प्रशासन ने उन पर कई बार 107/16 की कार्रवाई की। गुंडा एक्ट लगाकर जिला बदर किया। चार महीने पहले भी फसल काटने को लेकर विवाद हुआ था, जिस पर तत्कालीन डीएम ने कहा था कि जो बोया है वहीं फसल काटेगा।
पीड़ितों का कहना था कि प्रधान और उसके रिश्तेदारों के जमीन रजिस्ट्री कराने के बाद इसकी जानकारी हुई। इस पर जांच दल ने डीएम अंकित कुमार अग्रवाल को निर्देश दिया कि वह इस संबंध में एआरओ से पूछताछ करने के साथ रिपोर्ट तलब करें।
टीम ने तहसीलदार और लेखपाल को बुलाकर गांव का जमीन संबंधी नक्शा देखा औऱ सोसाइटी के नाम कितनी जमीन है? उसकी नवैयत क्या है? उसकी मौजूदा स्थिति क्या है? किस तरह का विवाद है? आदि की जानकारी ली। इस मौके पर एसडीएम केएस मिश्रा, बीएसए गोरखनाथ पटेल, तहसीलदार सुरेश शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक सीपी पांडेय आदि मौजूद रहे।
तेवर देख अधिकारी सहमे :
कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने समिति से जुड़े दस्तावेजों की गहराई से जांच की। सूत्रों की मानें तो सचिव को कई दस्तावेज नहीं मिले। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी दर्ज करते हुए कहा कि मुझे सभी दस्तावेज हर चाहिए। जिसके पटल से दस्तावेज गायब हुए होंगे उनके ऊपर कार्रवाई होगी। सचिव के कड़े रूख को देख कई अधिकारी हाफते नजर आए। हालांकि मीडिया कर्मियों को अंदर जाने से रोक दिया गया था।