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Virat Kohli vs BCCI: क्या बीसीसीआई विराट कोहली को टेस्ट की कप्तानी से करने वाला था बर्खास्त? जानिए पूरा मामला
Fri, 21 Jan 2022 02:37 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Fri, 21 Jan 2022 02:37 PM IST
सार
भारत के अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार के बाद टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। अब यह बात सामने आ रही है कि अगर कोहली टेस्ट सीरीज के बाद कप्तानी नहीं छोड़ते तो उन्हें बर्खास्त किया जाता।
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विराट कोहली और सौरव गांगुली
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारत के अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार के बाद टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी थी। अब यह बात सामने आ रही है कि अगर कोहली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद कप्तानी नहीं छोड़ते तो उन्हें बर्खास्त किया जाता। विराट ने पिछले साल टी20 टीम की कप्तानी से हटने का फैसला किया था। उसके बाद उन्हें वनडे में कप्तान पद से हटाया गया था।
कोहली ने दक्षिण अफ्रीका जाने से पहले प्रेस कांफ्रेंस में अप्रत्यक्ष रूप से बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और बोर्ड के अन्य सदस्यों पर झूठ बोलने आरोप लगाए थे। विराट ने कहा था कि टी20 कप्तानी छोड़ने के बाद उनसे किसी ने बात नहीं की थी। इसके अलावा वनडे में कप्तान पद से हटाए जाने से एक-डेढ़ घंटे पहले उनसे संपर्क किया गया था। इन्हीं कारणों से बोर्ड कोहली के खिलाफ कठोर कदम उठाने के लिए तैयार हो रही थी।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने इनसाइडस्पोर्ट को बताया, 'हां, दक्षिण अफ्रीका सीरीज के बाद उन्हें पद छोड़ने के लिए कहने के विकल्प पर चर्चा हुई थी। सभी इसके लिए सहमत नहीं थे, लेकिन बहुमत अलग-अलग कप्तान के खिलाफ था। हम एक नई शुरुआत चाहते थे। ऐसे में विराट अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित कर सकते थे। अगर उन्होंने पद नहीं छोड़ा होता, तो उन्हें हटने के लिए कहा जाता।”
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इससे पहले इंडियाअहेडन्यूज डॉट कॉम ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि बोर्ड अध्यक्ष गांगुली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले तत्कालीन टेस्ट कप्तान कोहली को कारण बताओ नोटिस जारी करना चाहते थे। विराट के प्रेस कांफ्रेंस के बाद से गांगुली सहित बोर्ड के कुछ सदस्य विराट से नाराज थे। गांगुली ने इस बारे में बोर्ड के सदस्यों से बात की थी। विचार-विमर्श के बाद उन्होंने ऐसा नहीं करने का फैसला किया।
रिपोर्ट में इस बारे में भी बताया गया कि कोहली ने टी20 में कप्तानी छोड़ने से पहले बोर्ड के सचिव जय शाह को फोन किया था, लेकिन उन्होंने सौरव गांगुली को कोई फोन नहीं किया। कोहली के एलान के बाद टीम इंडिया का प्रदर्शन टी20 वर्ल्ड कप में निराशाजनक रहा था। उसे पहली बार वर्ल्ड कप के इतिहास में पाकिस्तान के खिलाफ हार मिली थी। इसके बाद टीम न्यूजीलैंड से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। बाद में टीम ने तीन मैच जरूर जीते लेकिन वह सेमीफाइनल में पहुंचाने के लिए काफी नहीं था।
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कोहली ने दक्षिण अफ्रीका जाने से पहले प्रेस कांफ्रेंस में अप्रत्यक्ष रूप से बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और बोर्ड के अन्य सदस्यों पर झूठ बोलने आरोप लगाए थे। विराट ने कहा था कि टी20 कप्तानी छोड़ने के बाद उनसे किसी ने बात नहीं की थी। इसके अलावा वनडे में कप्तान पद से हटाए जाने से एक-डेढ़ घंटे पहले उनसे संपर्क किया गया था। इन्हीं कारणों से बोर्ड कोहली के खिलाफ कठोर कदम उठाने के लिए तैयार हो रही थी।
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बीसीसीआई के एक अधिकारी ने इनसाइडस्पोर्ट को बताया, 'हां, दक्षिण अफ्रीका सीरीज के बाद उन्हें पद छोड़ने के लिए कहने के विकल्प पर चर्चा हुई थी। सभी इसके लिए सहमत नहीं थे, लेकिन बहुमत अलग-अलग कप्तान के खिलाफ था। हम एक नई शुरुआत चाहते थे। ऐसे में विराट अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित कर सकते थे। अगर उन्होंने पद नहीं छोड़ा होता, तो उन्हें हटने के लिए कहा जाता।”
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इससे पहले इंडियाअहेडन्यूज डॉट कॉम ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि बोर्ड अध्यक्ष गांगुली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले तत्कालीन टेस्ट कप्तान कोहली को कारण बताओ नोटिस जारी करना चाहते थे। विराट के प्रेस कांफ्रेंस के बाद से गांगुली सहित बोर्ड के कुछ सदस्य विराट से नाराज थे। गांगुली ने इस बारे में बोर्ड के सदस्यों से बात की थी। विचार-विमर्श के बाद उन्होंने ऐसा नहीं करने का फैसला किया।
रिपोर्ट में इस बारे में भी बताया गया कि कोहली ने टी20 में कप्तानी छोड़ने से पहले बोर्ड के सचिव जय शाह को फोन किया था, लेकिन उन्होंने सौरव गांगुली को कोई फोन नहीं किया। कोहली के एलान के बाद टीम इंडिया का प्रदर्शन टी20 वर्ल्ड कप में निराशाजनक रहा था। उसे पहली बार वर्ल्ड कप के इतिहास में पाकिस्तान के खिलाफ हार मिली थी। इसके बाद टीम न्यूजीलैंड से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। बाद में टीम ने तीन मैच जरूर जीते लेकिन वह सेमीफाइनल में पहुंचाने के लिए काफी नहीं था।