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क्या 2019 और 2023 का दर्द मिटा पाएंगे कोहली?: बताया- दोनों हार ने छीना था चैन, अब अधूरा सपना पूरा करने पर नजर
Sun, 27 Sep 2026 12:07 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, त्रिवेंद्रम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, त्रिवेंद्रम
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 27 Sep 2026 12:07 PM IST
सार
विराट कोहली ने 2019 विश्व कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार को बेहद दर्दनाक बताया और कहा कि वह इसके बाद महीनों तक मानसिक रूप से परेशान रहे। 2023 फाइनल की हार भी उनके लिए मुश्किल रही। अब 2027 विश्व कप को अपना आखिरी टूर्नामेंट बता चुके कोहली ने इसे अपनी प्रेरणा बताया है।
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विराट कोहली
- फोटो : ANI
विस्तार
विराट कोहली के लिए विश्व कप की यादें सिर्फ रिकॉर्ड और शानदार पारियों तक सीमित नहीं हैं। 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल की हार ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था, जबकि 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार का दर्द भी उनके मन में अब तक ताजा है। अब 2027 विश्व कप को अपना आखिरी विश्व कप बता चुके कोहली ने उन दोनों हारों और अपनी अधूरी ख्वाहिश पर खुलकर बात की है।
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कोहली
- फोटो : ANI
2019 की हार ने महीनों तक तोड़ दिया था
2019 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत का सामना न्यूजीलैंड से हुआ था। बारिश के कारण यह मुकाबला दो दिन चला। न्यूजीलैंड ने 239/8 का स्कोर बनाया और जवाब में भारतीय टीम 221 रन पर ऑलआउट हो गई। एमएस धोनी का रन आउट इस मुकाबले की सबसे यादगार घटनाओं में से एक रहा। कोहली के लिए यह हार 2015 के सेमीफाइनल से भी ज्यादा मुश्किल थी। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण मैच रुकना, अगले दिन नई गेंद से न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों का सामना करना और परिस्थितियों का भारतीय टीम के खिलाफ जाना बेहद कठिन था।
उन्होंने कहा, '2019 हमारे लिए एक बड़ा झटका था। 240 का लक्ष्य था और बारिश हो गई। अगर हम उसी दिन खेलते तो चीजें अलग हो सकती थीं। लेकिन अगली सुबह नई गेंद के साथ उनका आक्रमण था। उन्होंने परिस्थितियों का सबसे अच्छा फायदा उठाया और हमें दबाव में डाल दिया। उसे स्वीकार करना और उस पर विश्वास करना बहुत मुश्किल था। मैं बुरी तरह टूट गया था। उसके बाद कुछ महीनों तक मानसिक रूप से पूरी तरह परेशान रहा।'
2019 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत का सामना न्यूजीलैंड से हुआ था। बारिश के कारण यह मुकाबला दो दिन चला। न्यूजीलैंड ने 239/8 का स्कोर बनाया और जवाब में भारतीय टीम 221 रन पर ऑलआउट हो गई। एमएस धोनी का रन आउट इस मुकाबले की सबसे यादगार घटनाओं में से एक रहा। कोहली के लिए यह हार 2015 के सेमीफाइनल से भी ज्यादा मुश्किल थी। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण मैच रुकना, अगले दिन नई गेंद से न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों का सामना करना और परिस्थितियों का भारतीय टीम के खिलाफ जाना बेहद कठिन था।
उन्होंने कहा, '2019 हमारे लिए एक बड़ा झटका था। 240 का लक्ष्य था और बारिश हो गई। अगर हम उसी दिन खेलते तो चीजें अलग हो सकती थीं। लेकिन अगली सुबह नई गेंद के साथ उनका आक्रमण था। उन्होंने परिस्थितियों का सबसे अच्छा फायदा उठाया और हमें दबाव में डाल दिया। उसे स्वीकार करना और उस पर विश्वास करना बहुत मुश्किल था। मैं बुरी तरह टूट गया था। उसके बाद कुछ महीनों तक मानसिक रूप से पूरी तरह परेशान रहा।'
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कोहली
- फोटो : ANI
2023 का फाइनल भी नहीं भुला पाए
2023 विश्व कप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था। कोहली के मुताबिक, उस टूर्नामेंट में टीम का माहौल बेहद सकारात्मक था। हार्दिक पांड्या के चोटिल होकर बाहर होने के बावजूद टीम ने अपनी लय नहीं खोई और मोहम्मद शमी के आने से गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिली। कोहली ने कहा, 'पूरा विश्व कप शानदार था। टीम का माहौल बेहतरीन था। आप देख सकते थे कि सभी एक-दूसरे के लिए खेल रहे थे। हर किसी को लग रहा था कि यह हमारा विश्व कप है।'
हालांकि, अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में मिली हार उनके लिए बेहद कठिन थी। कोहली ने बताया कि वह उस मुकाबले में 54 रन पर खेल रहे थे और बड़ी पारी की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'मैं 54 रन पर था और मैंने खुद को बड़े शतक के लिए तैयार कर लिया था। मुझे लग रहा था कि अगर मैं 140-150 रन बना देता हूं तो हम जीतने की शानदार स्थिति में होंगे। लेकिन जैसे ही मैंने गेंद को अपने विकेट पर खेल दिया, उस पल को स्वीकार करना कई दिनों तक बहुत मुश्किल रहा। आप उसके बारे में सोचते रहते हैं।'
2023 विश्व कप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था। कोहली के मुताबिक, उस टूर्नामेंट में टीम का माहौल बेहद सकारात्मक था। हार्दिक पांड्या के चोटिल होकर बाहर होने के बावजूद टीम ने अपनी लय नहीं खोई और मोहम्मद शमी के आने से गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिली। कोहली ने कहा, 'पूरा विश्व कप शानदार था। टीम का माहौल बेहतरीन था। आप देख सकते थे कि सभी एक-दूसरे के लिए खेल रहे थे। हर किसी को लग रहा था कि यह हमारा विश्व कप है।'
हालांकि, अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में मिली हार उनके लिए बेहद कठिन थी। कोहली ने बताया कि वह उस मुकाबले में 54 रन पर खेल रहे थे और बड़ी पारी की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'मैं 54 रन पर था और मैंने खुद को बड़े शतक के लिए तैयार कर लिया था। मुझे लग रहा था कि अगर मैं 140-150 रन बना देता हूं तो हम जीतने की शानदार स्थिति में होंगे। लेकिन जैसे ही मैंने गेंद को अपने विकेट पर खेल दिया, उस पल को स्वीकार करना कई दिनों तक बहुत मुश्किल रहा। आप उसके बारे में सोचते रहते हैं।'
कोहली
- फोटो : ANI
विश्व कप का अधूरा काम अब भी बाकी
कोहली ने साफ किया कि वह यह नहीं मानते कि विश्व कप को लेकर उनका काम पूरा हो चुका है। उनके लिए हर नया टूर्नामेंट एक नई चुनौती लेकर आता है। उन्होंने कहा, 'मेरे मन में कभी यह विचार नहीं आएगा कि मेरा काम पूरा हो गया है। जब तक आप खेल रहे हैं, तब तक आगे देखने के लिए हमेशा कुछ न कुछ होता है। मैं विश्व कप का इंतजार कर रहा हूं और यह देखना चाहता हूं कि मेरे लिए आगे क्या है।' उन्होंने आईसीसी टूर्नामेंट की चुनौती के बारे में कहा, 'जब विश्व कप या कोई आईसीसी टूर्नामेंट खेला जाता है तो उसकी चुनौती अलग होती है। आपको अलग-अलग विरोधियों और अलग-अलग मैदानों पर खेलना होता है। इसलिए आपको अलग तरीके से तैयारी करनी होती है और अलग तरह से सोचना पड़ता है। यही चुनौती है।'
कोहली ने साफ किया कि वह यह नहीं मानते कि विश्व कप को लेकर उनका काम पूरा हो चुका है। उनके लिए हर नया टूर्नामेंट एक नई चुनौती लेकर आता है। उन्होंने कहा, 'मेरे मन में कभी यह विचार नहीं आएगा कि मेरा काम पूरा हो गया है। जब तक आप खेल रहे हैं, तब तक आगे देखने के लिए हमेशा कुछ न कुछ होता है। मैं विश्व कप का इंतजार कर रहा हूं और यह देखना चाहता हूं कि मेरे लिए आगे क्या है।' उन्होंने आईसीसी टूर्नामेंट की चुनौती के बारे में कहा, 'जब विश्व कप या कोई आईसीसी टूर्नामेंट खेला जाता है तो उसकी चुनौती अलग होती है। आपको अलग-अलग विरोधियों और अलग-अलग मैदानों पर खेलना होता है। इसलिए आपको अलग तरीके से तैयारी करनी होती है और अलग तरह से सोचना पड़ता है। यही चुनौती है।'
कोहली
- फोटो : ANI
2027 होगा आखिरी विश्व कप
कोहली ने पुष्टि की है कि 2027 का आईसीसी विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा। यही वजह है कि अब उनकी नजर उस टूर्नामेंट पर है, जहां वह अपने लंबे विश्व कप सफर को खिताब के साथ खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यह भारत के लिए खेला जाने वाला आखिरी विश्व कप है। और यही मेरी प्रेरणा है।' 2011 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे कोहली 2019 में सेमीफाइनल और 2023 में फाइनल की हार देख चुके हैं। अब 2027 उनके पास विश्व कप से जुड़ी अपनी आखिरी चुनौती के रूप में होगा।
कोहली ने पुष्टि की है कि 2027 का आईसीसी विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा। यही वजह है कि अब उनकी नजर उस टूर्नामेंट पर है, जहां वह अपने लंबे विश्व कप सफर को खिताब के साथ खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यह भारत के लिए खेला जाने वाला आखिरी विश्व कप है। और यही मेरी प्रेरणा है।' 2011 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे कोहली 2019 में सेमीफाइनल और 2023 में फाइनल की हार देख चुके हैं। अब 2027 उनके पास विश्व कप से जुड़ी अपनी आखिरी चुनौती के रूप में होगा।