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जानलेवा हमला में सात साल की सजा
mahoba
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:00 AM IST
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महोबा।
जानलेवा हमला करने के मामले में जनपद न्यायाधीश अल्ला रक्खे खां ने आरोपी को सात साल की सजा सुनाई साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।
12 दिसंबर 2013 को थाना अजनर के ग्राम नगारा डांग में खेमचंद्र अपने खेत में सिंचाई कर रहा था। तभी गांव का कंदू उर्फ कन्हैया पुत्र नंदू खेत में आ गया और पंपिंग सेट मशीन से पहले सिंचाई करने की बात को लेकर झगड़ा करने लगा। मना करने पर कंदू उफ कन्हैया ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
जिससे खेमचंद्र खून से लथपथ होकर गिर गया। घटना के बाद कन्हैया फरार हो गया। पीड़ित के परिजनों ने उसे जिला अस्पताल महोबा में भर्ती कराया। लेकिन हालत खराब होने पर उसे मेडिकल कालेज झांसी के लिए रेफर कर दिया। दो दिन बाद 14 दिसंबर 2013 को हालत में सुधार होने पर पीड़ित के भाई राजचंद्र पुत्र प्रभु लोधी ने कंदू उफ कन्हैया के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा थाना अजनर में दर्ज करा दिया था।
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गुरुवार को विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद कंदू उफ कन्हैया को जानलेवा हमला करने का दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई और साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने 10 हजार रुपये जुर्माना में से 8 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाने के निर्देश दिए।
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जानलेवा हमला करने के मामले में जनपद न्यायाधीश अल्ला रक्खे खां ने आरोपी को सात साल की सजा सुनाई साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।
12 दिसंबर 2013 को थाना अजनर के ग्राम नगारा डांग में खेमचंद्र अपने खेत में सिंचाई कर रहा था। तभी गांव का कंदू उर्फ कन्हैया पुत्र नंदू खेत में आ गया और पंपिंग सेट मशीन से पहले सिंचाई करने की बात को लेकर झगड़ा करने लगा। मना करने पर कंदू उफ कन्हैया ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
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जिससे खेमचंद्र खून से लथपथ होकर गिर गया। घटना के बाद कन्हैया फरार हो गया। पीड़ित के परिजनों ने उसे जिला अस्पताल महोबा में भर्ती कराया। लेकिन हालत खराब होने पर उसे मेडिकल कालेज झांसी के लिए रेफर कर दिया। दो दिन बाद 14 दिसंबर 2013 को हालत में सुधार होने पर पीड़ित के भाई राजचंद्र पुत्र प्रभु लोधी ने कंदू उफ कन्हैया के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा थाना अजनर में दर्ज करा दिया था।
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गुरुवार को विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद कंदू उफ कन्हैया को जानलेवा हमला करने का दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई और साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने 10 हजार रुपये जुर्माना में से 8 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाने के निर्देश दिए।