फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Crime ›   explosive material was

प्लाट में दस दिन पहले दबाया था विस्फोटक

Tue, 12 Dec 2017 12:03 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Tue, 12 Dec 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
प्रॉपर्टी डीलर को फंसाने की साजिश में जिस विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया, वह उत्तराखंड बार्डर पर चल रहे सड़क निर्माण के दौरान पहाड़ तोड़ने के लिए इस्तेमाल होता है। आईटीबीपी के जवान विजय कुमार के मुताबिक तीन युवकों की मदद से उसने विस्फोटक मंगाया था। पुलिस छापामारी में प्लाट की कोठरी के कच्चे फर्श की खोदाई में बरामद विस्फोटक से मिलता जुलता पदार्थ ही नेकपुर स्थिति आईटीबीपी के जवान के घर से भी बरामद हुआ है। अब बरामद विस्फोटक के नमूनों को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। 
विज्ञापन

नेकपुर में विजय कुमार की पत्नी संतोष और तीन बच्चे रहते हैं। वह मूल रूप से अलीगंज के किदौना गांव का रहने वाला है। विजय 28 नवंबर को छुट्टी पर घर आया था। एसपी क्राइम के मुताबिक एक दिसंबर की रात विजय ने जमीन में विस्फोटक दबाया था। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाता रहा। पत्नी के मुताबिक विजय रविवार पूर्वान्ह करीब 11 बजे घर से निकल गया था। दोपहर बाद से उसका मोबाइल बंद था। सोमवार सुबह चार बजे पत्नी ने पुलिस को फोन करके इसकी जानकारी दी थी। 
विज्ञापन


बार-बार बयान बदलता रहा जवान 
विजय के मुताबिक विस्फोटक को तीन युवकों के जरिये लाया गया था। पुलिस ने विजय की निशानदेही पर बिथरीचैनपुर, बारादरी और प्रेमनगर में दबिशें दीं। हालांकि युवकों को पकड़ा नहीं जा सका है। जवान पुलिस को लगातार गुमराह करता रहा और बार-बार बयान बदलता रहा। पुलिस ने जब विजय की लोकेशन ट्रेस कराई तो वह प्लाट के आसपास ही पाई गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दिवाली पर मिठाई देकर की थी जसवीर से दोस्ती 
दिवाली पर विजय पहली बार मिठाई लेकर जसवीर के घर पहुंचा था। इसके बाद उसने कई बार जसवीर से मुलाकात की। विजय ने पेट्रोल पंप खोलने की बात कहकर जसवीर से घर बैठे एक लाख महीना लेने के लिए कहा था। इसके बाद विजय ने दो टैंकर भी जमीन पर उतरवा दिए, जिसको जसवीर ने हटवा दिया था।  

विजय का करेक्टर रोल ठीक नहीं 
आईटीबीपी के डीआईजी ग्रुप सेंटर को जब पुलिस ने विजय के पकड़े जाने की जानकारी दी तो उन्होंने बताया कि विजय 36वीं बटालियन चंपारण लोहाघाट (उत्तराखंड) में सहायक उपनिरीक्षक (फार्मासिस्ट) के पद पर तैनात है। आईटीबीपी के डीआईजी ने विजय को अनुशासनहीन और दुष्चरित्र बताया। कहा, उसका विभागीय करेक्टर रोल भी खराब है।  

पुलिस को फोन करके फंसा विजय
आईटीबीपी के जवान विजय ने जसवीर को फंसाने की योजना तो काफी सोच-समझकर बनाई थी लेकिन वह पुलिस को फोन करके फंस गया। सोमवार सुबह चार बजे विजय ने आईजी, एसएसपी कार्यालय सहित थाना और पुलिस हेल्पलाइन पर विस्फोटक दबे होने की जानकारी दी। कहा, मुख्यमंत्री कार्यालय उड़ाने की साजिश है। इसके बाद पुलिस ने सबसे पहले शिकायतकर्ता के नंबर को ही लोकेट किया तो जवान सामने आया। इसके बाद जमीन पर विस्फोटक भी बरामद कराया गया। 

जमीन का विवाद कोर्ट में चल रहा 
जसवीर सिंह के मुताबिक जमीन का बैनामा एक साल पहले 2.90 लाख में रोशन गुप्ता से कराया था। जमीन विवादित होने के बाद मामला कोर्ट और तहसील सदर में भी पहुंचा था। जमीन को लेकर बिथरीचैनपुर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी है। विजय के बड़े भाई सोहन लाल अलीगंज के किदौना गांव में खेतीबाड़ी करते हैं। वहीं छोटा भाई भानु प्रताप दिल्ली पुलिस में सिपाही है। 

पुलिस को दी थी आतंकी कनेक्शन की जानकारी
एसपी क्राइम रमेश भारतीय के मुताबिक, विजय ने साजिश यह सोचकर रची थी कि विस्फोटक बरामद होने के बाद इसका इल्जाम जसवीर पर ही आएगा। सोमवार सुबह करीब चार बजे एसएसपी कार्यालय, पुलिस हेल्पलाइन नंबर, बिथरी चैनपुर थाने को जमीन में विस्फोटक दबे होने की जानकारी दी। कहा कि, आतंकियों से मामले के तार जुड़े हैं। इसके बाद खुदाई में विस्फोटक बरामद कराया गया।


शिकायतकर्ता के नंबर से जवान तक पहुंची पुलिस
विस्फोटक सामग्री की जानकारी देने वाले तक पहुंचने की कवायद में मोबाइल नंबर की सर्विलांस लोकेशन के जरिये पुलिस आईटीबीपी के जवान विजय कुमार तक पहुंची। विजय कुमार से पूछताछ में जमीन कनेक्शन सामने आने के बाद उन्हें पुलिस लाइन लाकर पूछताछ की गई तो पूरी कहानी खुलती चली गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed