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Rishabh Pant Accident: पंत की मदद करने वाले ड्राइवर-कंडक्टर का सम्मान, वीवीएस लक्ष्मण बोले- ये असली हीरो
Sat, 31 Dec 2022 02:31 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 31 Dec 2022 02:31 PM IST
सार
लक्ष्मण ने कहा कि हादसे के बाद पंत की मदद करने वाले बस ड्राइवर और कंडक्टर असली हीरो हैं। उन्होंने पंत की मदद करने वाले हर व्यक्ति का आभार जताया।
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ऋषभ पंत की मदद करने वाले ड्राइवर सुशील (बाएं) और कंडक्टर परमजीत (बाएं)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की मर्सिडीज बेंज कार रुड़की के पास हादसे का शिकार हो गई। पंत इस समय दिल्ली से अपने घर जा रहे थे। पंत की तेज रफ्तार कार शुक्रवार सुबह डिवाइडर से टकराकर दूसरी तरफ चली गई। इस दौरान कार काफी देर तक जमीन में घिसटती रही। इस वजह से कार में आग लग गई, लेकिन इससे पहले पंत बाहर निकल गए और उनकी जान बच गई।
घटनास्थल पर एक बस ड्राइवर और कंडक्टर ने पंत की मदद की और उन्हें अस्पताल तक लेकर गए। अब हरियाणा सरकार ने इस दोनों को सम्मानित किया है। वहीं, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और एनसीए हेड वीवीएस लक्ष्मण ने भी इन दोनों की जमकर तारीफ की है। लक्ष्मण ने सोशल मीडिया पोस्ट में इन दोनों को असली हीरो बताया है।
लक्ष्मण ने लिखा, "हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर सुशील कुमार का आभार, जो जलती हुई कार से ऋषभ पंत को दूर ले गए, उन्हें बेडशीट से लपेटा और एंबुलेंस बुलाई। हम आपकी निस्वार्थ सेवा के लिए आपके बहुत ऋणी हैं, सुशील जी आप असली हीरो हैं।"
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उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, "बस कंडक्टर परमजीत का भी विशेष आभार, जिन्होंने ड्राइवर सुशील के साथ मिलकर ऋषभ की मदद की। इन निस्वार्थ लोगों का बहुत आभारी हूं, जिनके पास महान दिमाग और बड़ा दिल था। उन सभी का आभार, जिन्होंने मदद की।"
हादसे के बाद पत्रकारों से बातचीत में पंत की मदद करने वाले मान ने कहा, "मैंने अपनी बस किनारे खड़ी की और तेजी से डिवाइडर की तरफ भागा। मुझे लगा कि कार बस के नीचे पलट जाएगी, क्योंकि यह रुकने से पहले पलट रही थी। ड्राइवर (ऋषभ पंत) खिड़की से आधा बाहर था। उसने मुझे बताया कि वह एक क्रिकेटर है। मैं क्रिकेट नहीं देखता और मुझे नहीं पता था कि यह ऋषभ पंत है। लेकिन मेरे बस में मौजूद लोगों ने उसे पहचान लिया।"
उन्होंने आगे कहा, "ऋषभ को हटाने के बाद, मैंने जल्दी से कार की तलाशी ली कि क्या वहां कोई और है या नहीं। मैंने उसका नीला बैग और 7,000-8,000 रुपये कार से निकाले और एम्बुलेंस में उसे दे दिए।"
कार से बाहर आने के बाद पंत ने अपनी मां से भी बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उनका नंबर बंद आ रहा था। बाद में पुलिस उनके घर पहुंची और मां को अस्पताल पहुंचाया।
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घटनास्थल पर एक बस ड्राइवर और कंडक्टर ने पंत की मदद की और उन्हें अस्पताल तक लेकर गए। अब हरियाणा सरकार ने इस दोनों को सम्मानित किया है। वहीं, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और एनसीए हेड वीवीएस लक्ष्मण ने भी इन दोनों की जमकर तारीफ की है। लक्ष्मण ने सोशल मीडिया पोस्ट में इन दोनों को असली हीरो बताया है।
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लक्ष्मण ने लिखा, "हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर सुशील कुमार का आभार, जो जलती हुई कार से ऋषभ पंत को दूर ले गए, उन्हें बेडशीट से लपेटा और एंबुलेंस बुलाई। हम आपकी निस्वार्थ सेवा के लिए आपके बहुत ऋणी हैं, सुशील जी आप असली हीरो हैं।"
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उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, "बस कंडक्टर परमजीत का भी विशेष आभार, जिन्होंने ड्राइवर सुशील के साथ मिलकर ऋषभ की मदद की। इन निस्वार्थ लोगों का बहुत आभारी हूं, जिनके पास महान दिमाग और बड़ा दिल था। उन सभी का आभार, जिन्होंने मदद की।"
Also special mention to the bus conductor, Paramjit who along with Driver Sushil helped Rishabh. Very grateful to these selfless guys who had great presence of mind and a big heart. Gratitude to them and all who helped. pic.twitter.com/FtNnoLKowg
— VVS Laxman (@VVSLaxman281) December 30, 2022
हादसे के बाद पत्रकारों से बातचीत में पंत की मदद करने वाले मान ने कहा, "मैंने अपनी बस किनारे खड़ी की और तेजी से डिवाइडर की तरफ भागा। मुझे लगा कि कार बस के नीचे पलट जाएगी, क्योंकि यह रुकने से पहले पलट रही थी। ड्राइवर (ऋषभ पंत) खिड़की से आधा बाहर था। उसने मुझे बताया कि वह एक क्रिकेटर है। मैं क्रिकेट नहीं देखता और मुझे नहीं पता था कि यह ऋषभ पंत है। लेकिन मेरे बस में मौजूद लोगों ने उसे पहचान लिया।"
उन्होंने आगे कहा, "ऋषभ को हटाने के बाद, मैंने जल्दी से कार की तलाशी ली कि क्या वहां कोई और है या नहीं। मैंने उसका नीला बैग और 7,000-8,000 रुपये कार से निकाले और एम्बुलेंस में उसे दे दिए।"
कार से बाहर आने के बाद पंत ने अपनी मां से भी बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उनका नंबर बंद आ रहा था। बाद में पुलिस उनके घर पहुंची और मां को अस्पताल पहुंचाया।