{"_id":"589e0e394f1c1b7b0d379025","slug":"a-year-in-jail-on-illegal-rifiling","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध रिफिलिंग पर एक वर्ष की कैद ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अवैध रिफिलिंग पर एक वर्ष की कैद
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sat, 11 Feb 2017 12:32 AM IST
विज्ञापन
cylinder
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह द्वितीय ने आवश्यक अधिनियम धारा 3/7 के तहत एक आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
अभियोजन अनुसार कटरा कोतवाली क्षेत्र के शिवाला महंत सुरेखापुरम स्टेट आरोपी चंद्रभान साहू पुत्र बब्बू राजासाहू अपनी दूकान साहू लाइट हाउस से अवैध गैस रिफिलिंग कर रहा था। शासन के निर्देश के अनुपालन में नौ फरवरी 2010 को 11 बजे जिलापूर्ति निरीक्षक परमानंद श्रीवास्तव ने दूकान पर औचक छापा मार कर बड़े तथा छोटे सिलेंडर खाली व भरे हुए व गैस भरने के उपकरण बरामद किया। जिलाधिकारी की अनुमति से उसके खिलाफ 3/7 ईसी एक्ट के अपराध में कटरा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
जिसकी सुनवाई शुक्रवार को न्यायालय द्वारा की गई। अभियोजन की ओर से विजय कुमार सरोज ने आठ गवाह प्रस्तुत कराया। अधिवक्ताओं की दलील पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने चंद्र भान साहू को दोषसिद्ध पाते हुए एक वर्ष की कैद व दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन अनुसार कटरा कोतवाली क्षेत्र के शिवाला महंत सुरेखापुरम स्टेट आरोपी चंद्रभान साहू पुत्र बब्बू राजासाहू अपनी दूकान साहू लाइट हाउस से अवैध गैस रिफिलिंग कर रहा था। शासन के निर्देश के अनुपालन में नौ फरवरी 2010 को 11 बजे जिलापूर्ति निरीक्षक परमानंद श्रीवास्तव ने दूकान पर औचक छापा मार कर बड़े तथा छोटे सिलेंडर खाली व भरे हुए व गैस भरने के उपकरण बरामद किया। जिलाधिकारी की अनुमति से उसके खिलाफ 3/7 ईसी एक्ट के अपराध में कटरा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
जिसकी सुनवाई शुक्रवार को न्यायालय द्वारा की गई। अभियोजन की ओर से विजय कुमार सरोज ने आठ गवाह प्रस्तुत कराया। अधिवक्ताओं की दलील पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने चंद्र भान साहू को दोषसिद्ध पाते हुए एक वर्ष की कैद व दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
विज्ञापन