World Cup: वेस्टइंडीज बना था पहला विश्व विजेता, 44 साल पहले ऐसी थी टीम इंडिया
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पहला विश्व कप 1975 में क्रिकेट के जनक इंग्लैंड में ही आयोजित किया गया। तब इसे प्रूडेंशियल कप के नाम से जाना गया। इसमें आठ टीमों ने भाग लिया। इसमें श्रीलंका और ईस्ट अफ्रीका की टीमें भी शामिल थीं, जिन्हें टेस्ट का दर्जा प्राप्त नहीं था।
ईस्ट अफ्रीका की टीम चार देशों केन्या, तंजानिया, युगंडा और जांबिया के खिलाड़ियों से मिलाकर बनाई गई थी। वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन कर पहला विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया। वेस्टइंडीज ने कप्तान क्लाइव लॉयड (102) के शानदार शतक से फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 17 रन से हराया।
रिचर्ड्स के वो तीन रनआउट
फाइनल का टर्निंग प्वॉइंट दिग्गज विव रिचर्ड्स के तीन रनआउट रहे। ऑस्ट्रेलिया ने 292 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक विकेट पर 81 रन बना लिए थे। ऑस्ट्रेलियाई टीम जीत की ओर बढ़ रही थी। लेकिन रिचर्ड्स ने पहले एलन टर्नर और फिर चैपल बंधुओं इयान और ग्रेग को रन आउट कर मैच का पासा ही पलट दिया।
पहला सेमीफाइनल : इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया
इंग्लैंड : 93/10 (36.2 ओवर), ऑस्ट्रेलिया : 94/6 (28.4 ओवर), ऑस्ट्रेलिया चार विकेट से जीता
मैन ऑफ द मैच : जीजे गिलमोर (ऑस्ट्रेलिया)
दूसरा सेमीफाइनल : न्यूजीलैंड बनाम वेस्ट इंडीज
न्यूजीलैंड : 158/10 (52.2 ओवर), वेस्ट इंडीज : 159/5 (40.1 ओवर), विंडीज पांच विकेट से विजयी
मैन ऑफ द मैच : कालीचरण (वेस्ट इंडीज)
फाइनल : ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्ट इंडीज
वेस्ट इंडीज : 291/8 (60 ओवर), ऑस्ट्रेलिया : 274/10 (58.4 ओवर), विंडीज ने 17 रन से जीता
मैन ऑफ द मैच : क्लायव लॉयड (वेस्ट इंडीज)
भारतीय टीम का प्रदर्शन
कालीचरण ने की लिली की धुनाई
वेस्टइंडीज के कालीचरण ने ग्रुप चरण के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज डेनिस लिली की गेंदों की खूब धुनाई की। कालीचरण ने द ओवल मैदान पर लिली की दस गेंदों पर शानदार हुक शॉट लगाते हुए (4,4,4,4,4,1,4,6,0,4 )35 रन बटोरे थे।
मदन ने डाली पहली गेंद
पहले विश्व कप का पहला मुकाबला भारत और मेजबान इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स मैदान पर खेला गया। विश्व कप की पहली गेंद फेंकने का गौरव मदन लाल शर्मा को मिला। इंग्लैंड ने डेनिस एमिस (137) के शतक से चार विकेट पर 334 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम तीन विकेट पर 132 रन ही बना पाई और 202 रनों के बड़े अंतर से हार गई। ओपनर सुनील गावस्कर पूरे 60 ओवर खेलकर नाबाद लौटे और 174 गेंदें खेलकर एक चौके की मदद से सिर्फ 36 रन ही बना सके।
गावस्कर-इंजीनियर ने ही जिता दिया
भारत ने दूसरे मैच में ईस्ट अफ्रीका को दस विकेट से रौंदा। मदन लाल (3/15), सैयद आबिद अली (2/22), मोहिंदर अमरनाथ (2/39) की मदद से पहले प्रतिद्वंद्वी टीम को 120 पर ढेर कर दिया। उसके बाद लक्ष्य को गावस्कर (65) और फारूख इंजीनियर (54) की मदद से बिना विकेट खोए लक्ष्य हासिल कर लिया।
ऐसी थी भारतीय टीम
आबिद भी नहीं दिला पाए जीत
आबिद अली (70 रन, 2/35) के ऑलराउंडर खेल के बावजूद टीम को न्यूजीलैंड से चार विकेट से हार मिली। पहले खेलते हुए भारतीय टीम आखिरी गेंद पर 230 रन पर सिमट गई। जवाब में न्यूजीलैंड ने जीएम टर्नर (114) की नाबाद शतकीय पारी से सात गेंद शेष रहते छह विकेट पर 233 रन बनाकर मैच जीत लिया। मदन और अमरनाथ ने एक-एक विकेट लिया।
भारतीय टीम
श्रीनिवास वेंकटराघवन (कप्तान), सुनील गावस्कर, मोहिंदर अमरनाथ, फारुख इंजीनियर, अंशुमन गायकवाड़, गुंडप्पा विश्वनाथ, ब्रजेश पटेल, सैयद आबिद अली, कर्सन घावरी, एकनाथ सोलकर, मदन लाल, बिशन सिंह बेदी