{"_id":"57002bc94f1c1bb702f00184","slug":"prison-officials-also-came-to-light-coalition","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल अधिकारियों की गुटबंदी भी सामने आई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जेल अधिकारियों की गुटबंदी भी सामने आई
ब्यूरो/ अमर उजाला, वाराण्ासी
Updated Sun, 03 Apr 2016 02:00 AM IST
विज्ञापन
बवाल में घायल डिप्टी जेलर अजय राय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला जेल में हुए बवाल के दौरान जेल अधिकारियों की गुटबाजी भी खुलकर सामने आई। हंगामा कर रहे बंदी जेल अधीक्षक आशीष तिवारी के खिलाफ और जेलर विजय राय के समर्थन में जमकर नारेबाजी कर रहे थे। यह देख डीएम राजमणि यादव भी सकते में थे। सूत्रों की मानें तो जेल अफसरों में काफी दिनों से आपसी खींचतान चल रही थी। कुछ अधिकारी सख्त छवि वाले जेल अधीक्षक आशीष तिवारी को पसंद नहीं करते थे। आशंका है कि बवाल की साजिश रचने वाले बंदियों को कुछ जेल अधिकारियों का समर्थन था।
जेल अधीक्षक आशीष तिवारी करीब दो साल से ज्यादा समय से वाराणसी में तैनात हैं। वह जेल नियमों का सख्ती से पालन कराना चाहते थे। डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या के बाद से उन्होेंने जेल में मोबाइल का इस्तेमाल सख्ती से बंद करा दिया था। आरोप था कि कई अधिकारी बंदियों को अपने मोबाइल से बात कराकर पैसे वसूलते थे। कई मामलों में जेल अधीक्षक की अन्य जेल अधिकारियों से नहीं बनती थी। शनिवार को हुए बवाल के दौरान जेलर के पक्ष और जेल अधीक्षक के विपक्ष में लगे नारों ने जेल अधिकारियों के बीच गुटबाजी को जगजाहिर कर दिया। हालांकि इस मामले में कोई भी जेल अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
जेल अधीक्षक आशीष तिवारी करीब दो साल से ज्यादा समय से वाराणसी में तैनात हैं। वह जेल नियमों का सख्ती से पालन कराना चाहते थे। डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या के बाद से उन्होेंने जेल में मोबाइल का इस्तेमाल सख्ती से बंद करा दिया था। आरोप था कि कई अधिकारी बंदियों को अपने मोबाइल से बात कराकर पैसे वसूलते थे। कई मामलों में जेल अधीक्षक की अन्य जेल अधिकारियों से नहीं बनती थी। शनिवार को हुए बवाल के दौरान जेलर के पक्ष और जेल अधीक्षक के विपक्ष में लगे नारों ने जेल अधिकारियों के बीच गुटबाजी को जगजाहिर कर दिया। हालांकि इस मामले में कोई भी जेल अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन