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बच्चों को स्कूल में कैद करने के मामले में दोनों हेडमास्टर निलंबित
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Mon, 30 Jul 2018 06:42 PM IST
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बच्चों को अंदर बंद छोड़कर स्कूल में ताला लगाकर घर चले जाने के मामले में रिछोला चौधरी के प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल दोनों के हेडमास्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले की जांच कराई गई तो यह भी पता चला कि दोनों स्कूलों का स्टाफ समय से काफी पहले 11 बजे ही गेट पर ताला लगाकर चला गया था। एबीएसए रमेश चंद्रा ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस लापरवाही का भी जिक्र किया है।
नवाबगंज के गांव रिछोला चौधरी में प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल दोनों एक ही परिसर में हैं। प्राइमरी स्कूल में हेडमास्टर महेशचंद्र हैं जबकि जूनियर हाईस्कूल में बतौर इंचार्ज हेडमास्टर सुजाता सिंह तैनात हैं। शुक्रवार को दोनों स्कूलों का स्टाफ छुट्टी से पहले ही ड्यूटी छोड़कर चला गया। स्कूल बंद करने के लिए आठवीं के छात्र नितेश को चाबी दे दी गई। नितेश ने शिक्षकों के जाते ही स्कूल गेट पर ताला लगा दिया। दर्जनों बच्चे स्कूल में ही कैद रह गए। स्कूल में कैद बच्चों के रोने-पीटने और शोर मचाने पर गांव के लोग इकट्ठे हो गए। उनकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला तुड़वाकर बच्चों को बाहर निकाला। शनिवार को एबीएसए रमेश चंद्रा ने जांच की तो शिक्षकों को जिम्मेदार माना। उन्होंने शनिवार को ही रिपोर्ट बीएसए तनुजा त्रिपाठी को भेज दी दी थी। गांव वालों ने इस घटना का वीडियो भी बना लिया था जो वायरल हो गया। वायरल वीडियो और एबीएसए की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर महेश चंद्रा और जूनियर हाईस्कूल की इंचार्ज हेडमास्टर सुजाता सिंह को निलंबित कर दिया। बीएसए ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जांच कराई थी। इसमें दोनों ही हेडमास्टरों की लापरवाही उजागर हुई थी। दोनों के निलंबन आदेश सोमवार को जारी कर दिए जाएंगे।
उधर, मामले की जांच कर रहे एबीएसए रमेश चंद्रा ने बताया कि प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल का स्टाफ शुक्रवार को 11 बजे ही स्कूल बंद करके चला गया था जबकि स्कूल बंद होने का समय एक बजे तक का है। लिहाजा यह मामला सिर्फ बच्चों को स्कूल में बंद करने का नहीं है। यह एक दूसरी बड़ी लापरवाही है। जांच रिपोर्ट में इसका भी जिक्र किया गया है।
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नवाबगंज के गांव रिछोला चौधरी में प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल दोनों एक ही परिसर में हैं। प्राइमरी स्कूल में हेडमास्टर महेशचंद्र हैं जबकि जूनियर हाईस्कूल में बतौर इंचार्ज हेडमास्टर सुजाता सिंह तैनात हैं। शुक्रवार को दोनों स्कूलों का स्टाफ छुट्टी से पहले ही ड्यूटी छोड़कर चला गया। स्कूल बंद करने के लिए आठवीं के छात्र नितेश को चाबी दे दी गई। नितेश ने शिक्षकों के जाते ही स्कूल गेट पर ताला लगा दिया। दर्जनों बच्चे स्कूल में ही कैद रह गए। स्कूल में कैद बच्चों के रोने-पीटने और शोर मचाने पर गांव के लोग इकट्ठे हो गए। उनकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला तुड़वाकर बच्चों को बाहर निकाला। शनिवार को एबीएसए रमेश चंद्रा ने जांच की तो शिक्षकों को जिम्मेदार माना। उन्होंने शनिवार को ही रिपोर्ट बीएसए तनुजा त्रिपाठी को भेज दी दी थी। गांव वालों ने इस घटना का वीडियो भी बना लिया था जो वायरल हो गया। वायरल वीडियो और एबीएसए की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर महेश चंद्रा और जूनियर हाईस्कूल की इंचार्ज हेडमास्टर सुजाता सिंह को निलंबित कर दिया। बीएसए ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जांच कराई थी। इसमें दोनों ही हेडमास्टरों की लापरवाही उजागर हुई थी। दोनों के निलंबन आदेश सोमवार को जारी कर दिए जाएंगे।
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उधर, मामले की जांच कर रहे एबीएसए रमेश चंद्रा ने बताया कि प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल का स्टाफ शुक्रवार को 11 बजे ही स्कूल बंद करके चला गया था जबकि स्कूल बंद होने का समय एक बजे तक का है। लिहाजा यह मामला सिर्फ बच्चों को स्कूल में बंद करने का नहीं है। यह एक दूसरी बड़ी लापरवाही है। जांच रिपोर्ट में इसका भी जिक्र किया गया है।
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