फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   upa govt appears too early in giving bharat ratna to sachin

24 घंटों का 'खेल' और सचिन को दे दिया भारत रत्न

Sun, 02 Feb 2014 08:18 AM IST
Updated Sun, 02 Feb 2014 08:18 AM IST
विज्ञापन
upa govt appears too early in giving bharat ratna to sachin

जनता से जुड़े मसलों पर निर्णय लेने में केंद्र सरकार को न सिर्फ काफी मशक्कत करनी पड़ती है बल्कि सालों साल लग जाते हैं लेकिन सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न देने में जैसी तत्परता यूपीए सरकार ने दिखाई, वैसी किसी जन समस्या के समाधान में नहीं देखी गई।

विज्ञापन


मास्टर ब्लास्टर के क्रिकेट से संन्यास की बेला पर जनभावनाओं की बयार में बहकर न केवल केंद्र सरकार ने मात्र 4 घंटे में उनके 24 साल के सफर का बायोडाटा तैयार कर लिया बल्कि 24 घंटे के अंदर भारत रत्न देने का फैसला तक कर लिया।

विज्ञापन

बिना सिफारिश के ही कर दी पहल

upa govt appears too early in giving bharat ratna to sachin

सरकार ने यह मेहरबानी और तत्परता तब दिखाई जब न तो खुद सचिन और न ही किसी और ने उनके नाम की सिफारिश देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए की थी।

इसकी पहल खुद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने की थी। हालांकि खेल मंत्रालय ने इस सम्मान के लिए हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम को आगे बढ़ाया था।

पीएमओ ने सचिन को भारत रत्न देने के लिए राष्ट्रपति को लिखे गए प्रधानमंत्री के पत्र या उसके मजमून का नियमों का हवाला देकर खुलासा करने से साफ मना कर दिया।

आरटीआई से मिली जानकारी

upa govt appears too early in giving bharat ratna to sachin

सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत पीएमओ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सचिन 14 नवंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना 200वां टेस्ट मैच खेल रहे थे। टेस्ट मैच के शुरू होने के बाद ही पीएमओ ने 1:35 बजे खेल मंत्रालय से तत्काल लिटिल मास्टर का बायोडाटा मांगा।

पीएमओ के ईमेल के जवाब में 5:23 बजे खेल मंत्रालय ने जो बायोडाटा भेजा, उससे स्पष्ट होता है कि इसे सचिन से नहीं मांगा गया बल्कि खेल मंत्रालय ने पीएमओ से भेजे गए फॉर्मेट के अनुसार खुद 4 घंटे में तैयार किया। अगले ही दिन जरूरी कार्यवाही पूरी कर प्रधानमंत्री ने इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेज दिया।

विज्ञापन

राष्ट्रपति ने भी मंजूरी में नहीं लगाई देरी

upa govt appears too early in giving bharat ratna to sachin

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी प्रधानमंत्री के प्रस्ताव को मंजूरी देने में देर नहीं लगाई और 16 नवंबर को टेस्ट मैच खत्म होते ही सचिन को भारत रत्न देने की घोषणा कर दी गई।

15 नवंबर को जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सचिन की बैटिंग देखने वानखेड़े स्टेडियम पहुंचे उस वक्त प्रधानमंत्री उनके नाम पर मुहर लगा चुके थे।

ध्यानचंद के नाम की सिफारिश की गई थी

upa govt appears too early in giving bharat ratna to sachin

खास बात यह है कि भारत रत्न के लिए खेल मंत्रालय ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की सिफारिश की थी लेकिन पीएमओ ने सचिन के नाम को आगे बढ़ाने के लिए ध्यानचंद के नाम पर कोई विचार नहीं किया।

गौर करने वाली बात यह है कि बीते वर्ष महाराष्ट्र सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सचिन को भारत रत्न देने की सिफारिश पीएमओ से की थी लेकिन तब उस पर विचार नहीं हुआ।

सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक के कस्तूरीरंगन ने वैज्ञानिक सीएनआर राव के नाम की सिफारिश कर रखी थी। कस्तूरीरंगन ने 28 सितंबर को उनके नाम की सिफारिश पीएमओ की भेजी थी।

फैसले के खिलाफ दाखिल होगी पीआईएल

upa govt appears too early in giving bharat ratna to sachin

कैंसर से जूझ रहे बैतूल निवासी हेमंत दुबे की ओर से आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी भी अधूरी है।

पीएमओ ने संविधान के अनुच्छेद 74 (2) के तहत राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच इस संबंध में हुई बातचीत और पत्राचार का ब्योरा देने से इंकार कर दिया है। हेमंत दुबे पीएमओ के इस फैसले के खिलाफ जनहित याचिका भी दायर करने जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed