{"_id":"5be9cb29bdec226956573053","slug":"father-and-son-shot-in-a-rage","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंजिश में पिता-पुत्र को गोली मारी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रंजिश में पिता-पुत्र को गोली मारी
रंजिश में पिता-पुत्र को गोली मारी
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:19 AM IST
विज्ञापन
गोली लगने से घायल अकील
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सफीपुर। वैवाहिक समारोह से लौट रहे पिता-पुत्र पर रंजिश में असलहों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में गोली पिता की पीठ में और उसके बेटे के सिर में छर्रे लगे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी भेजा। इसके बाद दोनों को कानपुर रेफर कर दिया गया है। घायल पिता ने चार लोगों पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है। जबकि दो आरोपी फरार है।
सफीपुर कोतवाली के कजियाना मोहल्ला निवासी अकील (45) पुत्र जग्गन बेटे शहीद (23) के साथ कस्बे के पश्चिम छोर स्थित एक मैरिज हाल से विवाह समारोह में शामिल होकर पैदल लौट रहे थे। कोतवाली से 500 मीटर दूर घात लगाए बैठे चार हमलावरों ने अकील व शहीद पर हमला कर तमंचे से फायरिंग की। एक गोली अकील के पीठ में लगी और छर्रे शहीद के सिर में छूते हुए निकल गए। फायरिंग की आवाज सुन गेस्ट हाउस में मौजूद लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कोतवाल ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को कानपुर रेफर कर दिया गया।
कोतवाली प्रभारी राघवन कुमार सिंह ने बताया कि घायल अकील ने मोहल्ले के कासिम, आतिर पुत्र सुलेमान के अलावा दो अज्ञात लोग बताए हैं। इसमें दोनों भाइयों को हिरासत में लिया गया है। दो अन्य की तलाश की जा रही है। हैलट से आने के बाद पीड़ित ने तहरीर देने की बात कही है।
विज्ञापन
17 दिन पहले दर्ज हुआ था अपहरण का मुकदमा
कजियाना मोहल्ला निवासी आतिर उर्फ अद्दू पुत्र सुलेमान 25 अक्तूबर अचानक लापता हो गया था। उसका सामान शारदा नहर ब्रांच पीखी पुल के पास पड़ा मिला था। आतिर के भाई कासिम ने उस मामले में अकील पुत्र जग्गन, बेटा शाहिद सहित छह लोगों के खिलाफ अपरहण का मुकदमा दर्ज कराया था। 26 अक्तूबर को कन्नौज जिले की तिर्वा कोतवाली के निकट बने मेडिकल कालेज के निकट अद्दू बरामद हो गया था। पुलिस ने मामला फर्जी बताया था।
तीन साल से चली आ रही रंजिश
घायल अकील ने जिन पर आरोप लगाया है उनसे तीन साल से रंजिश चली आ रही है। कसबे के कजियाना मोहल्ला निवासी शाहिद पुत्र सुलेमान 19 अगस्त 2015 को लापता हो गया था। 20 अगस्त को गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज होने के बाद आज तक उसका पता नहीं चला। उस समय शाहिद के परिजनों ने अकील पुत्र जग्गन उसके बेटे शहीद सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जो कोर्ट में विचाराधीन है।
विज्ञापन
सफीपुर कोतवाली के कजियाना मोहल्ला निवासी अकील (45) पुत्र जग्गन बेटे शहीद (23) के साथ कस्बे के पश्चिम छोर स्थित एक मैरिज हाल से विवाह समारोह में शामिल होकर पैदल लौट रहे थे। कोतवाली से 500 मीटर दूर घात लगाए बैठे चार हमलावरों ने अकील व शहीद पर हमला कर तमंचे से फायरिंग की। एक गोली अकील के पीठ में लगी और छर्रे शहीद के सिर में छूते हुए निकल गए। फायरिंग की आवाज सुन गेस्ट हाउस में मौजूद लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कोतवाल ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को कानपुर रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
कोतवाली प्रभारी राघवन कुमार सिंह ने बताया कि घायल अकील ने मोहल्ले के कासिम, आतिर पुत्र सुलेमान के अलावा दो अज्ञात लोग बताए हैं। इसमें दोनों भाइयों को हिरासत में लिया गया है। दो अन्य की तलाश की जा रही है। हैलट से आने के बाद पीड़ित ने तहरीर देने की बात कही है।
विज्ञापन
17 दिन पहले दर्ज हुआ था अपहरण का मुकदमा
कजियाना मोहल्ला निवासी आतिर उर्फ अद्दू पुत्र सुलेमान 25 अक्तूबर अचानक लापता हो गया था। उसका सामान शारदा नहर ब्रांच पीखी पुल के पास पड़ा मिला था। आतिर के भाई कासिम ने उस मामले में अकील पुत्र जग्गन, बेटा शाहिद सहित छह लोगों के खिलाफ अपरहण का मुकदमा दर्ज कराया था। 26 अक्तूबर को कन्नौज जिले की तिर्वा कोतवाली के निकट बने मेडिकल कालेज के निकट अद्दू बरामद हो गया था। पुलिस ने मामला फर्जी बताया था।
तीन साल से चली आ रही रंजिश
घायल अकील ने जिन पर आरोप लगाया है उनसे तीन साल से रंजिश चली आ रही है। कसबे के कजियाना मोहल्ला निवासी शाहिद पुत्र सुलेमान 19 अगस्त 2015 को लापता हो गया था। 20 अगस्त को गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज होने के बाद आज तक उसका पता नहीं चला। उस समय शाहिद के परिजनों ने अकील पुत्र जग्गन उसके बेटे शहीद सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जो कोर्ट में विचाराधीन है।