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जानलेवा हमला करने पर पिता-पुत्र समेत चार को 5-5 साल की सजा
Fri, 15 Feb 2019 12:09 AM IST
gaurav gaurav
Chitrakoot
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Published by: gaurav gaurav
Updated Fri, 15 Feb 2019 12:09 AM IST
सार
रंजिश के चलते ग्रामीण के पैर तोड़कर मरणासन्न अवस्था में फेंक गए थे ग्रामीण
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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विस्तार
महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुरेंद्र नाथ ने जानलेवा हमला करने के मामले में पिता-पुत्र समेत चार लोगों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही 14-14 हजार रुपये जुुर्माना भी ठोंका। अदालत ने अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।
थाना खरेला के बल्लायं निवासी पप्पू उर्फ ओम प्रकाश राजपूत को रंजिश के चलते गांव के ही उदयभान राजपूत, उसका पुत्र दिलीप, श्रीकांत व उसका साथी धीरेंद्र समेत चार लोग 29 जनवरी 2013 को अगवाकर मौदहा बांध की तरफ ले गए। जहां पर पप्पू पर लाठी-डंडों से हमलाकर दोनों पैर तोड़ दिए और अधमरा छोड़कर भाग गए। पप्पू की चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना पप्पू के भाई गुलाब सिंह को दी। गुलाब सिंह ने उसका मेडिकल कालेज झांसी में इलाज कराया गया। गुलाब सिंह ने चार लोगों के खिलाफ धारा 307 और 325 के तहत थाना खरेला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने गुरुवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद उदयभान राजपूत, दिलीप राजपूत, श्रीकांत राजपूत और धीरेंद्र को जानलेवा हमला करने का दोषी ठहराते हुए पांच-पांच साल की सजा सुनाई। सरकार पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि अदालत ने अभियुक्तों पर 14-14 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है।
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थाना खरेला के बल्लायं निवासी पप्पू उर्फ ओम प्रकाश राजपूत को रंजिश के चलते गांव के ही उदयभान राजपूत, उसका पुत्र दिलीप, श्रीकांत व उसका साथी धीरेंद्र समेत चार लोग 29 जनवरी 2013 को अगवाकर मौदहा बांध की तरफ ले गए। जहां पर पप्पू पर लाठी-डंडों से हमलाकर दोनों पैर तोड़ दिए और अधमरा छोड़कर भाग गए। पप्पू की चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना पप्पू के भाई गुलाब सिंह को दी। गुलाब सिंह ने उसका मेडिकल कालेज झांसी में इलाज कराया गया। गुलाब सिंह ने चार लोगों के खिलाफ धारा 307 और 325 के तहत थाना खरेला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने गुरुवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद उदयभान राजपूत, दिलीप राजपूत, श्रीकांत राजपूत और धीरेंद्र को जानलेवा हमला करने का दोषी ठहराते हुए पांच-पांच साल की सजा सुनाई। सरकार पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि अदालत ने अभियुक्तों पर 14-14 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है।
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रंजिश के चलते ग्रामीण के पैर तोड़कर मरणासन्न अवस्था में फेंक गए थे ग्रामीण