{"_id":"6437b52b9c6724ae5908c86a","slug":"supreme-court-slams-ex-ipl-commissioner-lalit-modi-for-remarks-against-judiciary-directs-him-to-tender-apology-2023-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalit Modi: न्यायपालिका के खिलाफ टिप्पणी करने पर SC ने ललित मोदी को लगाई फटकार, बिना शर्त माफी मांगने को कहा","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Lalit Modi: न्यायपालिका के खिलाफ टिप्पणी करने पर SC ने ललित मोदी को लगाई फटकार, बिना शर्त माफी मांगने को कहा
Thu, 13 Apr 2023 02:50 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 13 Apr 2023 02:50 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट में न्यायपालिका के खिलाफ अपनी टिप्पणी पर आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को फटकार लगाई है। साथ ही उन्हें बिना शर्त माफी मांगने के निर्देश भी दिए हैं।
विज्ञापन
ललित मोदी
- फोटो : Social Media
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट में न्यायपालिका के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की गुरुवार को जमकर खिंचाई की और उन्हें बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया।
यह देखते हुए कि ललित मोदी कानून और संस्था से ऊपर नहीं हैं, जस्टिस एमआर शाह और सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा कि कोर्ट उनके द्वारा दायर जवाबी हलफनामे से संतुष्ट नहीं है।
शीर्ष अदालत ने पूर्व-आईपीएल आयुक्त को सोशल मीडिया और प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों में भी माफी मांगने का निर्देश दिया।
शीर्ष अदालत ने उन्हें माफी मांगने से पहले एक हलफनामा दायर करने का भी निर्देश दिया और कहा कि भविष्य में ऐसी कोई पोस्ट नहीं की जाएगी जो भारतीय न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने के लिए दूर-दूर तक समान हो।
विज्ञापन
इससे पहले ललित मोदी ने बुधवार को एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था- केवल यह स्पष्ट करने के लिए कि ये दलाल झूठ फैलाकर भारत और इसकी न्यायपालिका को बदनाम करते हैं। वे दिखावे के अलावा और कुछ नहीं कर सकते और फिक्सिंग के लिए पैसे की मांग करते हैं। हालांकि, यह ट्वीट किस बारे में था अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसा बताया जा रहा है कि ललित मोदी ने अपने ऊपर लगे मामलों को लेकर टिप्पणी की है।
विज्ञापन
यह देखते हुए कि ललित मोदी कानून और संस्था से ऊपर नहीं हैं, जस्टिस एमआर शाह और सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा कि कोर्ट उनके द्वारा दायर जवाबी हलफनामे से संतुष्ट नहीं है।
विज्ञापन
शीर्ष अदालत ने पूर्व-आईपीएल आयुक्त को सोशल मीडिया और प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों में भी माफी मांगने का निर्देश दिया।
शीर्ष अदालत ने उन्हें माफी मांगने से पहले एक हलफनामा दायर करने का भी निर्देश दिया और कहा कि भविष्य में ऐसी कोई पोस्ट नहीं की जाएगी जो भारतीय न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने के लिए दूर-दूर तक समान हो।
विज्ञापन
इससे पहले ललित मोदी ने बुधवार को एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था- केवल यह स्पष्ट करने के लिए कि ये दलाल झूठ फैलाकर भारत और इसकी न्यायपालिका को बदनाम करते हैं। वे दिखावे के अलावा और कुछ नहीं कर सकते और फिक्सिंग के लिए पैसे की मांग करते हैं। हालांकि, यह ट्वीट किस बारे में था अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसा बताया जा रहा है कि ललित मोदी ने अपने ऊपर लगे मामलों को लेकर टिप्पणी की है।
Just to clarify that these touts give india and it’s judiciary a bad name by peddling lies. They can’t do anything but show up and demand money for fixing
— Lalit Kumar Modi (@LalitKModi) April 12, 2023