टी-20 में बेहद खराब शुरुआत, 11 गेंद में पूरा किया अपना पहला ओवर
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एडिलेड टी-20 मैच से भारत की ओर से 2 गुजराती क्रिकेटरों ने अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। लेकिन जहां एक की शुरुआत सफलता के साथ हुई तो एक गेंदबाज लय के साथ ओवर ही नहीं डाल सका और उसे अपना पहला ओवर डालने के लिए 11 गेंद तक फेंकने पड़ गए।
शुरुआत तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह से करते हैं जिनके करियर का यह पहला अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच था और उसने अपने सातवीं गेंद पर ही सफलता का स्वाद चख लिया।
सिडनी वनडे से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले बुमराह ने इस मैच में भी अच्छी शुरुआत की और 23 रन देकर कुल 3 विकेट निकाले। वनडे में उन्होंने कंगारू कप्तान स्टीवन स्मिथ का विकेट लेकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल कर लिया था। उन्होंने अपने पहले वनडे में 2 विकेट झटके और पदार्पण मैच में टीम को जीत भी दिलाई।
जबकि वनडे सीरीज में उनसे पहले 3 नवोदित क्रिकेटरों ने अपने करियर की शुरुआत की थी लेकिन उस मैच में भारत को हार ही मिली। इस तरह से वह टीम के लिए लकी भी रहे। बुमराह के राज्य गुजरात के दूसरे दूसरे क्रिकेटर की शुरुआत उतनी ही बुरी रही।
पहले अंतरराष्ट्रीय ओवर में नए गेंदबाज को डालने पड़े कुल 11 गेंद
बुमराह के ही राज्य गुजरात से एक और क्रिकेटर हार्दिक पांड्या ने इस मैच से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और उन्हें अपने पहले अंतरराष्ट्रीय ओवर में 11 गेंद फेंकने पड़े और 19 रन भी लुटा दिए। किसी भी नवोदित क्रिकेटर की यह सबसे खराब शुरुआत का रिकॉर्ड भी है।
कप्तान धोनी ने ऑस्ट्रेलियाई पारी का आठवां ओवर डालने के लिए हार्दिक को गेंद थमाई लेकिन यह फैसला धोनी और गेंदबाज दोनों के लिए गलत साबित हुआ। इस ओवर की शुरुआत करते हुए पांड्या ने लगातार 3 गेंद को वाइड डाले। इसके बाद चौथी गेंद पर विपक्षी कप्तान ऐरोन फिंच ने छक्का भी जड़ दिया।
उन्होंने इस ओवर में कुल 5 वाइड गेंद डाली, अंतिम गेंद पर चौका देने के साथ ही कुल 19 रन लुटा दिए। वह इस ओवर से बेहद निराश हुए वहीं धोनी ने उन्हें गेंदबाजी से हटा दिया। हालांकि धोनी ने हार्दिक को फिर से मौका दिया और 15वां ओवर डालने को कहा। इस ओवर की दूसरी गेंद पर क्रिस लेन ने छक्का जड़ दिया तो लगा कि इस गेंदबाज की शुरुआत ऐसी है कि दुबारा मैच खेलने का मौका मिले ही नहीं।
लेकिन इसी ओवर की अंतिम गेंद पर उन्होंने क्रिस लेन (17) को युवराज सिंह के हाथों कैच आउट करा दिया जो उनका पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट भी रहा। फिर अगले ओवर की पहली गेंद पर मैथ्यू वाडे (5) को चलता कर लगातार दूसरी सफलता हासिल कर ली, लेकिन वह हैट्रिक ही नहीं बना सके। खराब शुरुआत के बाद पांड्या ने 3 ओवर में 2 विकेट के लिए 37 रन लुटा दिए।