फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   Supreme Court gave a big blow to Mohammad Shami, hearing will be held again in the four year old case

Mohammad Shami: मोहम्मद शमी को सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा झटका, चार साल पुराने मामले में फिर होगी सुनवाई

Thu, 06 Jul 2023 04:14 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Thu, 06 Jul 2023 04:14 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दहेज प्रताड़ना के मामले में चार साल से कोई सुनवाई नहीं हुई है। यह पीड़िता के अधिकारों का हनन है। साथ ही सु्प्रीम कोर्ट ने एक महीने के अंदार पूरे मामले को निपटाने के लिए कहा है।
 

विज्ञापन
Supreme Court gave a big blow to Mohammad Shami, hearing will be held again in the four year old case
शमी और हसीन जहां - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के सत्र न्यायाधीश से कहा है कि भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां की याचिका पर एक महीने के भीतर सुनवाई करें और उसका निपटारा करें। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि यह संभव नहीं है तो सत्र न्यायाधीश इसमें संशोधन के लिए स्टे का कोई भी आदेश पारित कर सकते हैं।
विज्ञापन

भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हसीन जहां के मामले में पिछले चार साल से सुनवाई नहीं हुई है। 
विज्ञापन


अदालत ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अलीपुर ने 29 अगस्त 2019 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इस आदेश को शमी ने सत्र न्यायालय के समक्ष चुनौती दी थी, जिसने नौ सितंबर 2019 को गिरफ्तारी वारंट और सुनवाई पर रोक लगा दी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


शीर्ष अदालत ने कहा कि सुनवाई नहीं हुई है और मुकदमे पर रोक पिछले चार वर्षों से जारी है। अदालत ने संबंधित सत्र न्यायाधीश को एक महीने की अवधि के भीतर आपराधिक पुनरीक्षण लेने और निपटाने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि यह संभव नहीं है, तो सत्र न्यायाधीश स्थगन आदेश में संशोधन के लिए आदेश पारित कर सकती है।

हसीन जहां ने कोलकाता उच्च न्यायालय के 28 मार्च 2023 के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें सत्र न्यायालय के आदेश को रद्द करने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। अब हसीन जहां ने आरोप लगाया है कि शमी उनसे दहेज की मांग करते थे। याचिका के अनुसार, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अलीपुर ने 29 अगस्त 2019 को शमी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इस आदेश को शमी ने सत्र न्यायालय के समक्ष चुनौती दी थी, जिसने नौ सितंबर 2019 को गिरफ्तारी वारंट और कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। शमी की पत्नी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया, लेकिन यहां उन्हें निराश होना पड़ा। उन्होंने 28 मार्च 2023 के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने कहा कि लागू आदेश स्पष्ट रूप से कानून में गलत है, जो त्वरित सुनवाई के उनके अधिकार का खुला उल्लंघन है।

शमी की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका में चिंता जताई कि कानून के तहत मशहूर हस्तियों के साथ कोई विशेष व्यवहार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, विशेष रूप से, पिछले चार वर्षों से, मुकदमा आगे नहीं बढ़ा है और रुका हुआ है। याचिका में कहा गया "वर्तमान मामले में आपराधिक मुकदमा पिछले चार वर्षों से बिना किसी उचित वजह के रुका हुआ है, शमी ने आपराधिक मुकदमा रोकने की अपील भी नहीं की थी। उन्होंने सिर्फ गिरफ्तारी रोकने की बात कही थी। इस प्रकार, सत्र न्यायालय ने गलत और पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया, जिसके कारण उनके अधिकारों और हितों को गंभीर रूप से खतरे में डाला गया।"


याचिका में आगे कहा गया "आरोपी व्यक्ति के पक्ष में इस तरह का स्टे दिया जाना कानून की दृष्टि से गलत है और इससे गंभीर पूर्वाग्रह पैदा हुआ है। पीड़िता इस हाई प्रोफाइल आरोपी के क्रूर हमले और हिंसा के अवैध कृत्य का शिकार है। जिला एवं सत्र न्यायालय, अलीपुर और साथ ही कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस आदेश के जरिए आरोपी को अनुचित लाभ दिया है। यह न केवल कानून में बुरा है बल्कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के भी खिलाफ है।"
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed