खुले में शौच के लिए मजबूर लड़की ने आबरू बचाने के लिए ऐसे चुनी मौत
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मध्य प्रदेश में एक 18 साल की लड़की को अपनी आबरू बचाने के लिए जान से हाथ धोना पड़ गया। दिल को दहला देने वाली वारदात में लाचार लड़की हैवानों से बचने के लिए रेलवे ट्रैक के पास दौड़ रही थी और ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। इस घटना का क्रूर सच ये है कि गरीब परिवार से तालुक रखने वाली पीड़िता को शौच के लिए रेलवे ट्रैक के पास जाना पड़ता था।
इसी मजबूरी का फायदा उन हैवानों ने उठाया जो कि उसपर अपनी नजर बनाए हुए थे। घटना दतिया जिले के गोविंदपुर गांव की है, जहां सोमवार करीब सुबह 5.30 बजे यह घटना हुई।
अंग्रेजी वेबसाइट की खबर के मुताबिक लड़की के पिता ने कहा कि उसकी बेटी का रेप उसी इलाके के रहने वाले दो लोगों ने की थी। इन्हीं दरिंदों से बचने के दौरान उनकी बेटी की जान गई। इन दोनों लोगों का नाम हल्कू यादव और संजू यादव है और वे लंबे समय से पीड़िता का पीछा कर रहे थे।
बचने के लिए चलती ट्रेन के आगे कूदी
लड़की की लाश को पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया गया है, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। लड़की की मौत के बाद राज्य में खुले में शौच की समस्या फिर से खड़ी हो गई है।
खुले में शौच की वजह से होते हैं यहां रेप
बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि जब खुले में शौच की वजह से मध्य प्रदेश में क्राइम न हुआ हो। महिलाएं ही नहीं ज्यादातर नाबालिगों को भी इस वजह से हैवानों का शिकार बनना पड़ता है।
वहीं इस पर प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है कि खुले में शौचकी वजह से क्राइम अक्सर होता है। हालांकि ये बात स्वीकारी गई है कि करीब 40 लाख परिवार खुले में शौच करने पर मजबूर होते हैं।