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Hindi News ›   Crime ›   Policeman refuses to write women's complaint

शोहदों की शिकायत करने गई युवती, सिपाही ने कहा पेन नहीं है

Sat, 05 Aug 2017 02:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 05 Aug 2017 02:58 AM IST
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Policeman refuses to write women's complaint
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गोमतीनगर स्थित ऑफिस से बुधवार रात करीब नौ बजे कार से अपने घर अलीगंज जा रही युवती को बाइक सवार शोहदे ने परेशान कर दिया। वह कार के आगे बाइक नचाता। युवती किसी तरह कार आगे निकालती तो शोहदा पीछे से अश्लील इशारे करता। निशातगंज ओवरब्रिज पर तो हद ही हो गई।

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शोहदे ने युवती की कार के सामने बाइक रोक दी और उसे घूर-घूरकर देखने लगा। शोहदे को सबक सिखाने के लिए युवती सारे रास्ते पुलिस को ढूंढ़ती रही लेकिन कोई नजर नहीं आया। कपूरथला चौराहा पर कुछ पुलिसकर्मी दिखे तो युवती की जान में जान आई।
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र से उतरकर वह शिकायत करने पहुंची तो सिपाही बोले-मैडम लिखने के लिए पेन नहीं है। यहां पेन का इस्तेमाल करने वाले कम आते हैं।

हैरान-परेशान युवती दस मिनट तक पेन के चक्कर में खड़ी रही। किसी तरह पेन की व्यवस्था हुई। हालांकि, तब तक पुलिसकर्मियों ने मुफ्त की एक और सलाह दे डाली। बोले-अब तो आप सुरक्षित घर के पास आ गई हैं। जाइये। कुछ नहीं होगा। युवती घर पहुंची और ब्लॉग पर आपबीती लिखने के साथ ही पुलिस के कई आला अधिकारियों को मैसेज कर घटनाक्रम की जानकारी दी तो हड़कंप मच गया।
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युवती की शिकायत पर आईजी वीमेन पावर लाइन नवनीत सिकेरा ने उससे संपर्क कर तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिलाया। शुक्रवार को वीमेन पावर लाइन ने शोहदे को ढूंढ निकाला।

आईजी ने बताया कि पकड़ा गया शोहदा महानगर की पेपरमिल कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय अजय सिंह है। वह निशातगंज के कुसुम प्लाजा में निजी कोचिंग चलाता है। गोमतीनगर थाना में उसके खिलाफ केस दर्ज करके उसे जेल भेज दिया गया है।

क्या सिर्फ एक नंबर से होगी महिलाओं की सुरक्षा
जिस तरह से गोमतीनगर के ताज होटल के पास से निशातगंज ओवरब्रिज तक शोहदा युवती का पीछा करता रहा, उससे राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं। युवती का कहना है कि अगर वह वीमेन पावर लाइन 1090 पर संपर्क न करती तो शायद शोहदे को पकड़ना संभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि क्या राजधानी में महिलाएं सिर्फ एक नंबर (1090) के भरोसे हैं?

थाना-चौकी की पुलिस कहीं नजर ही नहीं आती। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिसकर्मी अगर दिखते भी हैं तो क्या उन्हें किसी महिला के साथ इस तरह का व्यवहार करना चाहिए, जैसा मेरे साथ किया...!
मोबाइल कैमरे से खींच ली थी फोटो, बाइक के नंबर से पकड़ा गया।

निशातगंज ओवरब्रिज पर युवती की कार के आगे बाइक रोककर शोहदा घूरने लगा तो उन्होंने अपने मोबाइल कैमरे से उसकी फोटो खींच ली। फोटो धुंधली थी लेकिन बाइक का नंबर (यूपी 62 जेड 3047) स्पष्ट था। यह फोटो युवती ने आईजी वीमेन पावर लाइन सहित सभी पुलिस अधिकारियों को भेजी।

बाइक के नंबर के आधार पर आईजी ने शोहदे का नाम-पता निकलवा लिया। बाइक जौनपुर के बक्सा सहनवा निवासी संजीव कुमार की निकली। वीमेन पावर लाइन ने बक्सा थाना की पुलिस को संजीव के घर भेजा। संजीव से संपर्क करने पर पता चला बाइक उसने इलाके के ही चंदर सिंह को दी है।


वीमेन पावर लाइन की टीम ने चंदर सिंह से पूछताछ की तो उसने बताया कि बाइक लखनऊ निवासी अपने साले अरुण सिंह को दे रखी है। पुलिस अरुण सिंह के पास पहुंच गई। उसने बताया कि दो अगस्त की रात उसका भाई अजय सिंह बाइक लेकर गया था। इसके बाद पुलिस ने अजय को दबोचा।

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