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टी-20 के लिए स्पिन में प्रयोगों का दौर, कुलदीप-चहल की अनदेखी, बल्लेबाजी में नए विकल्पों पर गौर

Tue, 17 Sep 2019 11:20 AM IST
Nilesh Kumar स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nilesh Kumar Updated Tue, 17 Sep 2019 11:20 AM IST
सार

  • 35  विकेट ले चुके हैं 18 टी-20 मैचों में कुलदीप यादव जिसमें 24 रन पर पांच विकेट श्रेष्ठ प्रदर्शन
  • 46 विकेट हैं 31 मैचों में चहल के जिसमें 25 रन देकर छह विकेट उनका सबसे बेहतर प्रदर्शन

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Round of experiments in spin for T20, by Ignoring Kuldeep-Chahal Consider new options in batting
कुलदीप, चहल - फोटो : social media

विस्तार

कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को भले ही मौजूदा सत्र में टी-20 क्रिकेट में राष्ट्रीय टीम के साथ मौका नहीं मिला है। संभव है कि टीम प्रबंधन इनके विकल्पों को तलाश रहा हो लेकिन जानकारों का मानना है कि इन युवा खिलाड़ियों को अभी से चुका हुआ मान लेना जल्दबाजी होगी। चहल फिलहाल सिर्फ वनडे टीम का हिस्सा हैं जबकि कुलदीप 50 ओवर के प्रारूप और टेस्ट मैच दोनों टीमों में शामिल हैं लेकिन अंतिम एकादश में उनका खेलना तय नहीं है।

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इन दोनों की जोड़ी ने पिछले 24 महीनों में प्रभावी प्रदर्शन से सीमित ओवरों में अपनी धाक को मजबूत किया है। इसके बावजूद कुलदीप और चहल को लगातार दो टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं दी गई। इसमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा घरेलू सीरीज भी शामिल है। धर्मशाला में पहले टी-20 से पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि वे राहुल चाहर और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों को आजमा रहे हैं क्योंकि वे बल्लेबाजी में अधिक गहराई और लगातार 200 से अधिक का स्कोर बनाना चाहते हैं।
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भारत के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने कुलदीप और चहल को बाहर रखने के फैसले के संदर्भ में कहा, ‘इसके पीछे विचार यह है कि अगर बल्लेबाजी में गहराई है तो आप निश्चित तरीके से बल्लेबाजी कर सकते हैं। इंग्लैंड ने ऐसा ही किया। उन्होंने बल्लेबाजी में गहराई पर ध्यान केंद्रित किया क्योंकि वे वनडे में 400 रन बनाना चाहते थे और उन्होंने कई बार इसे हासिल किया। ऐसा लगता है कि भारत टी-20 में इसी तरह का आक्रामक रवैया अपनाना चाहता है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
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चोपड़ा का मानना है कि अगर कोई टीम विकेट चटकाने की अपनी क्षमता के साथ समझौता करना चाहती है तो उसे अधिक रन बनाने होंगे। इस पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज का मानना है कि चहल जल्द ही टी-20 में वापसी करेंगे।

एक प्रारूप खेलने से बिगड़ सकती है लय

पूर्व भारतीय स्पिनर और अब स्पिन कोच सुनील जोशी ने युवाओं को आजमाने के कदम का स्वागत किया लेकिन साथ ही चेताया कि ऐसी स्थिति स्पिनरों के मन में भ्रम पैदा कर सकती है। जोशी ने कहा, ‘मैं सुझाव दूंगा कि कुलदीप और चहल जब राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं हों तो घरेलू क्रिकेट खेलें। यहां अंगुली के स्पिनर या कलाई के स्पिनर का सवाल नहीं है। यह बल्लेबाजों को छकाने की रणनीति है।

उन्होंने कहा, देखते हैं कि युवा स्पिनर कैसा करते हैं और उन्हें पर्याप्त मौके दिए जाने चाहिए लेकिन साथ ही अगर चहल और कुलदीप सिर्फ एक प्रारूप में खेलते हैं तो उनकी लय बिगड़ सकती है। सफेद गेंद का क्रिकेट पूरी तरह से लय पर निर्भर है।

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