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Vijay Hazare Trophy: मैच पूरा नहीं होने पर भी कैसे चैंपियन बन गया हिमाचल प्रदेश? किस नियम ने तमिलनाडु को जीत से रोका?
Sun, 26 Dec 2021 06:12 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Sun, 26 Dec 2021 06:12 PM IST
सार
तमिलनाडु मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए हिमाचल को 315 रन का मुश्किल लक्ष्य दिया। जवाब में ऋषि धवन की टीम जब 47.3 ओवर में चार विकेट पर 299 रन बना लिए थे तब मैच को अंपायरों ने रोक दिया। उन्होंने हिमाचल को विजेता घोषित किया।
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हिमाचल प्रदेश बनाम तमिलनाडु
- फोटो : ट्विटर
विस्तार
विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में रविवार (26 दिसंबर) को हिमाचल प्रदेश ने तमिलनाडु को हराकर इतिहास रच दिया। वह पहली बार टूर्नामेंट जीतने में सफल रहा है। तमिलनाडु मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए हिमाचल को 315 रन का मुश्किल लक्ष्य दिया। जवाब में ऋषि धवन की टीम जब 47.3 ओवर में चार विकेट पर 299 रन बना लिए थे तब मैच को अंपायरों ने रोक दिया। उन्होंने हिमाचल को विजेता घोषित किया। इसे देखकर किसी को समझ नहीं आया कि हुआ क्या है? आखिर अंपायरों ने अचानक मैच समाप्ति की घोषणा क्यों कर दी?
मैच के आखिरी ओवरों में बल्लेबाजी कर रहे हिमाचल के खिलाड़ी शुभम अरोड़ा और कप्तान ऋषि धवन लगातार खराब रोशनी की शिकायत कर रहे थे। 48वें ओवर में तीन गेंद के बाद अंपायरों ने दोनों टीमों के कप्तानों से बात की और हिमाचल को वीजेडी नियम (VJD Method) से विजेता घोषित कर दिया। वीजेडी नियम से 47.3 ओवर तक हिमाचल को 288 रन बनाने थे और वह 11 रन आगे था।
क्या है वीजेडी नियम?
क्रिकेट में पहली बार 1997 में डकवर्थ लुईस नियम का प्रयोग किया गया था। 1999 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने सही मानकर लागू कर दिया। 2015 में इसका नाम बदलकर डकवर्थ लुईस स्टर्न नियम कर दिया। आईसीसी द्वारा इस्तेमाल किए जाने के बावजूद यह नियम भारत के धरेलू मैचों में लागू नहीं होता। बीसीसीआई बारिश, मौसम और खराब रोशनी के कारण बाधित हुए मैच के नतीजे के लिए वीजेडी नियम का इस्तेमाल करता है। वीजेडी नियम को केरल के सिविल इंजीनियर वी जयादेवन ने बनाया था। मौजूदा समय में डकवर्थ लुईस नियम से आसान और सटीक इसे माना जाता है।
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वीजेडी नियम किस तरह काम करता है?
वीजेडी नियम को सात भागों में विभाजित किया गया है। पहला चरण 5 ओवर का होता है। इसे नियम का 10 फीसद माना जाता है। दूसरा चरण छह से 15 ओवर के बीच होता है। यह नियम का 20 फीसद होता है। तीसरा चरण 16 से 15 ओवर, चौथा चरण 26 से 30 ओवर, पांचवां चरण 31 से 40 ओवर, छठा चरण 41 से 45 ओवर और आठवां चरण 46 से 50 ओवर के बीच का होता है। इन सात चरणों के आधार पर लक्ष्य का निर्धारण किया जाता है या नतीजे का एलान होता है।
आइए समझते हैं कैसे वीजेडी नियम काम करता है:
दिनेश कार्तिक का शतक हुआ बेकार
हिमाचल की ओर से ओपनर शुभम अरोरा ने 131 गेंदों पर 136 रन की नाबाद पारी खेली। वहीं, कप्तान ऋषि धवन ने तूफानी पारी खेली। वे 23 गेंदों पर 42 रन बनाकर नाबाद रहे।इसके अलावा अमित कुमार ने 79 गेंदों पर 74 रन बनाए। शुभम को उनकी शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया। वहीं, तमिलनाडु की ओर से दिनेश कार्तिक ने 116 रन, इंद्रजीत ने 80 रन और शाहरुख खान ने 21 गेंदों पर 42 रन की पारी खेली थी।
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मैच के आखिरी ओवरों में बल्लेबाजी कर रहे हिमाचल के खिलाड़ी शुभम अरोड़ा और कप्तान ऋषि धवन लगातार खराब रोशनी की शिकायत कर रहे थे। 48वें ओवर में तीन गेंद के बाद अंपायरों ने दोनों टीमों के कप्तानों से बात की और हिमाचल को वीजेडी नियम (VJD Method) से विजेता घोषित कर दिया। वीजेडी नियम से 47.3 ओवर तक हिमाचल को 288 रन बनाने थे और वह 11 रन आगे था।
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क्या है वीजेडी नियम?
क्रिकेट में पहली बार 1997 में डकवर्थ लुईस नियम का प्रयोग किया गया था। 1999 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने सही मानकर लागू कर दिया। 2015 में इसका नाम बदलकर डकवर्थ लुईस स्टर्न नियम कर दिया। आईसीसी द्वारा इस्तेमाल किए जाने के बावजूद यह नियम भारत के धरेलू मैचों में लागू नहीं होता। बीसीसीआई बारिश, मौसम और खराब रोशनी के कारण बाधित हुए मैच के नतीजे के लिए वीजेडी नियम का इस्तेमाल करता है। वीजेडी नियम को केरल के सिविल इंजीनियर वी जयादेवन ने बनाया था। मौजूदा समय में डकवर्थ लुईस नियम से आसान और सटीक इसे माना जाता है।
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वीजेडी नियम किस तरह काम करता है?
वीजेडी नियम को सात भागों में विभाजित किया गया है। पहला चरण 5 ओवर का होता है। इसे नियम का 10 फीसद माना जाता है। दूसरा चरण छह से 15 ओवर के बीच होता है। यह नियम का 20 फीसद होता है। तीसरा चरण 16 से 15 ओवर, चौथा चरण 26 से 30 ओवर, पांचवां चरण 31 से 40 ओवर, छठा चरण 41 से 45 ओवर और आठवां चरण 46 से 50 ओवर के बीच का होता है। इन सात चरणों के आधार पर लक्ष्य का निर्धारण किया जाता है या नतीजे का एलान होता है।
आइए समझते हैं कैसे वीजेडी नियम काम करता है:
| ओवर फीसद % | लक्ष्य फीसद % | विकेट गिरने पर रन फीसद | |||||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 0 | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | ||
| 20 | 29.8 | 16.9 | 20.6 | 22.6 | 35.0 | 50.0 | 60.0 | 70.0 | 79.0 | 87.0 | 95.0 |
| 40 | 53.5 | 32.4 | 34.5 | 36.5 | 39.7 | 50.0 | 60.0 | 70.0 | 79.0 | 87.0 | 95.0 |
| 50 | 63.4 | 40.4 | 41.7 | 43.0 | 44.3 | 51.9 | 60.0 | 70.0 | 79.0 | 87.0 | 95.0 |
| 60 | 72.3 | 49.2 | 50.1 | 51.1 | 51.4 | 57.9 | 64.6 | 70.0 | 79.0 | 87.0 | 95.0 |
| 80 | 87.6 | 70.7 | 70.8 | 70.9 | 71.0 | 71.2 | 77.1 | 82.4 | 84.3 | 87.0 | 95.0 |
दिनेश कार्तिक का शतक हुआ बेकार
हिमाचल की ओर से ओपनर शुभम अरोरा ने 131 गेंदों पर 136 रन की नाबाद पारी खेली। वहीं, कप्तान ऋषि धवन ने तूफानी पारी खेली। वे 23 गेंदों पर 42 रन बनाकर नाबाद रहे।इसके अलावा अमित कुमार ने 79 गेंदों पर 74 रन बनाए। शुभम को उनकी शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया। वहीं, तमिलनाडु की ओर से दिनेश कार्तिक ने 116 रन, इंद्रजीत ने 80 रन और शाहरुख खान ने 21 गेंदों पर 42 रन की पारी खेली थी।