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IPL 2026: 'मैंने उनके जैसा विकेटकीपर नहीं देखा', अश्विन ने किस खिलाड़ी के लिए कहा ऐसा; बताई खासियत
Sun, 03 May 2026 03:34 PM IST
Swapnil Shashank
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Swapnil Shashank
Updated Sun, 03 May 2026 03:34 PM IST
सार
आईपीएल 2026 में रविचंद्रन अश्विन ने एमएस धोनी की विकेटकीपिंग की जमकर तारीफ की। अश्विन ने कहा कि उन्होंने धोनी जैसा विकेटकीपर नहीं देखा है। उन्होंने धोनी की सबसे बड़ी खासियत उनकी तेज सोच, बिजली जैसी स्टंपिंग और गेंदबाजों को सही दिशा देने की क्षमता बताई।
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अश्विन-धोनी
- फोटो : @ChennaiIPL
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विस्तार
रविचंद्रन अश्विन ने महेंद्र सिंह धोनी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने स्पिनरों के सामने विकेट के पीछे पूर्व भारतीय कप्तान की तरह विकेटकीपिंग करते हुए किसी और को नहीं देखा है। भारतीय टीम और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में लंबे समय तक साथ रहने वाले अश्विन ने याद किया कि कैसे धोनी की विकेटकीपिंग और स्पष्ट सोच उनकी शानदार कप्तानी से कहीं अधिक विशिष्ट थी। अश्विन ने जियोस्टार से कहा, 'उनकी विकेटकीपिंग ने मुझे हमेशा हैरान किया है। लोग उनकी कप्तानी की बहुत तारीफ करते हैं और यह सही भी है। उनकी सफलता ही सब कुछ बयां करती है।'
उन्होंने कहा, 'लेकिन मेरे लिए उनकी दो चीजें सबसे अलग हैं। पहला वह मध्य क्रम के बहुत अच्छे बल्लेबाज थे। एक ऐसा खिलाड़ी जो खेल को आखिर तक ले जा सकता था और उसे अनुकूल परिणाम के साथ खत्म कर सकता था। और दूसरी बात स्पिनरों के सामने उनकी विकेटकीपिंग। मैंने उनके जैसा विकेटकीपर कोई और नहीं देखा है।'
अश्विन ने इसके साथ ही कहा कि धोनी गेंदबाजों के मामले में किसी तरह से दखल नहीं देते थे। इस पूर्व स्पिनर ने कहा, 'उन्होंने कभी मेरे लिए फील्डिंग नहीं सजाई। मैं अपने लिए फील्डिंग खुद सजाता था। वह बस इतना कहते थे कि दोहरा अनुमान मत लगाओ। पहले से अनुमान मत लगाओ। अगर तुम्हारी गेंद पर बड़ा शॉट लग जाए तो कोई बात नहीं। अगर कोई जोखिम लेता है तो लेने दो। बस अपनी फील्डिंग के हिसाब से गेंदबाजी करो।’ उन्हें मुझ पर पूरा भरोसा था।'
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अश्विन ने 2011 के आईपीएल फाइनल में क्रिस गेल को शून्य पर आउट करने की घटना को याद किया और स्टंप के पीछे धोनी के शानदार कैच की सराहना की। उन्होंने कहा, 'आप मैच की रणनीति और विकेट गिरने के बारे में बात कर सकते हैं, लेकिन धोनी ने जिस तरह से कैच पकड़ा, वह लाजवाब था।'
अश्विन आ ईपीएल में पांच फ्रेंचाइजी की तरफ से खेले। उन्होंने अपने आईपीएल करियर (2009-25) में 221 मैच में 187 विकेट लिए। अश्विन ने स्वीकार किया कि 2018-19 में पंजाब किंग्स की कप्तानी करने के बावजूद वह टीम को पूरी तरह से अपना नहीं बना सके, लेकिन उन्होंने राजस्थान रॉयल्स में बिताए अपने समय को सबसे संतोषजनक बताया।
उन्होंने कहा, 'पंजाब ने मुझे 2018 में चुना और ईमानदारी से कहूं तो मैंने अपना सब झोंक दिया था। लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि मैं उस टीम को अपनी टीम नहीं बना पाया। कप्तान के तौर पर मैंने भले ही ज्यादा कुछ हासिल न किया हो, लेकिन मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला।'
राजस्थान की टीम के साथ बिताए अपने समय के बारे में अश्विन ने कहा, 'मैंने वहां तीन साल बिताए और उससे मुझे भारतीय टीम में वापसी करने में मदद मिली। राजस्थान ने जिस तरह से मेरा उपयोग किया वह शानदार था। मैंने वहां क्रिकेट का भरपूर आनंद लिया। मुझे बस यही अफसोस है कि मैं राजस्थान रॉयल्स के साथ कोई खिताब नहीं जीत सका।'
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उन्होंने कहा, 'लेकिन मेरे लिए उनकी दो चीजें सबसे अलग हैं। पहला वह मध्य क्रम के बहुत अच्छे बल्लेबाज थे। एक ऐसा खिलाड़ी जो खेल को आखिर तक ले जा सकता था और उसे अनुकूल परिणाम के साथ खत्म कर सकता था। और दूसरी बात स्पिनरों के सामने उनकी विकेटकीपिंग। मैंने उनके जैसा विकेटकीपर कोई और नहीं देखा है।'
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अश्विन ने इसके साथ ही कहा कि धोनी गेंदबाजों के मामले में किसी तरह से दखल नहीं देते थे। इस पूर्व स्पिनर ने कहा, 'उन्होंने कभी मेरे लिए फील्डिंग नहीं सजाई। मैं अपने लिए फील्डिंग खुद सजाता था। वह बस इतना कहते थे कि दोहरा अनुमान मत लगाओ। पहले से अनुमान मत लगाओ। अगर तुम्हारी गेंद पर बड़ा शॉट लग जाए तो कोई बात नहीं। अगर कोई जोखिम लेता है तो लेने दो। बस अपनी फील्डिंग के हिसाब से गेंदबाजी करो।’ उन्हें मुझ पर पूरा भरोसा था।'
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अश्विन ने 2011 के आईपीएल फाइनल में क्रिस गेल को शून्य पर आउट करने की घटना को याद किया और स्टंप के पीछे धोनी के शानदार कैच की सराहना की। उन्होंने कहा, 'आप मैच की रणनीति और विकेट गिरने के बारे में बात कर सकते हैं, लेकिन धोनी ने जिस तरह से कैच पकड़ा, वह लाजवाब था।'
अश्विन आ ईपीएल में पांच फ्रेंचाइजी की तरफ से खेले। उन्होंने अपने आईपीएल करियर (2009-25) में 221 मैच में 187 विकेट लिए। अश्विन ने स्वीकार किया कि 2018-19 में पंजाब किंग्स की कप्तानी करने के बावजूद वह टीम को पूरी तरह से अपना नहीं बना सके, लेकिन उन्होंने राजस्थान रॉयल्स में बिताए अपने समय को सबसे संतोषजनक बताया।
उन्होंने कहा, 'पंजाब ने मुझे 2018 में चुना और ईमानदारी से कहूं तो मैंने अपना सब झोंक दिया था। लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि मैं उस टीम को अपनी टीम नहीं बना पाया। कप्तान के तौर पर मैंने भले ही ज्यादा कुछ हासिल न किया हो, लेकिन मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला।'
राजस्थान की टीम के साथ बिताए अपने समय के बारे में अश्विन ने कहा, 'मैंने वहां तीन साल बिताए और उससे मुझे भारतीय टीम में वापसी करने में मदद मिली। राजस्थान ने जिस तरह से मेरा उपयोग किया वह शानदार था। मैंने वहां क्रिकेट का भरपूर आनंद लिया। मुझे बस यही अफसोस है कि मैं राजस्थान रॉयल्स के साथ कोई खिताब नहीं जीत सका।'