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सुशील दोशी की कलम से: सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मुश्किल होगा मुकाबला, इस बार विश्व कप जीत सकता है भारत
सार
भारत ने विश्व कप में लीग राउंड के आखिरी मुकाबले में नीदरलैंड को 160 रन से हराया। इसके साथ ही उसने टूर्नामेंट में उसने नौवीं जीत हासिल की। टीम इंडिया विश्व कप के इस संस्करण में अब तक अजेय है। नीदरलैंड के खिलाफ मिली जीत के बाद मशहूर कमेंटेटर सुशील दोशी ने टीम इंडिया के प्रदर्शन पर अपनी राय रखी है।
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सुशील दोशी की कलम से
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नमस्कार! मैं सुशील दोशी एक बार फिर से आपका स्वागत करता हूं। विश्व कप के मुकाबले बहुत ही जोरदार चल रहे हैं। भारत धमाकेदार प्रदर्शन करके नियमित रूप से जीत हासिल कर रहा है और लगातार आगे बढ़ता जा रहा है। साथ ही दीपावली पर देश को यह शुभकामना संदेश भी दे रहा है कि अगर कुछ अद्भुत न घटा तो यह टूर्नामेंट वह जीत सकता है। अभी तक जिस दादागिरी के साथ और जिस एकतरफा तरीके से वह मुकाबले जीत रहा है, उससे सभी को चौंक गए हैं।
ऐसा बहुत कम होता है कि आप सभी मुकाबले जीते और पहले नंबर पर रहे। नौ मुकाबले भारत ने लगातार जीते और बड़ी-बड़ी टीमों को पराजित किया। अब सेमीफाइनल का मुकाबला है। नीदरलैंड के खिलाफ भारत का जो मैच हुआ, उसकी कमेंट्री मैं भी कर रहा था। बंगलूरू से आंखों देखा हाल आकाशवाणी से सुना रहा था। मैंने देखा कि भारतीय खिलाड़ी जीत रहे हैं, यह तो अलग बात है, लेकिन जिस तरह से खेल रहे हैं वह शानदार है। खिलाड़ी स्वछंद तरीके से अपने प्रदर्शन को अंजाम दे रहे हैं। सभी खुशी मना रहे हैं और चेहरों पर चमक है। कोई ऐसा दिखता नहीं कि किसी तरह का दबाव हो। बिल्कुल प्रसन्नता से एक-दूसरे की सफलता में खुशियां मना रहे हैं।
विराट कोहली अन्य खिलाड़ियों को शाबाशी दे रहे हैं। अन्य खिलाड़ी दूसरे खिलाड़ियों को शाबाशी दे रहे हैं। ऐसी एकजुटता और ऐसी कर्मठता किसी भारतीय क्रिकेट टीम में मैंने सालों में नहीं देखी। इस मामले में मैं बीसीसीआई को बधाई देना चाहूंगा। उन्होंने टीम को इस तरह से पिरोया है। सबको अपनी भूमिका का पता है। इसी कारण ये आशा बन रही है कि इस बार भारत विश्व कप जीत सकता है। इसके बाद भी विरोधियों को हल्के में नहीं लेना है।
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ये बात जरूर है कि भारतीय बल्लेबाजों की चमत्कारिक प्रदर्शन को देखकर विरोधियों के हौसले पस्त हो रहे हैं। सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मुकाबला है। बहुत ही बड़ी और खतरनाक टीम है। पिछली बार 2019 में उनके हाथों पराजित हुए थे। हम यहां हारना नहीं चाहेंगे, क्योंकि भारतीय दर्शकों के बीच में मैच हो रहा है। हमारी जानी-पहचानी परिस्थितियों के बीच मैच हो रहा है। माहौल और पिच को हम जानते हैं। भारतीय दर्शक का इतना बड़ा समर्थन है। इस लिहाज से न्यूजीलैंड पर दबाव ज्यादा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुकाबला इतना आसान नहीं होता है।
अगर आपको विश्व विजेता बनना है तो आपको हर तरह की बाधा को पार करना आना चाहिए। भारतीय टीम यही दिखा रही है। अभी तक टीम इंडिया की शारीरिक भाषा एक विजेता की तरह है। इस कारण मैं कह सकता हूं कि भारत ये तमाम बाधाओं को पार करके ये टूर्नामेंट जीत सकता है। आपमें प्रतिभा रहती है तभी आप देश के लिए खेलते हैं। सवाल ये है कि उस प्रतिभा को मैच के दिन परिणाम में कैसे बदलते हैं ये ज्यादा महत्वपूर्ण है।
सबसे अच्छी बात है कि जो खिलाड़ी पहले फॉर्म में नहीं थे वो अब फॉर्म में नजर आ रहे हैं। श्रेयस अय्यर ने जो शतक लगाया उसने दिल का काफी बढ़ा दिया है। उससे लग गया है कि भारतीय मध्यक्रम भी काफी मजबूत है। शुरुआत में शुभमन गिल, रोहित शर्मा और विराट कोहली किसी कारण नहीं चले तो हम श्रेयस अय्यर और केएल राहुल पर भरोसा कर सकते हैं। रवींद्र जडेजा तो हर दम के साथी हैं ही। इस तरह भारतीय बल्लेबाजी में गहराई आ गई है। भारतीय गेंदबाजी में वह बात है कि कम रन भी हो तो बचाव कर सकते हैं। इस तरह से भारतयी क्रिकेट निरंतर आगे बढ़ रहा है और विश्व कप जीतने का सपना साकार होने का समय आ गया है।
सेमीफाइनल को 15 तारीख को न्यूजीलैंड से महत्वपूर्ण होगा। उससे पहले पार पाना होगा। फाइनल की बात बाद में सोचनी चाहिए। पहले जो सामने चुनौती है उसको पार करने के बारे में सोचनी चाहिए। मुझे मालूम है कि भारतीय थिंक टैंक और राहुल द्रविड़ यही सोच रहे होंगे। आशा है भारत इस बार वह काम कर गुजरेगा जिसके लिए पूरा देश इंतजार कर रहा है।
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ऐसा बहुत कम होता है कि आप सभी मुकाबले जीते और पहले नंबर पर रहे। नौ मुकाबले भारत ने लगातार जीते और बड़ी-बड़ी टीमों को पराजित किया। अब सेमीफाइनल का मुकाबला है। नीदरलैंड के खिलाफ भारत का जो मैच हुआ, उसकी कमेंट्री मैं भी कर रहा था। बंगलूरू से आंखों देखा हाल आकाशवाणी से सुना रहा था। मैंने देखा कि भारतीय खिलाड़ी जीत रहे हैं, यह तो अलग बात है, लेकिन जिस तरह से खेल रहे हैं वह शानदार है। खिलाड़ी स्वछंद तरीके से अपने प्रदर्शन को अंजाम दे रहे हैं। सभी खुशी मना रहे हैं और चेहरों पर चमक है। कोई ऐसा दिखता नहीं कि किसी तरह का दबाव हो। बिल्कुल प्रसन्नता से एक-दूसरे की सफलता में खुशियां मना रहे हैं।
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विराट कोहली अन्य खिलाड़ियों को शाबाशी दे रहे हैं। अन्य खिलाड़ी दूसरे खिलाड़ियों को शाबाशी दे रहे हैं। ऐसी एकजुटता और ऐसी कर्मठता किसी भारतीय क्रिकेट टीम में मैंने सालों में नहीं देखी। इस मामले में मैं बीसीसीआई को बधाई देना चाहूंगा। उन्होंने टीम को इस तरह से पिरोया है। सबको अपनी भूमिका का पता है। इसी कारण ये आशा बन रही है कि इस बार भारत विश्व कप जीत सकता है। इसके बाद भी विरोधियों को हल्के में नहीं लेना है।
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ये बात जरूर है कि भारतीय बल्लेबाजों की चमत्कारिक प्रदर्शन को देखकर विरोधियों के हौसले पस्त हो रहे हैं। सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मुकाबला है। बहुत ही बड़ी और खतरनाक टीम है। पिछली बार 2019 में उनके हाथों पराजित हुए थे। हम यहां हारना नहीं चाहेंगे, क्योंकि भारतीय दर्शकों के बीच में मैच हो रहा है। हमारी जानी-पहचानी परिस्थितियों के बीच मैच हो रहा है। माहौल और पिच को हम जानते हैं। भारतीय दर्शक का इतना बड़ा समर्थन है। इस लिहाज से न्यूजीलैंड पर दबाव ज्यादा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुकाबला इतना आसान नहीं होता है।
अगर आपको विश्व विजेता बनना है तो आपको हर तरह की बाधा को पार करना आना चाहिए। भारतीय टीम यही दिखा रही है। अभी तक टीम इंडिया की शारीरिक भाषा एक विजेता की तरह है। इस कारण मैं कह सकता हूं कि भारत ये तमाम बाधाओं को पार करके ये टूर्नामेंट जीत सकता है। आपमें प्रतिभा रहती है तभी आप देश के लिए खेलते हैं। सवाल ये है कि उस प्रतिभा को मैच के दिन परिणाम में कैसे बदलते हैं ये ज्यादा महत्वपूर्ण है।
सबसे अच्छी बात है कि जो खिलाड़ी पहले फॉर्म में नहीं थे वो अब फॉर्म में नजर आ रहे हैं। श्रेयस अय्यर ने जो शतक लगाया उसने दिल का काफी बढ़ा दिया है। उससे लग गया है कि भारतीय मध्यक्रम भी काफी मजबूत है। शुरुआत में शुभमन गिल, रोहित शर्मा और विराट कोहली किसी कारण नहीं चले तो हम श्रेयस अय्यर और केएल राहुल पर भरोसा कर सकते हैं। रवींद्र जडेजा तो हर दम के साथी हैं ही। इस तरह भारतीय बल्लेबाजी में गहराई आ गई है। भारतीय गेंदबाजी में वह बात है कि कम रन भी हो तो बचाव कर सकते हैं। इस तरह से भारतयी क्रिकेट निरंतर आगे बढ़ रहा है और विश्व कप जीतने का सपना साकार होने का समय आ गया है।
सेमीफाइनल को 15 तारीख को न्यूजीलैंड से महत्वपूर्ण होगा। उससे पहले पार पाना होगा। फाइनल की बात बाद में सोचनी चाहिए। पहले जो सामने चुनौती है उसको पार करने के बारे में सोचनी चाहिए। मुझे मालूम है कि भारतीय थिंक टैंक और राहुल द्रविड़ यही सोच रहे होंगे। आशा है भारत इस बार वह काम कर गुजरेगा जिसके लिए पूरा देश इंतजार कर रहा है।