कोहली vs युवराजः किस बात की है दोनों में जंग?
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टीम इंडिया की 'रन मशीन' विराट कोहली इन दिनों शानदार फॉर्म में हैं और वह युवराज सिंह के साथ लगातार 2 मैचों में चौथे विकेट के लिए 50 से ज्यादा रनों की साझेदारी भी कर चुके हैं। जबकि 2 साल के लंबे इंतजार के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे युवराज ने भी लगातार 3 मैचों में किसी न किसी विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की है। दोनों ही जोरदार बल्लेबाजी कर रहे हैं जिसका फायदा टीम को मिल भी रहा है। इन दोनों ही मैचों में कोहली मैन ऑफ द मैच भी बने।
एशिया कप के पहले मैच में बांग्लादेश के खिलाफ कोहली बल्ले से नाकाम हो गए और 7 रन ही बना सके थे, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे मैच में वह फॉर्म में लौटे और संकटपूर्ण स्थिति में संयमित तरीके से बल्लेबाजी करते हुए 49 रनों की पारी खेल डाली। इस पारी में उन्होंने युवराज से साथ चौके विकेट के लिए 68 रनों की साझेदारी की जिससे टीम मैच जीतने में कामयाब रही थी। इसके बाद कोहली और युवराज ने श्रीलंका के साथ मैच में भी चौथे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी की।
लगातार 2 बड़ी साझेदारियों के बाद यह जोड़ी अब मैदान पर विपक्षी टीमों के लिए बेहद खतरनाक दिखने लगी है। मैदान पर भले ही ये जोड़ी काफी दमदार दिख रही हो लेकिन दोनों के बीच कहीं न कहीं एक अलग तरह की प्रतिद्वंद्विता भी चल रही है। यह प्रतिद्वंद्विता मैन ऑफ द मैच खिताब को लेकर होती दिख रही है क्योंकि इस टूर्नामेंट से पहले युवराज के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज था लेकिन कोहली अब इसे अपने नाम करने की जुगत में लगे हुए हैं।
श्रीलंका के खिलाफ दोनों में बढ़ गई हैं 'जंग'?
एशिया कप से पहले युवराज सिंह के नाम सबसे ज्यादा 7 बार मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीतने का भारतीय रिकॉर्ड दर्ज था और माना जा रहा था कि उनके इस रिकॉर्ड के लिए विराट कोहली और आर अश्विन (3 बार) के साथ-साथ वह खुद भी दावेदारों में शामिल हैं। लेकिन कोहली ने पिछले 2 मैचों में लगातार मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीतकर उनके रिकॉर्ड की बराबरी कर ली यानी कि दोनों के नाम अब 7-7 बार यह पुरस्कार हो गए हैं। श्रीलंका के मैच के बाद से दोनों के बीच यह प्रतिस्पर्द्धा बढ़ गई लगती है।
कोहली ने 36 मैचों में यह कारनामा कर दिखाया जबकि युवी ने 38 मैचों में यह सम्मान हासिल कर लिया था। हालांकि बाएं हाथ के धाकड़ बल्लेबाज युवी ने 38 मैच के बाद 11 और मैच खेल लिए हैं लेकिन एक भी बार मैच के हीरो नहीं बन सके हैं। 49 मैचों की 43 पारियों में युवराज ने 7 बार यह सम्मान अपने नाम किया।
भारत का अब अगला मैच कमजोर कही जाने वाली टीम यूएई के साथ बृहस्पतिवार को होने वाला है और संभावना है कि टीम इंडिया के ये सितारे इस मौके को भुनाने में पूरी ताकत झोंक देंगे। युवराज पूरे 2 साल से मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार नहीं जीत सके हैं। श्रीलंका के खिलाफ 18 गेंदों में 38 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर वह लौट में लौट चुके दिख रहे हैं और हो सकता है कि अगले मैच में वह सम्मान हासिल कर ही लें।
100 से ज्यादा है कोहली का औसत, युवी ने 194.44 के स्ट्राइक रेट से खेली पारी
विराट कोहली का शानदार फॉर्म जारी है और उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ इस मैच में भी फिफ्टी लगाते हुए टी-20 करियर की 13वीं फिफ्टी भी पूरी कर ली। टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने के मामले में वह तीसरे स्थान पर आ गए हैं। अब उनसे आगे न्यूजीलैंड के ब्रैंडन मैकुलम (15) और वेस्टइंडीज के क्रिस गेल (14) ही रह गए हैं।
वर्ल्ड चैंपियन श्रीलंका के खिलाफ जमकर रन बनाने वाले कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ खेले अपने सभी तीनों मैचों में 50 से ज्यादा का स्कोर किया है। उन्होंने 2012 में पल्लेकल में 48 गेंदों में 68 रन बनाए। फिर 2014 में ढाका में 58 गेंदों में 77 रनों की पारी खेली। अब उन्होंने ढाका में ही इस पड़ोसी टीम के खिलाफ 47 गेंदों में 56 रनों की पारी खेली।
कोहली इस साल टी-20 में 100 से ज्यादा की औसत से रन बना रहे हैं। उन्होंने इस साल खेली अपनी 6 टी-20 पारियों में 103.66 की औसत से रन बनाए। इन 6 में से 4 में उन्होंने अर्धशतक लगाए जबकि पाक के खिलाफ मैच में 49 रन पर आउट हो गए थे।
जबकि युवराज सिंह ने पिछले मैच में वापसी के बाद सबसे तेज स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने 194.44 के स्ट्राइक रेट से 38 रन बनाए। स्ट्राइक रेट (194.44) के लिहाज से टी-20 करियर में युवराज की यह सातवीं सबसे तेज पारी भी रही। इसके अलावा वह 6 बार 200 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट के साथ रन बना चुके हैं। उनके सबसे तेज स्ट्राइक 362.50 था जो उन्होंने 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ पहले वर्ल्ड कप में बनाया था।
अब देखना दिलचस्प होगा कि दोनों से आगे कौन जा पाता है। यूएई के बाद भारत को खिताबी जंग में उतरना है और इस मैच में दोनों में कोई भी चलता है तो टीम को चैंपियन बनने में मदद मिलेगी। फिलहाल इसका इंतजार रहेगा।