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2014 में कोहली ने अश्विन पर जिस स्पिनर को दी थी तरजीह: उसने लिया संन्यास; भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेले
Sun, 23 Aug 2026 04:42 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 23 Aug 2026 04:42 PM IST
सार
भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल चुके लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने 38 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। करीब दो दशक लंबे करियर में उन्होंने 97 फर्स्ट क्लास मैचों में 270 विकेट लिए। IPL में वह चार बार चैंपियन बने, जबकि भारत के लिए एक टेस्ट, दो वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय खेला।
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कर्ण शर्मा
- फोटो : Twitter/bCCI
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट के अनुभवी लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने अपने करीब दो दशक लंबे क्रिकेट करियर पर विराम लगा दिया है। 38 साल की उम्र में कर्ण ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का एलान किया। उन्होंने शनिवार रात यूपी टी20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स और मेरठ मेवरिक्स के बीच मुकाबले के बाद अपने फैसले की जानकारी दी। कर्ण अब कानपुर सुपरस्टार्स के लिए लखनऊ लेग का आखिरी मुकाबला 25 अगस्त को खेलेंगे, जो उनके खिलाड़ी के रूप में करियर का अंतिम मैच होगा।
भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में किया प्रतिनिधित्व
कर्ण शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर छोटा जरूर रहा, लेकिन काफी यादगार रहा। उन्होंने 2014 में भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में डेब्यू किया। उन्होंने भारत के लिए एक टेस्ट, दो वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू बर्मिंघम में हुआ था, जहां उन्होंने इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट का विकेट हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने कोलकाता में वनडे डेब्यू किया। यह वही मुकाबला था जिसमें रोहित शर्मा ने ऐतिहासिक 264 रन की पारी खेलकर वनडे क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बनाया था।
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भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में किया प्रतिनिधित्व
कर्ण शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर छोटा जरूर रहा, लेकिन काफी यादगार रहा। उन्होंने 2014 में भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में डेब्यू किया। उन्होंने भारत के लिए एक टेस्ट, दो वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू बर्मिंघम में हुआ था, जहां उन्होंने इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट का विकेट हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने कोलकाता में वनडे डेब्यू किया। यह वही मुकाबला था जिसमें रोहित शर्मा ने ऐतिहासिक 264 रन की पारी खेलकर वनडे क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बनाया था।
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कर्ण शर्मा
- फोटो : Twitter/bCCI
कोहली ने अश्विन की जगह कर्ण को दिया था मौका
कर्ण के टेस्ट करियर का सबसे चर्चित पल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट रहा। यह विराट कोहली की टेस्ट कप्तान के रूप में पहली सीरीज थी और उन्होंने रविचंद्रन अश्विन के ऊपर कर्ण शर्मा को तरजीह दी थी। कर्ण ने उस मुकाबले में चार विकेट हासिल किए, लेकिन इसके बाद उन्हें भारत की टेस्ट टीम में दोबारा खेलने का मौका नहीं मिला।
घरेलू क्रिकेट में करीब दो दशक का सफर
कर्ण का असली प्रभाव भारतीय घरेलू क्रिकेट में देखने को मिला। उन्होंने 2007 में रेलवे के लिए फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। इसके बाद वह आंध्र और विदर्भ की टीमों के लिए भी खेले, लेकिन बाद में रेलवे में लौट आए। अपने लंबे फर्स्ट क्लास करियर में कर्ण ने 97 मैच खेले और 270 विकेट हासिल किए। वह बल्ले से भी उपयोगी योगदान देते रहे और उनके नाम 2,866 रन दर्ज हैं। उनके नाम दो शतक भी हैं। इनमें से एक शतक उन्होंने रणजी ट्रॉफी डेब्यू पर जम्मू-कश्मीर के खिलाफ लगाया था।
कर्ण के टेस्ट करियर का सबसे चर्चित पल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट रहा। यह विराट कोहली की टेस्ट कप्तान के रूप में पहली सीरीज थी और उन्होंने रविचंद्रन अश्विन के ऊपर कर्ण शर्मा को तरजीह दी थी। कर्ण ने उस मुकाबले में चार विकेट हासिल किए, लेकिन इसके बाद उन्हें भारत की टेस्ट टीम में दोबारा खेलने का मौका नहीं मिला।
घरेलू क्रिकेट में करीब दो दशक का सफर
कर्ण का असली प्रभाव भारतीय घरेलू क्रिकेट में देखने को मिला। उन्होंने 2007 में रेलवे के लिए फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। इसके बाद वह आंध्र और विदर्भ की टीमों के लिए भी खेले, लेकिन बाद में रेलवे में लौट आए। अपने लंबे फर्स्ट क्लास करियर में कर्ण ने 97 मैच खेले और 270 विकेट हासिल किए। वह बल्ले से भी उपयोगी योगदान देते रहे और उनके नाम 2,866 रन दर्ज हैं। उनके नाम दो शतक भी हैं। इनमें से एक शतक उन्होंने रणजी ट्रॉफी डेब्यू पर जम्मू-कश्मीर के खिलाफ लगाया था।
कर्ण शर्मा
- फोटो : Twitter/bCCI
आईपीएल में चार बार बने चैंपियन
कर्ण शर्मा IPL में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे और लीग के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने अपने करियर में चार आईपीएल खिताब जीते। खास बात यह रही कि उन्होंने लगातार तीन साल अलग-अलग टीमों के साथ आईपीएल ट्रॉफी जीती। 2016 में वह सनराइजर्स हैदराबाद के साथ चैंपियन बने। इसके बाद 2017 में मुंबई इंडियंस और 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ भी उन्होंने खिताब जीता। 2014 में शानदार IPL सीजन के दौरान उन्होंने 15 विकेट हासिल किए थे और उनका इकॉनमी रेट 7.42 रहा था। इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली थी।
कर्ण शर्मा IPL में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे और लीग के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने अपने करियर में चार आईपीएल खिताब जीते। खास बात यह रही कि उन्होंने लगातार तीन साल अलग-अलग टीमों के साथ आईपीएल ट्रॉफी जीती। 2016 में वह सनराइजर्स हैदराबाद के साथ चैंपियन बने। इसके बाद 2017 में मुंबई इंडियंस और 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ भी उन्होंने खिताब जीता। 2014 में शानदार IPL सीजन के दौरान उन्होंने 15 विकेट हासिल किए थे और उनका इकॉनमी रेट 7.42 रहा था। इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली थी।
कर्ण शर्मा
- फोटो : PTI
संन्यास के बाद कोचिंग में जाने का संकेत
संन्यास की घोषणा करते हुए कर्ण शर्मा ने अपने परिवार, बीसीसीआई और उन सभी संगठनों का आभार जताया, जिन्होंने उनके करियर में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, 'अब मैं संन्यास लेना चाहता हूं। मैं अपने परिवार, बीसीसीआई, रेलवे, यूपीसीए, आंध्र, विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन और उन सभी लोगों का बेहद आभारी हूं, जिन्होंने इस पूरे सफर में मेरा साथ दिया।' कर्ण ने आगे कहा, 'इसके बाद मैं कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहूंगा।'
इस तरह भारतीय क्रिकेट में कर्ण शर्मा के खिलाड़ी के रूप में करीब 18 साल के सफर का अंत हो गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भले ही उन्हें लंबा मौका नहीं मिला, लेकिन घरेलू क्रिकेट और IPL में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और चार बार चैंपियन बनने की उपलब्धि के साथ विदाई ली।
संन्यास की घोषणा करते हुए कर्ण शर्मा ने अपने परिवार, बीसीसीआई और उन सभी संगठनों का आभार जताया, जिन्होंने उनके करियर में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, 'अब मैं संन्यास लेना चाहता हूं। मैं अपने परिवार, बीसीसीआई, रेलवे, यूपीसीए, आंध्र, विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन और उन सभी लोगों का बेहद आभारी हूं, जिन्होंने इस पूरे सफर में मेरा साथ दिया।' कर्ण ने आगे कहा, 'इसके बाद मैं कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहूंगा।'
इस तरह भारतीय क्रिकेट में कर्ण शर्मा के खिलाड़ी के रूप में करीब 18 साल के सफर का अंत हो गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भले ही उन्हें लंबा मौका नहीं मिला, लेकिन घरेलू क्रिकेट और IPL में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और चार बार चैंपियन बनने की उपलब्धि के साथ विदाई ली।