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हैवानियत की शिकार बच्ची को अधिकारी ने लिया गोद

Thu, 09 May 2019 04:05 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Thu, 09 May 2019 04:05 AM IST
सार

- बच्ची का दर्द सुनकर अधिकारी ने सराहनीय कदम उठाया
- जागृति विहार में बच्चियों से दरिंदगी करता था विमलचंद
- कोर्ट के बयानों में भी बच्चियों ने खोली हैवान की पोल

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animalism victim girl adopt by the officer
आरोपी विमल चंद की आलीशान कोठी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार


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 जागृति विहार में बच्चियों से दरिंदगी के मामले में एक अधिकारी ने बहुत ही सराहनीय कदम उठाया है। हैवान की शिकार हुई एक बच्ची अधिकारी ने गोद ले ली है। उसकी परवरिश से लेकर पढ़ाई तक का खर्च अधिकारी उठाएंगे। अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की बात कही हैं। वहीं, कोर्ट में दर्ज बयानों में बच्चियों ने हैवानियत की सारी पोल खोल दी।
मेडिकल थानाक्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर-6 में हैवान विमलचंद ने अपनी कोठी में 17 बच्चियों से दरिंदगी की। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज व तीन बच्चियों के बयानों में इसकी जानकारी पुलिस को मिली। अधिकारी ने हैवानियत की शिकार हुई बच्चियों से बात की। उसके बाद अधिकारी ने एक बच्ची की परवरिश करने की जिम्मेदारी ले ली। इतना ही नहीं, बच्ची को ऑन रिकॉर्ड में लेने की बात कही है। इस अधिकारी ने मीडिया से कहा कि बच्ची को लेकर मैं कोई बात शेयर नहीं करना चाहता। बच्ची की पढ़ाई से लेकर सारी परवरिश की जिम्मेदारी गोपनीय तरीके से उठाऊंगा। बच्ची की उम्र 11 साल बताई गई है। अधिकारी मेरठ में बड़े पद पर तैनात हैं।
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हैवान की खोली पोल
पुलिस ने अब तक तीन बच्चियों के कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। तीनों बच्चियों के बयानों का बुधवार शाम अवलोकन किया गया। जिसमें बच्चियों ने हैवान विमलचंद की पोल खोली। बच्चियों ने कई बालिग-नाबालिग बच्चियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस सभी बिंदु पर जांच करने में जुटी है।
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अब रिमांड की तैयारी
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना कि आरोपी विमलचंद को रिमांड पर लेने की तैयारी पूरी हो चुकी है। तीनों बच्चियों के बयानों का अवलोकन किया गया है। बच्चियों द्वारा बताई बातों को तस्दीक करने के लिए आरोपी की रिमांड लेने जरूरी है। कई लोगों की पहचान भी आरोपी ही बताएगा।
कोठी में होगा ओर सर्च
पुलिस ने बताया कि विमलचंद की कोठी में अभी कई राज छुपे हो सकते है। सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर और लैपटॉप को फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। लेकिन कोठी में ऐसी कई आपत्तिजनक सामान मिले है, जोकि कई राज खोलेगा। इसको देखते पुलिस कोठी में सर्च कराने की बात कह रही है।  
किसने निर्देश पर बच्ची सुपुर्द की
चाइड वेलफेयर समिति निदेशिका अनीता राणा का कहना है कि पीड़ित बच्चियों को उनके परिजनों को सुपुर्द नहीं कराना चाहिए था। यह बात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से हो गई थी। इसके बावजूद परिजनों को बच्ची सौंप दी गई। एक अंदेशा था कि इस दरिंदगी में बच्चियों के परिजन भी शामिल हो सकते है। कोई लालच हो सकता है। इसके चलते बच्चियों के 164 के बयानों तक परिजनों से अलग रखा जाए, जबकि ऐसा बिलकुल नहीं हुआ। इसकी शिकायत वह पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से करेंगे।

सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मेें एक युवक और एक महिला दिखे है। जिनकी पहचान कराने के लिए विमलचंद को रिमांड पर लेना जरूरी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत सारी कार्रवाई कराई जा रही।
नितिन तिवारी, एसएसपी

इस मामले में जांच बैठी है। प्रशासनिक अधिकारी भी हर पहलुओं पर नजर लगाए है। चाइड वेलफेयर समिति को भी पीड़ित बच्चियों की काउंसिलिंग में लगाया है।
अनिल ढींगरा, डीएम

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