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पर्यवेक्षक को बीस किलो चीनी के साथ पकड़ा, हंगामा
Updated Thu, 22 Sep 2016 01:39 AM IST
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pradarshan
- फोटो : amar ujala
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असमोली ब्लॉक के मलकपुर नवादा गांव में कोटेदार की दुकान पर राशन के खाद्यान्न और चीनी का वितरण कराने गए पर्यवेक्षक के पास 20 किलोग्राम चीनी देख ग्रामीण बिफर पड़े। इसको लेकर उन्होंने जमकर हंगामा किया। एसडीएम ने एरिया राशनिंग अफसर को प्रकरण की जांच सौंपी है।
मलकपुरनवादा में बुधवार को दोपहर ढाई बजे पर्यवेक्षक की हैसियत से नलकूप विभाग के कूप चालक कामेश चंद्र राशन वितरण कराने के लिए पहुंचे थे। ग्रामीणों में एक पक्ष का कहना है कि वितरण रजिस्ट्रर में कुछ लिखापढ़ी करके पर्यवेक्षक मौके से जाने लगे। इस दौरान उनके पास दस-दस किलोग्राम के दो पैकेट चीनी के थे। इसे देखकर इन्हें घेर कर रोक लिया गया। इसे लेकर कोटेदार समर्थकों और शिकायतकर्ताओं में विवाद के चलते हंगामे की स्थिति बन ग्रइ। एसडीएम को सूचना दी गई तो उन्होंने असमोली थाने जाने को कहा।
जब इन्हें लेकर थाने जा रहे थे तो रास्ते में ही दो सिपाही मिल गए। उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया। इस मामले में पर्यवेक्षक ने अधिकारियों को बताया है कि उन्हें कुछ लोगों ने फंसाया है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी वितरण कराने में पर्यवेक्षक भी शामिल हैं। जब उन्होंने चीनी के साथ पकड़ा तो उल्टे आरोप लगा दिया गया।
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इस मामले में एसडीएम अखिलेश यादव ने एरिया राशनिंग अफसर अश्वनी मिश्रा को जांच के आदेश दिए हैं। अश्वनी मिश्रा ने बताया चीनी के दस दस किलोग्राम के दो पैकेट मिलने की बात सामने आई है। यह चीनी कहां से आई। इसकी जांच होगी।
उन्होंने बताया कि अभी एक पक्ष के लोग ही उनके पास आए हैं जिनका कहना है कि पर्यवेक्षक को फंसाया गया है अब दूसरे पक्ष के लोगों से वह गांव में जाकर मिलेंगे। बयान लेंगे और हकीकत के आधार पर कार्रवाई होगी।
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मलकपुरनवादा में बुधवार को दोपहर ढाई बजे पर्यवेक्षक की हैसियत से नलकूप विभाग के कूप चालक कामेश चंद्र राशन वितरण कराने के लिए पहुंचे थे। ग्रामीणों में एक पक्ष का कहना है कि वितरण रजिस्ट्रर में कुछ लिखापढ़ी करके पर्यवेक्षक मौके से जाने लगे। इस दौरान उनके पास दस-दस किलोग्राम के दो पैकेट चीनी के थे। इसे देखकर इन्हें घेर कर रोक लिया गया। इसे लेकर कोटेदार समर्थकों और शिकायतकर्ताओं में विवाद के चलते हंगामे की स्थिति बन ग्रइ। एसडीएम को सूचना दी गई तो उन्होंने असमोली थाने जाने को कहा।
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जब इन्हें लेकर थाने जा रहे थे तो रास्ते में ही दो सिपाही मिल गए। उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया। इस मामले में पर्यवेक्षक ने अधिकारियों को बताया है कि उन्हें कुछ लोगों ने फंसाया है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी वितरण कराने में पर्यवेक्षक भी शामिल हैं। जब उन्होंने चीनी के साथ पकड़ा तो उल्टे आरोप लगा दिया गया।
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इस मामले में एसडीएम अखिलेश यादव ने एरिया राशनिंग अफसर अश्वनी मिश्रा को जांच के आदेश दिए हैं। अश्वनी मिश्रा ने बताया चीनी के दस दस किलोग्राम के दो पैकेट मिलने की बात सामने आई है। यह चीनी कहां से आई। इसकी जांच होगी।
उन्होंने बताया कि अभी एक पक्ष के लोग ही उनके पास आए हैं जिनका कहना है कि पर्यवेक्षक को फंसाया गया है अब दूसरे पक्ष के लोगों से वह गांव में जाकर मिलेंगे। बयान लेंगे और हकीकत के आधार पर कार्रवाई होगी।