दूसरे टेस्ट में भी गलत फैसले के शिकार हुए भारतीय बल्लेबाज
पहले टेस्ट में आजिंक्य रहाणे और शिखर धवन का विवादास्पद आउट होना चर्चा में रहा। फलस्वरुप भारत की हार के पीछे गलत अंपायरिंग को दोषी पाया गया।
दूसरे टेस्ट में भी यह सिलसिला जारी है। दूसरे दिन भारत की पारी 408 पर सिमट गई है। इस बार चेतेश्वर पुजारा गलत अंपायरिंग का शिकार हुए है।
पहले दिन वे मुरली विजय के साथ क्रीज पर जमे थे। 33वें ओवर में हेजलवुड की तीसरी गेंद पुजारा के पैड को टच करते हुए हैडिन के हाथों में फंस गई और अपील के बाद वे आउट करार दिए गए।
अंपायर के गलत फैसले की निराशा उनके चेहरे पर साफ देखी जा सकती थी। अंपायर के आउट देने के कुछ देर तक वे हैरानी से क्रीज पर भी मौजूद रहे।
क्लार्क ने भी जताया अफसोस
अंपायर के गलत फैसले पर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने भी निराशा जताई। उन्होंने ट्वीट कर पुजारा के गलत आउट दिए जाने पर अफसोस जताते हुए कहा कि यह फैसला वाकई अच्छा फैसला नहीं है।
उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई इकलौता ऐसी कमेटी है जो आईसीसी की डीआरएस के फैसले का विरोध करती रही है।
आईसीसी के नियम के मुताबिक डीआरएस का प्रयोग किसी सीरीज में तभी हो सकता है जब दोनों देश इस नियम के राजी हो। इस नियम के तहत अंपायर के फैसले के खिलाफ संबंधित टीम थर्ड अंपायर से रिव्यू ले सकती है।