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साइबर दुनिया के आर्थिक अपराधों को रोकने के लिये नये तकनीकी उपाय खोजने की जरूरत: डीजीपी भट्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 03 Mar 2017 06:52 PM IST
सार
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cyber crime
- फोटो : demo pic
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विस्तार
महानिदेशक पुलिस मनोज भट्ट ने पुलिस अधिकारियों का आह्वान किया है कि देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिये वर्तमान चुनौतियों को देखते हुए साइबर अपराधों से पूरी दुनियां के बुद्विजीवी, शासक, प्रशासक, पुलिस संगठन एवं जांच एजेन्सियां चिन्तित हैं। उन्होंने कहा कि साइबर दुनिया में घटित हो रहे अपराधों को रोकने के लिये नये तकनीकी उपाय खोजने की आवश्यकता है।
डीजीपी भट्ट शुक्रवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद एवं सीडेक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय पाठ्यक्रम इन्वेस्टीगेशन ऑफ साइबर क्राइम के समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तकनीक के विस्तार एवं आर्थिक प्रगति के साथ देश में तेजी से बढ़ रहे वित्तीय धोखाधड़ी एवं साइबर अपराधां की चुनौतियों को पुलिस एवं अनुसंधान एजेन्सियों के माध्यम से रोकने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम के प्रशिक्षण कार्यक्रम के इसी क्रम में म्यांमार पुलिस भी अपने पुलिस अधिकारियों को आरपीए जयपुर में प्रशिक्षण दिलवाने के लिये विदेश मंत्रालय को प्रस्ताव भिजवा चुकी हैं।
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समापन समारोह में अतिरिक्त पुलिस निदेशक स्टेट क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो कपिल गर्ग तथा अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण नंद किशोर भी उपस्थित रहें।
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डीजीपी भट्ट शुक्रवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद एवं सीडेक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय पाठ्यक्रम इन्वेस्टीगेशन ऑफ साइबर क्राइम के समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तकनीक के विस्तार एवं आर्थिक प्रगति के साथ देश में तेजी से बढ़ रहे वित्तीय धोखाधड़ी एवं साइबर अपराधां की चुनौतियों को पुलिस एवं अनुसंधान एजेन्सियों के माध्यम से रोकने की जरूरत है।
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उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम के प्रशिक्षण कार्यक्रम के इसी क्रम में म्यांमार पुलिस भी अपने पुलिस अधिकारियों को आरपीए जयपुर में प्रशिक्षण दिलवाने के लिये विदेश मंत्रालय को प्रस्ताव भिजवा चुकी हैं।
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समापन समारोह में अतिरिक्त पुलिस निदेशक स्टेट क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो कपिल गर्ग तथा अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण नंद किशोर भी उपस्थित रहें।
राजस्थान के 41 चुनिंदा पुलिस अधिकारियों ने लिया हिस्सा
साइबर क्राइम
- फोटो : Demo
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एवं राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक राजीव दासोत ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में इस तरह का यह 7वां प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इन कोर्सेज में अब तक अकादमी में लगभग 210 पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पूर्व के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में स्थानीय फेकल्टी द्वारा प्रशिक्षण दिया गया था किन्तु पहली बार राष्ट्रीय पुलिस अकादमीए हैदराबाद व सीडेक के ख्यातनाम प्रशिक्षक राजस्थान के पुलिस अधिकारियों को साइबर क्राइम केसों के अनुसंधान में प्रशिक्षित किया गया है।
एडीजी दासोत ने बताया कि कोर्स में राजस्थान पुलिस के विभिन्न जिलों से आये कुल 41 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को विषय पर तकनीकी ज्ञान के अलावा राईट ब्लोकर की मदद से संदिग्ध हार्डवेयर की हैश वैल्यू निकालनाए इमेज बनाना, इमेज का डेटा विश्लेषण करना, विभिन्न फोरेन्सिक टूल्स् की मदद से संदिग्ध हार्डवेयर का डिलिट किया हुआ डेटा रिट्रीव करना, कॉलडिटेल का विश्लेषण करना, इलेक्ट्रोनिक्स साक्ष्य को जप्त कर सील करना आदि का अभ्यास भी करवाया गया।
एडीजी दासोत ने बताया कि कोर्स में राजस्थान पुलिस के विभिन्न जिलों से आये कुल 41 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को विषय पर तकनीकी ज्ञान के अलावा राईट ब्लोकर की मदद से संदिग्ध हार्डवेयर की हैश वैल्यू निकालनाए इमेज बनाना, इमेज का डेटा विश्लेषण करना, विभिन्न फोरेन्सिक टूल्स् की मदद से संदिग्ध हार्डवेयर का डिलिट किया हुआ डेटा रिट्रीव करना, कॉलडिटेल का विश्लेषण करना, इलेक्ट्रोनिक्स साक्ष्य को जप्त कर सील करना आदि का अभ्यास भी करवाया गया।