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अगर धोनी जा सकते हैं जिम्बाब्वे तो गंभीर और युसूफ क्यों नहीं?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 25 May 2016 03:19 PM IST
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महेंद्र सिंह धोनी
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अगले महीने सीमित ओवरों की सीरीज (वनडे और टी-20) खेलने जिम्बाब्वे के दौरे पर जाने वाली टीम इंडिया की घोषणा सोमवार को कर दी गई जिसमें अप्रत्याशित तरीके से टीम की कमान धोनी को सौंपी गई है। पिछले 10-12 सालों में जब से भारतीय क्रिकेट में धोनी युग चल रहा है तब से इस भारतीय कप्तान ने एक बार भी टीम के साथ कप्तान के रूप में इस अफ्रीकी देश का दौरा नहीं किया है।
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धोनी युग में कभी सुरेश रैना (2010), कभी विराट कोहली (2013) तो कभी अजिंक्य रहाणे (2015) की अगुवाई में टीम इंडिया जिम्बाब्वे का दौरा करती रही है। पिछले डेढ़ दशक के इतिहास में महेंद्र सिंह धोनी ने बतौर खिलाड़ी 2005 में जिम्बाब्वे का दौरा किया था जिस समय टीम की कमान सौरव गांगुली के हाथों में थी। लेकिन कप्तान बनने के बाद वह कभी भी जिम्बाब्वे नहीं गए, लेकिन अब जा रहे हैं।
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जिम्बाब्वे में सीमित ओवरों की सीरीज खेलने के लिए भारतीय चयनकर्ता अमूमन युवा खिलाड़ियों और नए कप्तान को तराशने का शानदार मौका मानते रहे हैं, लेकिन धोनी को मौका दे दिया। पहले कहा जा रहा था कि चयनकर्ता युवाओं को मौका देंगे और अजिंक्य रहाणे की अगुवाई में फिर से टीम वहां भेज सकते हैं। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, तो ऐस में सवाल उठता है कि अगर धोनी को मौका दिया जा सकता है तो फिर आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले 30 से ज्यादा का वसंत देख चुके दो अन्य बड़े बल्लेबाजों को मौका क्यों नहीं दिया गया?
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तो कोलकाता नाइटराइडर्स के 2 बड़े सितारों को जगह क्यों नहीं?
महेंद्र सिंह धोनी पहली बार बतौर कप्तान जिम्बाब्वे के खिलाफ उसी के घर में कोई सीरीज खेलेंगे। लेकिन वापसी की आस लगाए कई क्रिकेटरों की आस इस बार भी पूरी नहीं हुई। कोलकाता नाइटराइजर्स के कप्तान गौतम गंभीर और विस्फोटक बल्लेबाज यूसुफ पठान को जिम्बाब्वे दौरे के लिए मौका नहीं दिया गया जिन्होंने इस बार भी आईपीएल में शानदार खेल दिखाया लेकिन चयनकर्ताओं का दिल नहीं जीत सके।
जहां तक उम्र का सवाल है तो धोनी 34 के हो चुके हैं तो गंभीर 33 और युसूफ 34 साल के हैं यानी दोनों जो लंबे समय से टीम इंडिया में वापसी की राह देख रहे हैं को टीम इंडिया में फिर से जगह नहीं मिली। धोनी ने आपीएल-9 में 284 रन बनाए जबकि गंभीर ने टीम के लिए ओपनिंग करते हुए 473 रन बनाए तो युसूफ ने मध्य क्रम में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 359 रन बना डाले।
इस दौरे के लिए कई नए चेहरों को लिया गया है जिसमें करुण नायर, फैज फजल, जयंत यादव, मंदीप सिंह और यजुवेंद्र चहल जैसे नवोदित क्रिकेटर शामिल हैं। तो टीम इंडिया के लिए कुछ मैच खेलने वाले अंबाती रायडू, मनीष पांडे और लोकेश राहुल ने फिर से टीम में वापसी की है।
जहां तक उम्र का सवाल है तो धोनी 34 के हो चुके हैं तो गंभीर 33 और युसूफ 34 साल के हैं यानी दोनों जो लंबे समय से टीम इंडिया में वापसी की राह देख रहे हैं को टीम इंडिया में फिर से जगह नहीं मिली। धोनी ने आपीएल-9 में 284 रन बनाए जबकि गंभीर ने टीम के लिए ओपनिंग करते हुए 473 रन बनाए तो युसूफ ने मध्य क्रम में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 359 रन बना डाले।
इस दौरे के लिए कई नए चेहरों को लिया गया है जिसमें करुण नायर, फैज फजल, जयंत यादव, मंदीप सिंह और यजुवेंद्र चहल जैसे नवोदित क्रिकेटर शामिल हैं। तो टीम इंडिया के लिए कुछ मैच खेलने वाले अंबाती रायडू, मनीष पांडे और लोकेश राहुल ने फिर से टीम में वापसी की है।