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IPL 2022: कोलकाता की बल्लेबाजी में गहराई, लेकिन डेथ गेंदबाजी कमजोर, जानें क्या हैं कमजोर और मजबूत पहलू
Wed, 23 Mar 2022 09:07 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Wed, 23 Mar 2022 09:07 PM IST
सार
कोलकाता नाइट राइडर्स की बल्लेबाजी में काफी गहराई है। नौवें नंबर तक टीम के पास अच्छे बल्लेबाज हैं, लेकिन आखिरी ओवरों में टीम के पास अच्छी गेंदबाजी नहीं है।
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कोलकाता नाइट राइडर्स
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आईपीएल 2021 का फाइनल खेलने वाली कोलकाता की टीम पिछले कुछ सालों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है। 2012 और 2014 में खिताब जीतने वाली टीम इसके बाद टूर्नामेंट में अपनी छाप नहीं छोड़ पाई है। पिछले साल कोलकाता ने टूर्नामेंट के दूसरे फेज में शानदार वापसी की थी और फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन इस बार ऐसा करने में टीम के सामने कई मुश्किलें होंगी। इस बार कोलकाता के लिए सबसे बड़ी चुनौती अंतिम ओवरों में गेंदबाजी होगी। वहीं रसेल के न चलने पर टीम के पास कोई विस्फोटक फिनिशर भी नहीं हैं। हालांकि, नौवें नंबर तक बल्लेबाजी होने से टीम के पास खुलकर खेलने की छूट रहेगी।
यहां हम कोलकाता की मजबूती और कमजोरी के बारे में बता रहे हैं। टूर्नामेंट में इस टीम को कहां काम करना होगा और कैसे यह टीम पूरी तरह से संतुलित टीम बन सकती है।
कोलकाता के बल्लेबाजी क्रम में गहराई
पिछले सीजन में कोलकाता की टीम शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में खेल रही थी। पहले ही ओवर से टीम के बल्लेबाज आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते थे और अंत तक पूरी टीम इसी तरीके से खेलकर बड़ा स्कोर खड़ा करती थी। टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं थी, लेकिन सभी खिलाड़ी छोटी और उपयोगी पारियां खेलकर बड़े स्कोर में योगदान देते थे। इसकी बड़ी वजह थी टीम की बल्लेबाजी में गहराई। इस बार भी कोलकाता की टीम ऐसी ही है। आठवें नंबर पर सुनील नरेन और नौवें नंबर पर शिवम मावी टीम की बल्लेबाजी को गहराई देते हैं।
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वहीं सुनील नरेन, पैट कमिंस और वरुण चक्रवर्ती जैसे खिलाड़ी किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर सकते हैं। खासकर नरेन और चक्रवर्ती की स्पिन गेंदबाजी कई बल्लेबाजों की समझ से परे है। ऐसे में ये गेंदबाज भी विपक्षी टीमों के लिए बड़ा खतरा होंगे।
डेथ गेंदबाजी होगी चिंता का विषय
कोलकाता की टीम के पास बल्लेबाज और स्पिन गेंदबाज तो काफी बेहतरीन हैं, लेकिन डेथ गेंदबाजी टीम के लिए चिंता का विषय होगी। कमिंस के अलावा कोलकाता की टीम में अनुभवी गेंदबाज नहीं हैं। रसेल और मावी उनके साथ अंतिम ओवरों में गेंदबाजी कर सकते हैं, लेकिन मावी के पास ज्यादा अनुभव नहीं है। वहीं रसेल और कमिंस कई मौकों पर महंगे साबित हुए हैं।
अपने दम पर मैच पलट सकते हैं ये खिलाड़ी
कोलकाता के पास भी रसेल और कमिंस जैसे कई खिलाड़ी हैं, जो अपने दम पर टीम को मैच जिता सकते हैं। टीम के पास वेंकटेश अय्यर के रूप में बेहतरीन ऑलराउंडर है, जो गेंद बल्ले दोनों के साथ बहुमूल्य योगदान दे सकता है। इसके अलावा श्रेयस अय्यर ने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में दिखाया कि वो किस श्रेणी के बल्लेबाज हैं। वहीं आंद्रे रसेल, पैट कमिंस और सुनील नरेन जैसे खिलाड़ी अपने दिन में किसी भी टीम के मुट्ठी से मैच छीन सकते हैं।
कोलकाता की संभावित प्लेइंग-11
वेंकटेश अय्यर, अजिंक्य रहाणे, श्रेयस अय्यर (कप्तान), नितीश राणा, सैम बिलिंग्स (विकेटकीपर), आंद्रे रसेल, पैट कमिंस, सुनील नरेन, शिवम मावी, वरुण चक्रवर्ती, उमेश यादव।
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यहां हम कोलकाता की मजबूती और कमजोरी के बारे में बता रहे हैं। टूर्नामेंट में इस टीम को कहां काम करना होगा और कैसे यह टीम पूरी तरह से संतुलित टीम बन सकती है।
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कोलकाता के बल्लेबाजी क्रम में गहराई
पिछले सीजन में कोलकाता की टीम शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में खेल रही थी। पहले ही ओवर से टीम के बल्लेबाज आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते थे और अंत तक पूरी टीम इसी तरीके से खेलकर बड़ा स्कोर खड़ा करती थी। टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं थी, लेकिन सभी खिलाड़ी छोटी और उपयोगी पारियां खेलकर बड़े स्कोर में योगदान देते थे। इसकी बड़ी वजह थी टीम की बल्लेबाजी में गहराई। इस बार भी कोलकाता की टीम ऐसी ही है। आठवें नंबर पर सुनील नरेन और नौवें नंबर पर शिवम मावी टीम की बल्लेबाजी को गहराई देते हैं।
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वहीं सुनील नरेन, पैट कमिंस और वरुण चक्रवर्ती जैसे खिलाड़ी किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर सकते हैं। खासकर नरेन और चक्रवर्ती की स्पिन गेंदबाजी कई बल्लेबाजों की समझ से परे है। ऐसे में ये गेंदबाज भी विपक्षी टीमों के लिए बड़ा खतरा होंगे।
डेथ गेंदबाजी होगी चिंता का विषय
कोलकाता की टीम के पास बल्लेबाज और स्पिन गेंदबाज तो काफी बेहतरीन हैं, लेकिन डेथ गेंदबाजी टीम के लिए चिंता का विषय होगी। कमिंस के अलावा कोलकाता की टीम में अनुभवी गेंदबाज नहीं हैं। रसेल और मावी उनके साथ अंतिम ओवरों में गेंदबाजी कर सकते हैं, लेकिन मावी के पास ज्यादा अनुभव नहीं है। वहीं रसेल और कमिंस कई मौकों पर महंगे साबित हुए हैं।
अपने दम पर मैच पलट सकते हैं ये खिलाड़ी
कोलकाता के पास भी रसेल और कमिंस जैसे कई खिलाड़ी हैं, जो अपने दम पर टीम को मैच जिता सकते हैं। टीम के पास वेंकटेश अय्यर के रूप में बेहतरीन ऑलराउंडर है, जो गेंद बल्ले दोनों के साथ बहुमूल्य योगदान दे सकता है। इसके अलावा श्रेयस अय्यर ने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में दिखाया कि वो किस श्रेणी के बल्लेबाज हैं। वहीं आंद्रे रसेल, पैट कमिंस और सुनील नरेन जैसे खिलाड़ी अपने दिन में किसी भी टीम के मुट्ठी से मैच छीन सकते हैं।
कोलकाता की संभावित प्लेइंग-11
वेंकटेश अय्यर, अजिंक्य रहाणे, श्रेयस अय्यर (कप्तान), नितीश राणा, सैम बिलिंग्स (विकेटकीपर), आंद्रे रसेल, पैट कमिंस, सुनील नरेन, शिवम मावी, वरुण चक्रवर्ती, उमेश यादव।