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स्मृति शेष: जब धोनी से मिलकर बलबीर सिंह सीनियर ने कहा था आपकी जीत मेरी सेहत के लिए अच्छी
Tue, 26 May 2020 09:53 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंशुल तलमले
Updated Tue, 26 May 2020 09:53 PM IST
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बलबीर सिंह और एमएस धोनी
- फोटो : ट्विटर
दुनियाभर में अपनी हॉकी का लोहा मनवा चुके सरदार बलबीर सिंह सीनियर ने मंगलवार को 95 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। भले ही वह इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन हॉकी ही नहीं क्रिकेट जगत में भी वह जमकर लोकप्रिय थे। एक बार उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को कहा था कि आपकी जीत से मेरी सेहत बेहतर होती है।
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दरअसल, यह मुलाकात चार साल पहले हुई थी। मौका था वर्ल्ड टी-20 का, जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने मैच से पहले मोहाली के पीसीए स्टेडियम में थी। बलबीर सिंह सीनियर से मिलकर जब तत्कालीन भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा तब हंसते हुए 91 वर्षीय हॉकी लीजेंड ने कहा था, 'आपकी जीत से मेरी सेहत बेहतर होती है।’
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यह शायद बलबीर सिंह और उनके जैसे करोड़ों फैंस की ही दुआ थी कि भारत ने मजबूती प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन वेस्टइंडीज से हारकर विश्व कप से बाहर हो गई थी। इस मैच से पहले बलबीर सिंह ने धोनी को तीसरा विश्व कप जीतने के लिए शुभकामनाएं दी थी।
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बलबीर सिंह सीनियर ने अपनी पढ़ाई देव समाज हाई स्कूल मोगा, डीएम कॉलेज मोगा, नेशनल कॉलेज लाहौर, खालसा कॉलेज अमृतसर से की। भारत और पाकिस्तान के बंटवारे से पहले लाहौर मे पंजाब यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और हॉकी टीम का नेतृत्व किया। भारत ने हॉकी में ओलंपिक लंदन (1948), हेलसिंकी (1952) और मेलबर्न (1956) में गोल्ड मेडल जीता था।
खास बात यह है कि इन तीनों टीमों में बलबीर सिंह सीनियर मेडल विजेता टीम के हिस्सा थे। साल 1948 के लंदन ओलंपिक में अर्जेंनटीना के खिलाफ उन्होंने 6 गोल दागे थे, इस मैच में भारत 9-1 से जीता था। इसी ओलंपिक के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 4-0 से हराया था, इस मैच में उन्होंने पहले 15 मिनट में दो गोल कर दिए थे।
कई शारीरिक समस्याओं से जूझने और करीब दो हफ्तों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद 25 मई को अपना देह त्यागने वाले बलबीर सिंह 1957 में पद्म श्री से सम्मानित हुए थे और वह 1975 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के मैनेजर भी रहे।