T-20 World Cup: चहल का चयन न होने से हैरान एमएसके प्रसाद, कहा- युजवेंद्र ने अपने कप्तान विराट को कभी निराश नहीं किया
युजवेंद्र चहल का टी-20 विश्व कप टीम में चयन न होने पर पू्र्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने हैरानी जताई है। उनका कहना है कि चहल सर्वश्रेष्ठ टी-20 गेंदबाज हैं और उन्होंने अपने कप्तान विराट कोहली को कभी निराश नहीं किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीसीसीआई चयनकर्ताओं ने बीते महीने 8 सितंबर को आईसीसी टी-20 विश्व कप 2021 के लिए 15 सदस्यीय टीम इंडिया का एलान किया। स्पिन गेंदबाजी को महत्व देते हुए स्पिनर्स को ज्यादा तरजीह दी गई। चार साल बाद सीमित क्रिकेट में आर अश्विन की टीम इंडिया में वापसी हुई जो सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा। उनके अलावा मिस्ट्री बॉलर वरुण चक्रवर्ती और राहुल चाहर को भी 15 सदस्यीय टीम में जगह मिली। जबकि टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन विश्व कप टीम में जगह बनाने से चूक गए। उनके अलावा लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को भी वर्ल्ड कप टीम में शामिल नहीं किया गया। टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर एमएसके प्रसाद ने चहल का चयन न होने पर हैरानी जताई है।
युजवेंद्र चहल बेस्ट गेंदबाज
भारतीय चयनकर्ताओं ने आर अश्विन, राहल चाहर, वरुण चक्रवर्ती को विश्व कप टीम में चुना लेकिन युजवेंद चहल को बाहर कर दिया। यह निर्णय पूर्व चयनकर्ता एमएसके प्रसाद को आश्चर्यजनक लगा। इस पर भारत के पूर्व विकेटकीपर ने तर्क देते हुए कहा कि चाहर को चहल के ऊपर तरजीह दिए जाने का क्या कारण हो सकता है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, जहां तक टी-20 क्रिकेट में विकेट लेने की बीत है तो युजवेंद्र चहल सबसे बेहतर गेंदबाज हैं, उन्होंने पिछले चार-पांच साल में शानदार प्रदर्शन किया है, सौभाग्य से या दुर्भाग्य से चयनकर्ताओं ने जो सोचा होगा वह राहुल चाहर और युजवेंद्र चहल के बीच प्रतिस्पर्धा है। बैंगलोर की सपाट विकेटों पर चहल ने अपने कप्तान विराट को कभी निराश नहीं किया और उन्होंने हमेशा विकेट लिए हैं।
चहल की फॉर्म में आई गिरावट
पूर्व चीफ सिलेक्टर ने बात करते हुए आगे कहा, पिछले कुछ वर्षों में चहल के फॉर्म में गिरावट देखी गई थी, जबकि चाहर ने अच्छा प्रदर्शन किया, जिन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए आईपीएल के पिछले तीन सत्रों में क्रमशः 13, 15 और 13 विकेट लिए थे, 2020 में चहल ने भारत के लिए सिर्फ 4 एकदिवसीय मैच खेले जिसमें सात विकेट लिए, इसके अलावा उन्होंने नौ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत का प्रतिनिधित्व कि और उनमें सात विकेट लेने में सफल रहे। प्रसाद ने आगे कहा, बीते डेढ़ साल में देखा जाए तो चहल के प्रदर्शन में थोड़ी गिरावट आई है। दूसरी तरफ राहुल ने मुंबई को लगातार दो बार आईपीएल खिताब जिताने में महत्वपूर्ण योगदान दिया शायद इसी का लाभ चाहर को मिला।