इंग्लैंड में भी दिखेगी रफ्तार की धार, इन गेंदबाजों पर रहेगा कहर ढाने का पूरा दारोमदार
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इस साल दक्षिण अफ्रीकी दौरे में भारतीय तेज गेंदबाजों ने दिखाया था कि वो अपने दम पर टेस्ट मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। भारत वो सीरीज 1-2 से हार गया था लेकिन भारतीय पेसरों ने 60 में से 47 विकेट लिए थे।
विदेशी पिचों पर तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम होती है और इंग्लैंड दौरे में भी एक बार भारत को अपने तेज गेंदबाजों से बड़ी उम्मीदें हैं। हालांकि भुवनेश्वर और बुमराह की चोट से झटका जरूर लगा है। पहले तीन टेस्ट गेंदबाजों के लिए घोषित टीम में भुवनेश्वर का नाम शामिल नहीं हैं।
बुमराह भी कम से कम एजबेस्टन में होने वाले पहले टेस्ट में नहीं खेलेंगे। भुवनेश्वर की पीठ में दर्द है और बुमराह का अंगूठा चोटिल है। बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में भी नहीं खेले थे। ऐसे में सारी उम्मीदें तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और उमेश यादव पर टिकी हैं।
इशांत का अनुभव बेहद उपयोगी
लंबे कद के इशांत इससे पहले भी विदेशी दौरों में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं। 2008 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे में उन्होंने मेजबान कप्तान रिकी पोंटिंग जैसे बल्लेबाज को खासा परेशान किया था। सात में से छह बार पोंटिंग उनका ही शिकार बने थे।
इसके अलावा 2014 के इंग्लैंड दौरे के लॉर्ड्स टेस्ट में मिली जीत में इशांत ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। तब उन्होंने दूसरी पारी में 74 रन देकर सात विकेट लिए थे। पिछले 11 साल से भारतीय ड्रेसिंग रूम का हिस्सा हैं। लंबे स्पैल में गेंदबाजी करने में सक्षम हैं।
शमी हालात भुनाने में माहिर
जनवरी में हुए दौरे में मोहम्मद शमी ने सर्वाधिक 15 विकेट लिए थे जिसमें वांडरर्स में मिली जीत में शमी का बड़ा योगदान था जिन्होंने दूसरी पारी में पांच विकेट अपनी झोली में डाले थे। स्पीड और स्विंग दोनों में ही बंगाल के इस गेंदबाज के पास अच्छा हुनर है।
हालात अनुकूल हों तो यह तेज गेंदबाज बेहद घातक साबित हो सकता है। पिछले दिनों वह निजी कारणों के चलते मुश्किलों में रहे थे। वन-डे और टी-20 का भी हिस्सा नहीं थे लेकिन यह दौरा उनके लिए पूरी तरह क्रिकेट पर फोकस करने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होगा।
उमेश की स्पीड बनेगी हथियार
उमेश यादव अपनी स्पीड के कारण इंग्लैंड में उपयोगी साबित हो सकते हैं। हार्दिक पांड्या और युवा पेसर शार्दुल ठाकुर का भी विकल्प भारतीय टीम प्रबंधन के पास है।
भारत की बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत : जहीर
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान मानते हैं कि भारत की बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत है और इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में चोटिल भुवी और जसप्रीत की अनुपस्थिति में भी टीम इंडिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण में काफी धार है चाहे जो भी तेज गेंदबाज खेले।
जहीर ने कहा कि उमेश लगातार अच्छा कर रहे हैं। 82 टेस्ट खेल चुके ईशांत काफी अनुभवी गेंदबाज हैं, उन्हें ज्यादा जिम्मेदारी संभालनी होगी। मोहम्मद शमी का रिकॉर्ड बेहतरीन है। यह ठीक है कि भुवी और बुमराह कमी खलेगी लेकिन हमारे बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत है।
जहीर महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की इस राय से इत्तफाक रखते हैं कि भारत का गेंदबाजी आक्रमण हाल के वर्षों का सबसे संपूर्ण आक्रमण है। जहीर ने कहा कि हमारे हर गेंदबाज की शैली अलग है। विभिन्न हालात में अलग-अलग गेंदबाज प्रभावित करने में सफल रहे हैं।
अब भारत के पास है बेहतर पूल : इशांत
भारत के पास पहले भी अच्छे तेज एवं मध्यम गति के गेंदबाज रहे हैं जिनमें महान कपिल देव, जवागल श्रीनाथ और जहीर खान शामिल है लेकिन एक समय भी कभी भी इतने तेज गेंदबाज उपलब्ध नहीं रहे जितने अब टीम इंडिया के पास हैं।
भारत के तेज गेंदबाज इशांत शर्मा कहते हैं पहले कहा जाता था कि भारत में तेज गेंदबाज नहीं पनपते लेकिन अब हमारे पास आठ से नौ तेज गेंदबाजों का पूल है जोकि कभी भी टेस्ट मैच खेलने के लिए तैयार है। हमारे पास इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने का पहले से बेहतर मौका है। इस समय इंग्लैंड में ऐसा मौसम है जहां आप लंबे स्पैल में गेंदबाजी कर सकते हैं।