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अपराधियों के लिए चलेगा ऑपरेशन ‘आल आउट’
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 15 Sep 2017 01:41 PM IST
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crime
अपराधियों को दबोचने के लिए पुलिस ऑपरेशन ‘आल आउट’ चलाने जा रही है। अब पुलिसकर्मी कुर्सी लगाकर वाहनों की चेकिंग करने के स्थान पर असलहों से लैस होकर जिक-जैक बैरियर लगाकर जांच करेंगे। आला अधिकारी भी निर्धारित प्वाइंटों पर पहुंचेंगे।
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने अपराधों पर अंकुश लगाने व पुलिस की साख लौटाने के लिए अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन ‘आल आउट’ चलाने का निर्देश पुलिस अधीक्षकों को दिया है। डीजीपी के आदेश पर पुलिस अधीक्षक ने भी अहम बिंदुओं पर अमल करने के लिए पत्र भेजा है। जिसमें कहा गया है कि हर दिन चिह्नित स्थानों पर कुर्सी पर बैठकर नहीं बल्कि पुलिसकर्मी असलहों से लैस होकर वाहनों की चेकिंग करेंगे। एक दरोगा के साथ सिपाही होंगे। आधे से अधिक के पास असलहे होने चाहिए, बाडी प्रोटेक्टर के साथ ही हाथ में डंडे भी रखने होंगे। ऐसे स्थानों पर केवल पुलिस दो घंटे तक ही चेकिंग करेगी। सड़कों पर लोहे की जिक-जैक की तरह बैरियर लगाया जाएगा। पड़ोसी जिलों की सीमा पर ऐसे मार्गों पर पुलिस को पहुंचना होगा जहां से अपराधियों के प्रवेश या भागने की आशंका हो।
ऑपरेशन ‘आलआउट’ में केवल सिविल पुलिस ही शामिल नहीं होगी, बल्कि भीड़भाड़ वाले बाजारों में यातायात पुलिस भी इस अभियान का हिस्सा बनेगी। संदिग्ध वाहनों की चेकिंग करने के साथ ही अच्छी तरह से कार व बाइक की सीट के नीचे भी जांच होंगी। ऑपरेशन ‘आल आउट’ में प्रदेश पुलिस के मुखिया ने साफ निर्देश दिया है कि शहर या ग्रामीण अंचलों के बाजारों के साथ ही थानों में लगाए गए बंद पड़े सीसीटीवी कैमरे की मरम्मत कराई जाए। ताकि हर गतिविधियों को बेहतर तरीके से कैमरे में कैद किया जा सके। इन क्षेत्रों में भी समय के भीतर चेकिंग करने वाला दस्ता पहुंचेगा।
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प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने अपराधों पर अंकुश लगाने व पुलिस की साख लौटाने के लिए अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन ‘आल आउट’ चलाने का निर्देश पुलिस अधीक्षकों को दिया है। डीजीपी के आदेश पर पुलिस अधीक्षक ने भी अहम बिंदुओं पर अमल करने के लिए पत्र भेजा है। जिसमें कहा गया है कि हर दिन चिह्नित स्थानों पर कुर्सी पर बैठकर नहीं बल्कि पुलिसकर्मी असलहों से लैस होकर वाहनों की चेकिंग करेंगे। एक दरोगा के साथ सिपाही होंगे। आधे से अधिक के पास असलहे होने चाहिए, बाडी प्रोटेक्टर के साथ ही हाथ में डंडे भी रखने होंगे। ऐसे स्थानों पर केवल पुलिस दो घंटे तक ही चेकिंग करेगी। सड़कों पर लोहे की जिक-जैक की तरह बैरियर लगाया जाएगा। पड़ोसी जिलों की सीमा पर ऐसे मार्गों पर पुलिस को पहुंचना होगा जहां से अपराधियों के प्रवेश या भागने की आशंका हो।
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ऑपरेशन ‘आलआउट’ में केवल सिविल पुलिस ही शामिल नहीं होगी, बल्कि भीड़भाड़ वाले बाजारों में यातायात पुलिस भी इस अभियान का हिस्सा बनेगी। संदिग्ध वाहनों की चेकिंग करने के साथ ही अच्छी तरह से कार व बाइक की सीट के नीचे भी जांच होंगी। ऑपरेशन ‘आल आउट’ में प्रदेश पुलिस के मुखिया ने साफ निर्देश दिया है कि शहर या ग्रामीण अंचलों के बाजारों के साथ ही थानों में लगाए गए बंद पड़े सीसीटीवी कैमरे की मरम्मत कराई जाए। ताकि हर गतिविधियों को बेहतर तरीके से कैमरे में कैद किया जा सके। इन क्षेत्रों में भी समय के भीतर चेकिंग करने वाला दस्ता पहुंचेगा।
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