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जम्मू-कश्मीर में जिले का जवान शहीद
देवरिया
Updated Mon, 01 May 2017 11:09 PM IST
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बनकटा। जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में सोमवार को हुए आतंकी हमले में देवरिया का एक लाल शहीद हो गए। भाटपाररानी के टीकमपार गांव निवासी प्रेमसागर (46) पुत्र स्व. हरिहर प्रसाद बीएसएफ का हेडकांस्टेबल पद पर तैनात थे।
उनके शहीद होने की खबर जैसे ही इलाके में पहुंचे, मानो पूरा इलाका ही शोक में डूब गया हो, अधिकारी से लेकर नेता तक शहीद के घर पहुंचे और परिवार को ढ़ाढस बनाया। इलाके को लेकर आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कह रहे हैं। टीकमपार मातम में डूबा है। शहीद प्रेमसागर प्रसाद वर्ष 1994 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू के सांबा सेक्टर के बीएनबीएसएफ की 200वीं बटालियन में थी। सोमवार को आतंकी हमले में जवान प्रेमसागर शहीद हो गए।
बीएसएफ के उच्चाधिकारियों ने फोन कर घटना की जानकारी परिवार वालों को दी। जवान की शहादत की खबर जैसे की गांव पहुंचे, परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी ज्ञान्ती देवी, बेटे ईश्वर चंद (24) रणविजय (14), बेटी सरोज (23), मोनिका (17) सदमे में हो गए। सभी को रो रोकर बुरा हाल है। पत्नी के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। लोग संभालते, लेकिन होश में आते ही फिर माहौल गमगीन हो जाता था।
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प्रेमसागर केे छोटे भाई दयाशंकर भी बीएसएफ की 45वी बटालियन में हैं। उनकी तैनाती छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में तैनात हैं। इस समय वह छुट्टी पर घर आये हुए हैं। दरवाजे पर लोगों की भीड़ है। परिजनों ने बताया कि सुबह आठ बजे के करीब प्रेमसागर ने घर पर फोनकर लोगों से बातचीत की थी। उन्होंने परिवारवालों से कहा कि होली में घर आएंगे। भाई ने कहा कि प्रेमसागर 25 मार्च को ड्यूटी पर गए थे।
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उनके शहीद होने की खबर जैसे ही इलाके में पहुंचे, मानो पूरा इलाका ही शोक में डूब गया हो, अधिकारी से लेकर नेता तक शहीद के घर पहुंचे और परिवार को ढ़ाढस बनाया। इलाके को लेकर आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कह रहे हैं। टीकमपार मातम में डूबा है। शहीद प्रेमसागर प्रसाद वर्ष 1994 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू के सांबा सेक्टर के बीएनबीएसएफ की 200वीं बटालियन में थी। सोमवार को आतंकी हमले में जवान प्रेमसागर शहीद हो गए।
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बीएसएफ के उच्चाधिकारियों ने फोन कर घटना की जानकारी परिवार वालों को दी। जवान की शहादत की खबर जैसे की गांव पहुंचे, परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी ज्ञान्ती देवी, बेटे ईश्वर चंद (24) रणविजय (14), बेटी सरोज (23), मोनिका (17) सदमे में हो गए। सभी को रो रोकर बुरा हाल है। पत्नी के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। लोग संभालते, लेकिन होश में आते ही फिर माहौल गमगीन हो जाता था।
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प्रेमसागर केे छोटे भाई दयाशंकर भी बीएसएफ की 45वी बटालियन में हैं। उनकी तैनाती छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में तैनात हैं। इस समय वह छुट्टी पर घर आये हुए हैं। दरवाजे पर लोगों की भीड़ है। परिजनों ने बताया कि सुबह आठ बजे के करीब प्रेमसागर ने घर पर फोनकर लोगों से बातचीत की थी। उन्होंने परिवारवालों से कहा कि होली में घर आएंगे। भाई ने कहा कि प्रेमसागर 25 मार्च को ड्यूटी पर गए थे।